Hanuman Bhajan बुधवार विशेष (भगवान श्री गणेश व बुध देव)

उड़े उड़े बजरंगबाली लिरिक्स भजन ( Ude Ude Bajrangbali Lyrics in Hindi ) - Hanuman Bhajan Sangrah LAKHBIR SINGH LAKKHA

उड़े उड़े बजरंगबाली लिरिक्स हिंदी में पढ़ें। लक्खी सिंह लक्खा का प्रसिद्ध हनुमान भजन, संदर्भ एवं व्याख्या सहित। गाएं और भक्ति भाव जगाएं।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

प्रस्तावना एवं परिचय

उड़े उड़े बजरंगबली जब उड़े उड़े
उड़े उड़े बजरंगबली रे जब उड़े उड़े
हनुमान उड़े उड़ते ही गये
सब देख रहे है खड़े रे खड़े
उड़े उड़े बजरंगबली जब उड़े उड़े।।
ओ पहली बार उड़े बचपन में
सूरज मूह में दबाए
सूरज मूह में दबाए
हाहाकार मचा त्रिभुवन में
सुर नर सब घबराए
सुर नर सब घबराए
इंद्र देव जब क्रोधित होकर
अपना वज्र चलाए
पवन देव जब कुपित हुए
सब बजरंग इन्हे बनाए
बजरंग इन्हे बनाए
विनती करने दर पे पवन के
आके सुर नर सब ही जुड़े
उड़े उड़े बजरंगबली जब उड़े उड़े।।
दूजी बार उड़े तो फांदे
ये विकराल समंदर
ये विकराल समंदर
राम नाम ले करके कूदे
गढ़ लंका के अंदर
गढ़ लंका के अंदर
फूक दिए सोने की लंका
मारे विर धुरंधर
काम देख बजरंगबली के
कांप गया था दशकंधर
और तहस नहस कर लंका को
वापस है आप मुड़े
उड़े उड़े बजरंगबली जब उड़े उड़े।।
तीजी बार उड़े तो हनुमत
पर्वत ही ले आए
पर्वत ही ले आए
राम चंद्र के काज संवारे
लखन के प्राण बचाए
लखन के प्राण बचाए
‘शर्मा’ गले लगाकर रघुवर
बोले बजरंग बाला
जय हो जय हो तेरी
ओ अंजनी के लाला
‘लख्खा’ मिला दिए बजरंगबलि
देखो दो भाई बिछुड़े
उड़े उड़े बजरंगबली जब उड़े उड़े।।
मैं अज्ञानी मूरख हूँ
तुम बल बुद्धि के दाता
तुम बल बुद्धि के दाता
है अजर अमर हो संकट मोचन
और हो भक्त विधाता
और हो भक्त विधाता
तेरे चरणों में बजरंगी
मन ये मेरा जुड़ जाए
मारो ऐसी फूक की
मेरे पाप सभी उड़ जाए
बजरंगबली तेरे चरणों में
आकर के हम है पड़े
उड़े उड़े मेरे पाप प्रभु सब उड़े उड़े
उड़े उड़े मेरे पाप प्रभु सब उड़े उड़े।।
उड़े उड़े बजरंगबली जब उड़े उड़े
उड़े उड़े बजरंगबली रे जब उड़े उड़े
हनुमान उड़े उड़ते ही गये
सब देख रहे है खड़े रे खड़े
उड़े उड़े मेरे पाप प्रभु सब उड़े उड़े
उड़े उड़े मेरे पाप प्रभु सब उड़े उड़े।।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "उड़े उड़े बजरंगबाली लिरिक्स भजन ( Ude Ude Bajrangbali Lyrics in Hindi ) - Hanuman Bhajan Sangrah LAKHBIR SINGH LAKKHA - Bhaktilok" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।

क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?

हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।

शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?

हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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