Punjabi Devi Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

किरण सिंह - पारम्परिक देवीगीत (Hariyar Sugwa A Maiya)

पढ़ें हरियर सुग्वा ए मईया | किरण सिंह - पारम्परिक देवीगीत | Hariyar Sugwa A Maiya | Devigeet का शुद्ध पाठ, शब्दार्थ, विस्तृत हिंदी भावार्थ, पूजा विधि एवं आध्

"हरियर सुग्वा ए मईया" एक अत्यंत लोकप्रिय और हृदयस्पर्शी पारम्परिक देवीगीत है, जिसे सुप्रसिद्ध लोक गायिका किरण सिंह ने अपनी मधुर वाणी में पिरोया है। यह गीत भोजपुरी लोक संस्कृति और भक्ति परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ भक्त अपनी आराध्या देवी माँ को 'हरियर सुग्वा' (हरे रंग का तोता) के रूप में संबोधित करते हुए अपनी व्यथा और प्रार्थना उनके चरणों में समर्पित करता है। लोक गीतों में देवी को केवल एक शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक सखी, एक माँ और एक मार्गदर्शक के रूप में देखा जाता है। यह भजन विशेष रूप से शारदीय और चैत्र नवरात्रि के दौरान भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। इसमें निहित भाव 'अनन्य समर्पण' का है, जहाँ भक्त अपनी छोटी-छोटी इच्छाओं और जीवन की कठिनाइयों को माँ के समक्ष तोते के माध्यम से संदेश के रूप में पहुँचाना चाहता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

(स्थायी)
हरियर सुग्वा ए मईया, तोता बोलत बाड़े हो,
तोता बोलत बाड़े, मैया तोरी महिमा अपार बाड़े हो।
हरियर सुग्वा ए मईया, तोता बोलत बाड़े हो॥

(अंतरा 1)
पहाड़न पर चढ़ के मैया, ज्योत जगाईली,
भक्तन के दुःखवा तू, पल में मिटाईली।
सुन लs पुकार मैया, हमरो अरजवा हो,
तोता बोलत बाड़े, मैया तोरी महिमा अपार बाड़े हो॥

(अंतरा 2)
लाल चुनरिया मैया, तोहरे चढ़ावेनी,
नारियल चुनरी मैया, तोहरे चढ़ावेनी।
दर्शन दे दs मईया, हमरो भवानी हो,
तोता बोलत बाड़े, मैया तोरी महिमा अपार बाड़े हो॥

(अंतरा 3)
भोजपुरी माटी के, ई पावन गीत बा,
मैया के चरनन में, अर्पित प्रीत बा।
किरण सिंह गावेली, महिमा अपार हो,
तोता बोलत बाड़े, मैया तोरी महिमा अपार बाड़े हो॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा और भावनात्मक है। 'हरियर सुग्वा' (हरा तोता) यहाँ एक प्रतीक है। लोक परंपरा में तोते को संदेशवाहक माना गया है। भक्त अपनी माँ (दुर्गा) से प्रार्थना करता है कि जिस प्रकार तोता अपनी मधुर वाणी से सबका मन मोह लेता है, उसी प्रकार माँ की महिमा का गुणगान करते हुए भक्त का जीवन भी धन्य हो जाए। भक्त कहता है कि हे मैया, पहाड़ों (त्रिकुटा पर्वत) पर विराजमान होकर आपने जो ज्योत जलाई है, वह पूरे संसार के अंधकार को मिटाने वाली है। भक्त अपनी व्यथा को माँ के चरणों में समर्पित करता है और विश्वास व्यक्त करता है कि माँ उसकी पुकार अवश्य सुनेंगी। यह गीत केवल एक भजन नहीं, बल्कि एक बेटी का अपनी माँ से संवाद है, जहाँ वह अपनी छोटी-छोटी इच्छाओं को बिना किसी संकोच के माँ के सामने रख देती है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति भाव: यह गीत 'वात्सल्य' और 'सख्य' भाव का अद्भुत मिश्रण है।
  • सांस्कृतिक धरोहर: भोजपुरी लोक संगीत की मिठास और देवी भक्ति का संगम।
  • नवरात्रि का महत्व: नवरात्रि के नौ दिनों में माँ दुर्गा की आराधना के लिए यह एक अनिवार्य गीत माना जाता है।
  • सरलता: इसकी भाषा अत्यंत सरल है, जो सीधे हृदय को स्पर्श करती है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को नवरात्रि के दौरान सुबह की पूजा या शाम की आरती के समय गाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे गाते समय मन में माँ दुर्गा के प्रति पूर्ण समर्पण होना चाहिए। यदि आप इसे घर में गा रहे हैं, तो माँ की प्रतिमा के सामने दीपक जलाकर और पुष्प अर्पित करके इसे गाना चाहिए। यह भजन सामूहिक सत्संग में भी गाया जा सकता है, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

