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देवघर नगरिया ( Devghar Nagariya in Hindi ) - Mona Singh, Kiran Singh Bolbam Song

देवघर नगरिया बोलबम गीत Mona Singh और Kiran Singh का। सावन और कांवड़ यात्रा के लिए बाबा बैद्यनाथ के इस लोकप्रिय भोजपुरी भक्ति गीत के बोल पढ़ें।

बोलबम स्पेशल गीत 2022

देवघर नगरिया (Devghar Nagariya in Hindi) - Mona Singh, Kiran Singh Bolbam Song

श्रावण मास और बोलबम की पावन यात्रा को समर्पित, मोना सिंह और किरण सिंह द्वारा स्वरबद्ध यह अत्यंत लोकप्रिय भोजपुरी बोलबम गीत भगवान भोलेनाथ के धाम देवघर की महिमा का गुणगान करता है। शिव भक्तों के उत्साह, कांवड़ यात्रा के उल्लास और बाबा बैद्यनाथ के दरबार की दिव्यता को दर्शाता यह भक्ति गीत हर शिव भक्त के अंतर्मन को झंकृत कर देता है।

सम्पूर्ण गीत के बोल | Complete Devghar Nagariya Lyrics

स्थाई / मुखड़ा (Mukhda):

सज गईल बा देवघर नगरिया, सज गईल बा देवघर नगरिया,
आइल बा सावन के पावन महिना, गूंजे बोलबम डमरियरिया!
चलs कांवर लेके सजनी देवघर नगरिया,
जहाँ बरसे ला भोले बाबा के दया के नगरिया।

अंतरा 1 (Antara 1):

लाल-लाल कांवड़ कंधे पे धरे ले, बम लोग हर-हर महादेव करे ले!
सुल्तानगंज से जलवा उठा के, देवघर बाबा के धाम चले ले।
रस्ता में बाटे कवनो न दरिया, साथ में चले ला खुद डमरूहरिया!
चलs कांवर लेके सजनी देवघर नगरिया...

अंतरा 2 (Antara 2):

मोना सिंह, किरण सिंह मिल के गावे, शिव के भजन से मन हरसावे!
बैद्यनाथ धाम के महिमा अपार बा, दर्शन कर के जीवन सफल विचार बा।
पाप कट जाई पूरा जहिया, दर्शन पाई जब त्रिपुरारिया!
चलs कांवर लेके सजनी देवघर नगरिया...

गीत का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Song Meaning & Bhavarth

मोना सिंह और किरण सिंह द्वारा गाया गया यह बोलबम गीत देवाधिदेव महादेव के परम धाम देवघर (बैद्यनाथ धाम) की यात्रा के उल्लास को बहुत ही सुंदर शब्दों में व्यक्त करता है। गीत के माध्यम से कांवड़ियों (बम) की अटूट आस्था और समर्पण भाव का सजीव चित्रण किया गया है।

सावन के महीने में प्रकृति भी शिवमय हो जाती है। भक्तगण सुल्तानगंज से उत्तर वाहिनी गंगा से जल उठाकर, कठिन पैदल यात्रा तय करते हुए बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचते हैं। गीत में यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार मार्ग की कठिनाइयां शिव भक्तों के उत्साह को डिगा नहीं पातीं, क्योंकि उन्हें विश्वास होता है कि उनके साथ स्वयं भगवान भोलेनाथ चल रहे हैं।

इस गीत का मुख्य संदेश यही है कि सावन का महीना शिव साधना का सर्वोत्तम काल है। देवघर की नगरिया में प्रवेश करते ही समस्त सांसारिक कष्ट और चिंताएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं तथा जीव को परम शांति की अनुभूति होती है। इसी प्रकार के अन्य पावन गीतों और स्तोत्रों के लिए आप शिव तांडव स्तोत्र का भी पाठ कर सकते हैं।

गीत की मुख्य भावना एवं संदेश | Theme, Emotion & Message

अटूट शिव भक्ति

गीत शिव के प्रति कांवड़ियों के अनन्य प्रेम, अटूट विश्वास और बिना थके लंबी यात्रा पूरी करने के संकल्प को दर्शाता है।

