Punjabi Devi Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

गह गह करेला अंगनवा (Gah Gah Karela Anganwa) - Ritika Pandey Kiran Singh Devigeet Song Mata Bhajan

पढ़ें गह गह करेला अंगनवा (Gah Gah Karela Anganwa) - Ritika Pandey Kiran Singh Devigeet Song Mata Bhajan - BhaktiLok का शुद्ध पाठ, शब्दार्थ, विस्तृत हिंदी भाव

Ritika Pandey Kiran Singh Devigeet Song Mata Bhajan - BhaktiLok

श्रेणी: देवी गीत, भोजपुरी भक्ति गाना | अद्यतन: 2026 | संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

माता की आराधना का भारतीय संस्कृति में अत्यंत विशिष्ट स्थान है। नवरात्रि, चैती छठ, या किसी भी मांगलिक उत्सव के अवसर पर माँ भगवती के देवी गीत घर-घर की फिजाओं को भक्तिमय बना देते हैं। प्रसिद्ध गायिका रितिका पांडे और किरण सिंह की मधुर स्वर लहरियों से सजा यह लोकप्रिय देवी गीत "गह गह करेला अंगनवा" माता के आगमन, उनके दिव्य प्रताप और घर-परिवार में होने वाले आध्यात्मिक आनंद का सजीव चित्रण करता है। 'गह गह' शब्द का अर्थ यहाँ माता की उपस्थिति से चमकने वाले, जगमगाने वाले और उनकी ऊर्जा से पवित्र होने वाले आँगन से है। जब कोई भक्त पूर्ण श्रद्धा, भाव और विनीत हृदय से माता का आह्वान करता है, तो संपूर्ण परिवेश दिव्यता से भर जाता है। यह भजन न केवल लोक संगीत की परंपरा को जीवंत करता है, बल्कि श्रोताओं के मन में माँ के प्रति अगाध प्रेम, समर्पण और विश्वास की भावना को भी जागृत करता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

भजन के मूल बोल नीचे दिए गए हैं, जिन्हें आप माता के पूजन या संध्या आरती के समय सस्वर गा सकते हैं:

गह गह करेला अंगनवा

गह गह करेला अंगनवा

गह गह करेला अंगनवा

गह गह करेला अंगनवा

गह गह करेला अंगनवा

गह गह करेला अंगनवा

(स्थाई एवं अंतरा भाव विस्तार)
मइया मोर आईली भवनवा, जागे ला भाग हमार,
चरण पखारन बइठी सजनी, बरसे अमृत धार।
दीया तले अँधियारा भागे, मन भइले उजियारा,
दर्शन पाके धन्य भइलू अंगना दुअरा।
गह गह करेला अंगनवा...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस लोकप्रिय देवी गीत में 'गह गह करेला अंगनवा' पंक्ति का गहरा आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक अर्थ है। यहाँ 'अंगनवा' केवल घर का भौतिक आँगन नहीं है, बल्कि यह मानव हृदय, अंतःकरण और आत्मा का प्रतीक है। जब साधक के जीवन में भगवती दुर्गा, माता शेरावाली या कुलदेवी की कृपा बरसती है, तो उसका अंतःकरण 'गह गह' यानी आलोकित, प्रफुल्लित और पवित्र हो उठता है।

भजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि जहाँ सात्विक भाव, निष्कलंक प्रेम और सच्ची श्रद्धा होती है, वहाँ माता स्वयं निवास करती हैं। उनकी उपस्थिति मात्र से निराशा के अंधकार दूर हो जाते हैं और जीवन में सकारात्मकता की ऊर्जा प्रवाहित होने लगती है। रितिका पांडे और किरण सिंह की ओपम शैली में गाए गए इन स्वरों से भक्तों को ऐसा अनुभव होता है मानो साक्षात् जगदम्बा उनके द्वार पर पधारी हों।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

भोजपुरी लोक संस्कृति में देवी गीतों का विशिष्ट स्थान रहा है। यह भजन ग्रामीण और शहरी दोनों ही परिवेशों में समान रूप से लोकप्रिय है। इसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • लोक शैली का सम्मिश्रण: पारंपरिक लोक धुनों और शास्त्रीय मिजाज का सुंदर मेल।
  • मानसिक शांति: इस भजन को सुनने मात्र से मन को असीम शांति और संबल मिलता है।
  • पारिवारिक सौहार्द: नवरात्रि और मांगलिक आयोजनों में महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से गाए जाने के लिए अत्यंत उपयुक्त।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

माता के इन सुमधुर गीतों को प्रातः काल उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर या संध्या बेला में दीपक प्रज्वलित करते समय सुना या गाया जा सकता है। नवरात्रि के नौ दिनों में विशेष रूप से जब माता के पंडाल सजते हैं या घरों में घटस्थापना होती है, तब ऐसे देवी गीतों का गायन वातावरण को पूरी तरह ऊर्जावान और पवित्र बना देता है। आप चाहें तो अन्य लोकप्रिय देवी भजन भी सुन सकते हैं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संदर्भ
गह गह चमकना, जगमगाना, जीवंत होना माता की ऊर्जा से परिवेश और मन का प्रफुल्लित होना।
अंगनवा आँगन (घर का मुख्य प्रांगण) भक्त का हृदय और जीवन का पवित्र क्षेत्र।
भवनवा भवन, मंदिर या घर देवी का वास स्थान।
चरण पखारन चरण धोना परम श्रद्धा और समर्पण का भाव।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम गह गह करेला अंगनवा (Gah Gah Karela Anganwa)
गायिका रितिका पांडे (Ritika Pandey) एवं किरण सिंह (Kiran Singh)
श्रेणी देवी गीत / भोजपुरी माता भजन
भाषा भोजपुरी / हिंदी
मुख्य भाव भक्ति, उल्लास, मातृत्व प्रेम और स्वागत
उपयुक्त अवसर नवरात्रि, मंगलवार/शुक्रवार पूजा, देवी जागरण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

'गह गह करेला अंगनवा' गीत की मुख्य गायिका कौन हैं?

इस लोकप्रिय देवी गीत को प्रसिद्ध लोक और भक्ति गायिका रितिका पांडे और किरण सिंह ने अपने सुमधुर स्वरों से सजाया है।

इस भजन का मुख्य आध्यात्मिक संदेश क्या है?

यह भजन हमें सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा और पवित्र हृदय से जब हम माँ का आह्वान करते हैं, तो हमारा जीवन और मन दोनों आनंद और दिव्यता से भर जाते हैं।

इस गीत को किस अवसर पर सुनना सबसे अच्छा रहता है?

इसे शारदीय या चैत्र नवरात्रि, माता के जागरण, कन्या पूजन या किसी भी धार्मिक उत्सव के दौरान सुनना बेहद आनंददायक होता है।

क्या यह गीत भोजपुरी भाषा में है?

हाँ, यह पारंपरिक भोजपुरी देवी गीत शैली में रचित है जिसे उत्तर भारत में बहुत पसंद किया जाता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह पृष्ठ लोक संस्कृति, पारंपरिक देवी गीतों और भक्ति साहित्य के संरक्षण के उद्देश्य से संपादकीय रूप से तैयार सामग्री के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया है। यदि आप देवी उपासना से जुड़े अन्य ग्रंथ पढ़ना चाहते हैं, तो आप दुर्गा सप्तशती पाठ का भी अध्ययन कर सकते हैं।

अस्वीकरण: यहाँ दी गई जानकारी पारंपरिक लोक मान्यताओं और उपलब्ध सामग्री पर आधारित है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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