यह भजन भोजपुरी भाषा में रचित है। भोजपुरी की अपनी एक मिठास है जो भक्ति गीतों में और भी निखर कर आती है। इसमें 'लोक-शैली' का प्रयोग किया गया है, जहाँ शब्दों का चयन आम जनमानस की बोलचाल की भाषा से लिया गया है। उपमाओं के रूप में 'सुग्वा' (तोता) का प्रयोग इसे अन्य भजनों से अलग और विशिष्ट बनाता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ संदर्भ
हरियर हरा तोते के रंग के लिए
सुग्वा तोता संदेशवाहक का प्रतीक
अरजवा विनती/प्रार्थना माँ से की गई याचना
ज्योत अखंड ज्योति माँ की शक्ति का प्रतीक

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम हरियर सुग्वा ए मईया
गायिका किरण सिंह
भाषा भोजपुरी
विषय देवी भक्ति
मुख्य भाव समर्पण एवं विनय

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. 'हरियर सुग्वा ए मईया' भजन का मुख्य भाव क्या है?
    इसका मुख्य भाव माँ दुर्गा के प्रति अनन्य प्रेम और अपनी व्यथा को उनके चरणों में समर्पित करना है।
  2. यह भजन किस अवसर पर गाया जाता है?
    यह विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान और देवी जागरण में गाया जाता है।
  3. क्या यह भजन बच्चों के लिए उपयुक्त है?
    हाँ, इसकी भाषा सरल और मधुर है, जो बच्चों को भी भक्ति से जोड़ती है।
  4. किरण सिंह के अलावा क्या इसे अन्य कलाकारों ने गाया है?
    हाँ, यह एक पारम्परिक गीत है, जिसे कई लोक गायकों ने अपनी आवाज दी है, लेकिन किरण सिंह का संस्करण अत्यंत लोकप्रिय है।
  5. भजन में 'सुग्वा' का क्या अर्थ है?
    यहाँ सुग्वा का अर्थ 'तोता' है, जो माँ के प्रति संदेश भेजने का एक माध्यम माना गया है।
  6. क्या इस भजन को घर पर पूजा के समय गा सकते हैं?
    जी हाँ, इसे घर पर पूजा के समय गाना बहुत ही फलदायी माना जाता है।
  7. भोजपुरी देवी गीतों का क्या महत्व है?
    भोजपुरी देवी गीत हमारी लोक संस्कृति और भक्ति परंपरा को जीवित रखने का कार्य करते हैं।
  8. क्या यह भजन किसी विशेष देवी के लिए है?
    यह मुख्य रूप से माँ दुर्गा (भवानी) के लिए समर्पित है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ: यह लेख भक्तिलोक.इन की टीम द्वारा लोक परंपराओं और भक्ति साहित्य के गहन अध्ययन के पश्चात तैयार किया गया है। सामग्री का उद्देश्य भक्तों को देवी गीतों के भावार्थ से परिचित कराना है। संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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