Hanuman Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

आजाओ बजरंगी अब तेरा सहारा है (Aa Jao Bajrangi Ab tera Sahara Hai ) - Shri Hanuman Bhajan

हनुमान जी की भक्ति में रचा यह भजन उन्हें संकटों से उबारने और सुरक्षा प्रदान करने का माध्यम है।

प्रस्तावना एवं परिचय

हनुमान भक्तों के लिए उद्धार: बजरंग बली का भजन

इस भजन के माध्यम से भक्त हनुमान से साहारा और सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं।

आजाओ बजरंगी अब तेरा सहारा है। भावुक मन से मैं तेरा प्यारा है। तेरे नाम से हर एक मुसीबत टल जाए। भैरवी जो बुरी नज़र से बचे वो तेरा दास है। हाथ में हूं जब तक तेरा जादू चले। आजाओ बजरंगी अब तेरा सहारा है। प्रभु तेरे चरणों में ना कोई तीरथ है। जो तेरा भक्त है वो बस तेरे नाम में। संकट में जो लग जाए तेरा नाम सदा। तू कर दे मुझको फिर से हर मुश्किल मिटाए। आजाओ बजरंगी अब तेरा सहारा है। आयुर्वेद की शक्ति से हर एक बुराई। तेरे प्यार में अद्भुत सार है। प्रभु तेरा भव्य स्मरण ही मेरी याम है। हर एक देश में तू करता तू सारा है। आजाओ बजरंगी अब तेरा सहारा है।
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में 'आजाओ बजरंगी अब तेरा सहारा है' की पंक्ति भक्त की गहरी आस्था और समर्पण को दर्शाती है। हनुमान जी, जो शक्ति और साहस का प्रतीक हैं, उनकी कृपा से सभी बाधाएं दूर हो सकती हैं। सर्वत्र दुख और संकटों का सामना करते हुए भक्तजन अपने भीतर एक अद्भुत साहस पाते हैं। 'प्रभु तेरे चरणों में ना कोई तीर्थ है' यह पंक्ति दर्शाती है कि हनुमान जी की उपासना से बढ़कर कोई अन्य साधना नहीं है। यह भक्ति भाव से युक्त है और जीवन की कठिनाइयों में हनुमान जी की महिमा का गुणगान करती है।

भजन में 'भैरवी जो बुरी नज़र से बचे वो तेरा दास है' से भावनात्मक गहराई उत्पन्न होती है। भक्तजन निजी अनुभव के माध्यम से भगवान हनुमान से सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं। यह उपासना मानसिक शांति और स्थिरता प्रदान करती है। इसके जरिए भक्त अपने मन में एक अदृश्य बल की अनुभूति करते हैं, जो उन्हें हर संकट से बचाता है। भावुकता से भरा यह भजन भक्त को हिम्मत और प्रेरणा देता है, जिससे वे अपनी दुःखपूर्ण स्थितियों का सामना कर सकें।

इस भजन में भक्ति मार्ग का निरूपण बड़ी उत्कृष्टता से किया गया है। भक्तजन अपने समर्पण के जरिए हनुमान जी को अपने जीवन के हर कठिनाई में उनका साथी मानते हैं। यह भक्ति समर्पण का प्रतीक है, जिसमें भक्त का हृदय पूरी तरह से ईश्वर के प्रति अभिभूत है। 'संकट में जो लग जाए तेरा नाम सदा' यह दर्शाता है कि मनुष्य की भक्ति और विश्वास के माध्यम से किसी भी कठिनाई का समाधान संभव है। हनुमान जी की आराधना आस्तिकता और श्रद्धा के साथ जुड़ी हुई है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन की पंक्तियाँ हमें रामायण काल की याद दिलाती हैं, जहाँ हनुमान जी ने भगवान राम के प्रति अपनी अनन्य भक्ति प्रदर्शित की थी। पौराणिक ग्रंथों में हनुमान जी को एक आदर्श भक्त और शक्ति का पुरस्कार प्रस्तुत किया जाता है। रामायण में हनुमान जी ने जब सीता जी के साथ राम के ज्ञान को साझा किया, तब यह समझ में आया कि समर्पण, साहस और शक्ति के संसाधनों का संचित होना कितना आवश्यक है। इस भजन में हनुमान जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई है, जो उनकी अद्वितीय शक्ति और कृपा का प्रतीक है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान जी के इस भजन के जाप से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और तनावमुक्ति की प्राप्ति होती है। यह भजन स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की अनुभूति करता है। हनुमान का स्मरण करने से भक्त मानसिक और आध्यात्मिक दृढ़ता प्राप्त करते हैं, जो संकट के समय में उन्हें सहारा देती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह या शाम को शांति से ध्यान करते हुए करना श्रेयस्कर है। पूजा स्थल को स्वच्छ करें और दीप जलाएं, साथ ही कुछ फल या मिठाई का भोग चढ़ाएं। सही मुद्रा में बैठकर, मन को शांत करते हुए हनुमान जी का ध्यान करना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्यों इस भजन का जाप करना चाहिए?

यह भजन हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने और संकटों को दूर करने का एक शक्तिशाली साधन है। इसे जाप करने से भक्त ने असीम शक्ति और साहस की अनुभव प्राप्त करती है।

इस भजन का विशेष महत्व क्या है?

यह भजन रामायण के संदर्भ में हनुमान जी की भक्ति और साहस का स्वरूप है। यह भक्तों को संकट के समय में विश्वास और साहस प्रदान करता है।

क्या इस भजन का जाप नियमित करना चाहिए?

हाँ, यदि भक्त इस भजन का नियमित जाप करते हैं तो यह उन्हें मानसिक संतुलन, तनाव मुक्त और सकारात्मक सोच में सहायता करता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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