Punjabi Devi Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

निमिया के डाढ़ मईया - माता भजन (Nimiye Ke Dadh Maiya - Nishu Shreya Bhakti)

निशु श्रेया द्वारा गाए गए लोकप्रिय देवी भजन 'निमिया के डाढ़ मईया' का आनंद लें। माँ दुर्गा की भक्ति से ओत-प्रोत इस मधुर भजन के बोल और भावार्थ यहाँ पढ़ें।

देवी गीत भजन

माता भजन | Nimiye ke Dadh Maiya - Nishu Shreya Bhakti Song | Devigeet Video - BhaktiLok

सनातन धर्म और लोक संस्कृति के संगम में आदिशक्ति माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान करने वाले देवी गीतों का विशेष स्थान है। विशेष रूप से शारदीय और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसरों पर गाए जाने वाले पारंपरिक लोक भजन भक्तों के अंतःकरण को भक्तिमय ऊर्जा से भर देते हैं। 'निमिया के डाढ़ मईया' (Nimiye ke Dadh Maiya) शीर्षक से सजी यह प्रस्तुति, जिसे लोकप्रिय गायिका निशु श्रेया (Nishu Shreya) ने अपनी मधुर वाणी से संवारा है, माँ भगवती के उस दिव्य स्वरूप का स्मरण कराती है जो नीम के वृक्ष की डालियों पर विराजमान होकर अपने बाल-गोपाल रूपी भक्तों की रक्षा करती हैं। इस भजन का भाव केवल एक गीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सनातन लोक-चेतना, प्रकृति प्रेम और देवी के प्रति अगाध समर्पण का जीवंत प्रतीक है। भक्तिलोक (BhaktiLok) के इस विस्तृत आलेख में हम इस पावन भजन के सम्पूर्ण बोल, गहन भावार्थ, गायन परंपरा और आध्यात्मिक महत्व का रसास्वादन करेंगे।

अपडेटेड: अप्रैल 2026 • श्रेणी: देवी गीत / लोक भजन • स्वर: निशु श्रेया

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

शुद्ध उच्चारण और पूर्ण भक्ति भाव के साथ माँ भगवती के इस पावन लोक भजन के संपूर्ण बोल का स्मरण करें:

॥ स्थायीय / मुखड़ा ॥

निमिया के डाढ़ मईया झुलेली झुमना,
झुलेली झुमना हो मईया झुलेली झुमना...
अँगना में बाजेई बधैया हो मईया झुलेली झुमना।

॥ प्रथम अंतरा ॥

सातों बहिनी मिलि झुला झुलावें,
सुगवा तोता मिलि मंगल गावें...
मईया के चहुं दिशि लागे लछमना,
अँगना में बाजेई बधैया हो मईया झुलेली झुमना।

॥ द्वितीय अंतरा ॥

लाल-लाल चुनरिया मईया के सोहे,
मुखड़ा देखि के संसारी मन मोहे...
चरणन में झुके सुर-मुनि-रछमना,
अँगना में बाजेई बधैया हो मईया झुलेली झुमना।

॥ तृतीय अंतरा ॥

भक्तन के कारज तू पल में संवारे,
डूबी हुई नइया तू ही पार उतारे...
निशु श्रेया गावे मईया महिमा अपमना,
अँगना में बाजेई बधैया हो मईया झुलेली झुमना।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

यह लोक भजन ग्रामीण और पारंपरिक संस्कृति की उस सुगंध से परिपूर्ण है जहाँ देवी को किसी महलों या सिंहासन पर नहीं, बल्कि प्रकृति के सानिध्य में विराजमान देखा जाता है। 'निमिया के डाढ़ मईया' का शाब्दिक अर्थ है - वह माता जो नीम के पेड़ की डालियों (डाढ़) पर निवास करती हैं। सनातन धर्म में नीम के वृक्ष को आरोग्य की देवी शीतला और माँ दुर्गा का ही स्वरूप माना गया है।

भजन के मुखड़े में माता के झूला झूलने और उनके दरबार में उत्सव का वर्णन है। जब जगत जननी प्रसन्न होकर भक्तों के आंगन में झूला झूलती हैं, तो संपूर्ण सृष्टि में आनंद की लहर दौड़ जाती है और बधाइयां बजने लगती हैं। अंतरा में सातों बहनों (अर्थात महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती, शीतला, शाकंभरी आदि विभिन्न मातृका शक्तियों) के मिलने और सुगवा (तोता - जो संदेशवाहक और शुभता का प्रतीक है) के मंगल गीत गाने का सुंदर चित्रण है। यह रूपक इस बात का द्योतक है कि प्रकृति के सभी जीव-जंतु भी देवी की आराधना में लीन रहते हैं।

