Hanuman Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

Hanumanji Hanumanji Daya Bhakton Pe I BABLA MEHTA, GULSHAN KUMAR I Jai Shree Hanuman

बाबला मेहता की आवाज में 'हनुमानजी हनुमानजी दया भक्तों पे' भजन के लिरिक्स और भावार्थ पढ़ें। संकटमोचन हनुमान जी की कृपा पाने के लिए आज ही गाएं।

"Hanumanji Hanumanji Daya Bhakton Pe" एक अत्यंत भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी भजन है, जिसे सुप्रसिद्ध गायक बाबला मेहता ने अपनी मधुर आवाज़ में पिरोया है। टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार जी के मार्गदर्शन में तैयार यह प्रस्तुति कलयुग के जागृत देव, संकटमोचन श्री हनुमान जी की असीम करुणा और भक्तों के प्रति उनके वात्सल्य को समर्पित है। यह भजन केवल एक संगीतमय रचना नहीं, बल्कि एक भक्त की पुकार है जो अपने आराध्य से संकटों के निवारण और भक्ति की शक्ति की याचना करता है। हनुमान जी, जो प्रभु श्री राम के अनन्य सेवक और बल, बुद्धि व विद्या के दाता हैं, इस भजन के माध्यम से भक्तों को यह विश्वास दिलाते हैं कि वे सदैव उनके साथ हैं। इस भजन का श्रवण मन में साहस का संचार करता है और नकारात्मकता को दूर कर भक्ति के मार्ग को प्रशस्त करता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

हनुमान जी, हनुमान जी, दया भक्तों पे दिखलाओ,
संकट मोचन नाम तुम्हारा, संकट सब मिटाओ।
हनुमान जी, हनुमान जी, दया भक्तों पे दिखलाओ...

राम दूत तुम बल के सागर, अंजनी पुत्र कहलाते हो,
भक्तों की जब भीड़ पड़े, तुम दौड़े चले आते हो।
दुखियों के तुम दुख हरते हो, खुशियाँ तुम बरसाओ,
हनुमान जी, हनुमान जी, दया भक्तों पे दिखलाओ...

लंका जाके आग लगाई, सीता माँ को खोजा था,
लक्ष्मण जी के प्राण बचाए, पर्वत तुम ले आए थे।
वैद्य सुषेण की बात मानकर, संजीवनी तुम लाए हो,
हनुमान जी, हनुमान जी, दया भक्तों पे दिखलाओ...

राम नाम की माला जपते, राम हृदय में बसते हो,
भक्तों की तुम लाज बचाते, संकट में तुम हँसते हो।
दास तुम्हारे द्वार खड़े हैं, दर्शन हमें कराओ,
हनुमान जी, हनुमान जी, दया भक्तों पे दिखलाओ...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन में भक्त हनुमान जी को 'संकट मोचन' कहकर संबोधित करता है। भावार्थ यह है कि हे प्रभु, आप भक्तों के दुखों को हरने वाले हैं, अतः आप अपनी कृपा दृष्टि हम पर भी डालें। भजन की पंक्तियों में हनुमान जी के उन महान कार्यों का स्मरण किया गया है, जो उन्होंने प्रभु श्री राम की सेवा में किए थे। लंका दहन, माता सीता की खोज और लक्ष्मण जी के प्राणों की रक्षा के लिए संजीवनी बूटी लाना—ये सभी प्रसंग हनुमान जी की अपार शक्ति और सेवा भाव को दर्शाते हैं। भक्त प्रार्थना करता है कि जिस प्रकार आपने त्रेतायुग में प्रभु के कार्य सिद्ध किए, उसी प्रकार आज कलयुग में हमारे जीवन के कष्टों को दूर करें और हमें राम भक्ति का वरदान दें।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति भाव: यह भजन 'दास्य भाव' की भक्ति को प्रदर्शित करता है, जहाँ भक्त स्वयं को हनुमान जी का दास मानकर उनके चरणों में शरणागत होता है।
  • संकट निवारण: हनुमान जी को 'संकट मोचन' कहा गया है, जो भक्तों के भय और बाधाओं को दूर करने में सक्षम हैं।
  • प्रेरणा: यह भजन श्रोताओं को कठिन समय में धैर्य रखने और हनुमान जी के प्रति अटूट विश्वास रखने की प्रेरणा देता है।
  • सांस्कृतिक धरोहर: गुलशन कुमार जी के युग के भजनों में यह एक कालजयी रचना है, जो आज भी मंदिरों और घरों में श्रद्धा के साथ सुनी जाती है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को मंगलवार और शनिवार के दिन विशेष रूप से सुनना अत्यंत फलदायी माना जाता है। हनुमान जी की पूजा के समय, दीपक जलाकर और धूप-दीप अर्पित करने के बाद इस भजन का गायन करना चाहिए। इसे आप अपने दैनिक पूजा अनुष्ठान, हनुमान चालीसा पाठ के बाद या किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में सुन सकते हैं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ
संकट मोचन दुखों और कष्टों को दूर करने वाले
बल के सागर असीम शक्ति के स्वामी
अंजनी पुत्र माता अंजनी के पुत्र (हनुमान जी)
संजीवनी मृत्यु को टालने वाली दिव्य औषधि

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम हनुमान जी, दया भक्तों पे दिखलाओ
गायक बाबला मेहता
प्रेरक गुलशन कुमार
मुख्य देवता श्री हनुमान जी
विषय भक्ति, समर्पण, संकट निवारण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

मंगलवार और शनिवार का दिन हनुमान जी की विशेष पूजा के लिए समर्पित है, इसलिए इन दिनों इस भजन को सुनना अत्यंत शुभ माना जाता है।

हाँ, हनुमान जी के भजनों का श्रवण मन को एकाग्र करता है और नकारात्मक विचारों को दूर कर मानसिक शांति प्रदान करता है।

संबंधित भजन एवं लेख

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री पारंपरिक भक्ति साहित्य, हनुमान जी के पौराणिक प्रसंगों और लोक-भजन परंपराओं के आधार पर संकलित की गई है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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