Shri Shani Dev Arati मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

आले हो आले गणपती बाप्पा ( Aale Ho Aale Ganapati Bappa With Lyrics in Hindi)- Ganpati Songs Marathi

आले हो आले गणपती बाप्पा गीत हिंदी और मराठी में पढ़ें। संदर्भ एवं व्याख्या सहित गणेशोत्सव स्पेशल मराठी भक्ति गीत।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

प्रस्तावना एवं परिचय

आले हो आले गणपती बाप्पा 
Aale Ho Aale Ganapati Bappa 
आले हो आले गणपती बाप्पा 
Aale Ho Aale Ganapati Bappa 
दाही दिशांना, दाही दिशांना
Dahi Dishana, Dahi Dishana
गुलाल उधळू चला
Gulal Udhalu Chala
आले हो आले गणपती बाप्पा 
Aale Ho Aale Ganapati Bappa 
आले हो आले गणपती बाप्पा 
Aale Ho Aale Ganapati Bappa 
कशी रंगांची उधळण रस्त्यावर
Kashi Rangachi Udhalan Rastyavar
पोर दौलत नाचती तालावर
Por Daulat Nachati Talavar
कशी रंगांची उधळण रस्त्यावर
Kashi Ranganchi Udhalan Rastyavar
पोर दौलत नाचती तालावर
Por Daulat Nachati Talavar
बोला मोरया हो मोरया
Bola Morya Ho Morya
बोला मोरया हो मोरया
Bola Morya Ho Morya
फुलांची बरसात करू चला 
Fulanchi Barsaat Karu Chala
आले हो आले गणपती बाप्पा 
Aale Ho Aale Ganapati Bappa 
आले हो आले गणपती बाप्पा 
Aale Ho Aale Ganapati Bappa 
जोडी जोडीत फुगडी रंगली ग
Jodi Jodit Fugadi Rangali Ga
अन वाद्यांची संगत जमली ग
An Vadhyanchi Sangat Jamli Ga
जोडी जोडीत फुगडी रंगली ग
Jodi Jodit Fugadi Rangali G
अन वाद्यांची संगत जमली ग
An Vadhyanchi Sangat Jamli G
आज जल्लोष, आज जल्लोष धुंडित सारेजन
Aaj Jalosh, Aaj Jalosh Dhundit Saarejan
आज जल्लोष धुंडित सारेजन
Aaj Jalosh Dhundit Saarejan
नच नाचुनी बेभान होउ चला
Nach Nachuni Bebhan Hou Chala
आले हो आले गणपती बाप्पा 
Aale Ho Aale Ganapati Bappa 
आले हो आले गणपती बाप्पा 
Aale Ho Aale Ganapati Bappa 
दुमदुमक ढोल हा वाजला
Dumdumak Dhol Ha Vajla
कसा चौघडा मधेच झनानला
Kasa Chaughada Madhech Zhananla
दुमदुमक ढोल हा वाजला
Dumdumak Dhol Ha Vajla
कसा चौघडा मधेच झनानला
Kasa Chaughada Madhech Zhananla
सात सुरात, सात सुरात सनई नादावली
Saat Surat, Saat Surat Sanai Nadavali
सात सुरात सनई नादावली
Saat Surat Sanai Nadavali
झांजले झिम मस्तीत खेळू चला 
Zhanjle Jhim Mastit Khelu Chala 
आले हो आले गणपती बाप्पा 
Aale Ho Aale Ganapati Bappa 
आले हो आले गणपती बाप्पा 
Aale Ho Aale Ganapati Bappa 
दाही दिशांना, दाही दिशांना
Dahi Dishana Dahi Dishana
गुलाल उधळू चला
Gulal Udhalu Chala
आले हो आले गणपती बाप्पा 
Aale Ho Aale Ganapati Bappa 
आले हो आले गणपती बाप्पा 
Aale Ho Aale Ganapati Bappa 

Also Read Shri Ganesh Bhajan:-

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "आले हो आले गणपती बाप्पा ( Aale Ho Aale Ganapati Bappa With Lyrics in Hindi)- Ganpati Songs Marathi - Bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!