अंत में गायिका निशु श्रेया यह संदेश देती हैं कि माँ दुर्गा अपने शरणागत भक्तों के सभी संकटों को पल भर में हर लेती हैं और भवसागर से उनकी नैया पार लगाती हैं। यह भजन साधारण शब्दों के माध्यम से अत्यंत गहरा आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक संबल प्रदान करता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • प्रकृति के प्रति सम्मान: इस भजन में नीम के वृक्ष (निमीय) को पवित्र मानकर पर्यावरण और आध्यात्मिकता का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया गया है।
  • लोक संस्कृति का संवर्धन: यह गीत लोक धुनों और पारंपरिक शैली पर आधारित है जो सीधे जनमानस के हृदय को स्पर्श करता है।
  • नारियों की शक्ति का प्रतीक: सातों बहनों का उल्लेख भारतीय संस्कृति की मातृशक्ति और सामूहिक उपासना पद्धति को दर्शाता है।
  • मानसिक शांति और उल्लास: इस भजन का श्रवण करने से मन का अवसाद दूर होता है और घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

देवी गीतों और भजनों को गाने या सुनने के लिए विशेष नियमों के साथ-साथ शुद्ध भाव का होना आवश्यक है। इस भजन को निम्नलिखित अवसरों पर विशेष रूप से अपनाया जा सकता है:

🌸 नवरात्रि के पावन दिन

चैत्र और शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में सुबह और संध्या काल की पूजा के समय इसे बजाना बेहद फलदायी माना गया है।

🏡 माता का जगराता एवं अनुष्ठान

घरों में होने वाले देवी जागरण, चौकी या सोहर-बधाई के कार्यक्रमों में यह लोक गीत समां बांध देता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / पदावली सरल हिंदी अर्थ संदर्भ / भावार्थ
निमिया नीम का वृक्ष माता दुर्गा का प्रिय वास स्थल
डाढ़ डाल या टहनी वृक्ष की वह शाखा जिस पर झूला पड़ा है
झुलेली झूला झूलती हैं देवी की प्रसन्नता और उत्सव का प्रतीक
बधैया मंगल गीत / बधाई गान खुशी के अवसर पर गाए जाने वाले गीत
सुगवा तोता (शुक) शुभ संदेश देने वाला पक्षी

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम निमिया के डाढ़ मईया (Nimiye ke Dadh Maiya)
प्रमुख गायिका निशu श्रेया (Nishu Shreya)
संगीत शैली पारंपरिक लोक देवी गीत / भोजपुरी-हिंदी भक्ति संगीत
ाराध्य देवी आदिशक्ति माँ दुर्गा / शीतला माता
मुख्य विषय माता का श्रृंगार, झूला उत्सव और शरणागत की रक्षा
उपयुक्त अवसर नवरात्रि, देवी जागरण, शुक्रवार पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस लोकप्रिय देवी गीत को उभरती हुई और मधुर आवाज़ की धनी गायिका निशु श्रेया (Nishu Shreya) ने अपनी कला से सजाया है।

'निमिया के डाढ़' का अर्थ नीम के पेड़ की डालियों से है। लोक परंपरा में ऐसा माना जाता है कि माता दुर्गा और शीतला माता नीम के वृक्ष में वास करती हैं, इसलिए ग्रामीण अंचलों में नीम को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है।

यह भजन विशेष रूप से चैत्र और शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों, माता की चौकी, जागरण, और मंगलवार या शुक्रवार के देवी पूजन के अवसरों पर बहुत चाव से गाया और सुना जाता है।

हाँ, यह एक अत्यंत सरल और मधुर लोक धुन पर आधारित भजन है जिसे ढोलक, झाल और मंजीरे की थाप के साथ आसानी से महिलाओं और परिवार के सदस्यों द्वारा मिलकर गाया जा सकता है।

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संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री पारंपरिक लोक साहित्य, सांस्कृतिक संदर्भों और श्रोताओं की रुचि को ध्यान में रखते हुए संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है। इसका उद्देश्य सनातन लोक कला और देवी भक्ति का प्रसार करना है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 12 Oct 2026

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