सावन और कांवड़ यात्रा

श्रावण मास की संस्कृति, केसरिया वस्त्र धारी बमों का हुजूम और 'बोलबम' के नारों से गूंजते रास्तों का जीवंत सांस्कृतिक चित्रण।

मुक्ति और आनंद

बाबा बैद्यनाथ के दर्शन मात्र से मनुष्य के समस्त पापों के क्षय होने और मोक्ष प्राप्ति की सनातन मान्यता पर प्रकाश डाला गया है।

गीत की जानकारी | Song Information

विवरण (Parameter) जानकारी (Details)
गीत का नाम देवघर नगरिया (Devghar Nagariya)
गायिका मोना सिंह (Mona Singh), किरण सिंह (Kiran Singh)
संगीत शैली भोजपुरी बोलबम गीत / शिव भजन
पर्पस / अवसर सावन मास, कांवड़ यात्रा, शिवरात्रि
भाषा भोजपुरी / हिंदी
प्रमुख आराध्य भगवान भोलेनाथ (बाबा बैद्यनाथ)

कठिन शब्दों के अर्थ | Difficult Word Meanings

शब्द (Word) सरल अर्थ (Simple Meaning) संदर्भ (Context)
देवघर देवताओं का घर (झारखंड स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग धाम) बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर
बम / बोलबम शिव भक्तों (कांवड़ियों) द्वारा एक-दूसरे को कहा जाने वाला संबोधन शिव के जयकारे के रूप में
सुल्तानगंज बिहार का वह पवित्र स्थान जहाँ से गंगा जल उठाया जाता है कांवड़ यात्रा का प्रारंभिक बिंदु
त्रिपुरारिया त्रिपुर असुर का वध करने वाले (भगवान शिव) शिवजी का एक नाम

गीत का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व | Spiritual & Cultural Significance

भोजपुरी लोक संस्कृति में बोलबम गीतों का एक विशिष्ट स्थान है। श्रावण मास में जब संपूर्ण उत्तर भारत शिवमय हो जाता है, तब ऐसे गीत भक्तों की थकान को दूर करने और उनमें नई ऊर्जा का संचार करने का कार्य करते हैं। मोना सिंह और किरण सिंह की सुरीली आवाज में यह गीत कांवड़ियों के संघर्ष और उल्लास का प्रतीक बन जाता है।

धार्मिक दृष्टि से देवघर स्थित श्री बैद्यनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहाँ की यात्रा का संपूर्ण विधि-विधान समझने के लिए आप हमारे प्रमुख ज्योतिर्लिंग एवं मंदिर दर्शन लेख का भी अध्ययन कर सकते हैं। यह गीत भक्तों को आंतरिक रूप से शुद्ध होने और अपने अहंकार को त्यागकर भगवान शिव की शरण में जाने की प्रेरणा देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह लोकप्रिय बोलबम गीत प्रसिद्ध भोजपुरी गायिका मोना सिंह और किरण सिंह द्वारा स्वरबद्ध किया गया है।

यह गीत मुख्य रूप से पवित्र सावन महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान और भगवान शिव की आराधना के समय गाया और सुना जाता है।

देवघर (झारखंड) भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक 'बाबा बैद्यनाथ धाम' के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है, जहाँ सावन में लाखों श्रद्धालु जल अर्पण करने आते हैं।

अधिकांश कांवड़िए बिहार के सुल्तानगंज स्थित उत्तर वाहिनी गंगा से पवित्र जल भरकर देवघर की पैदल यात्रा तय करते हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह पृष्ठ लोक संस्कृति, पारंपरिक बोलबम गीतों और सनातन शिव भक्ति परंपरा के संरक्षण एवं प्रसार हेतु तैयार किया गया है। सभी गीत के बोल और अर्थ प्रामाणिक स्रोतों और लोक परंपराओं के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री | Bhaktilok Editorial Board

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यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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