Punjabi Devi Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

Pawan Singh का - नवमी के परब - Navmi Ke Parab - Devigeet

पवन सिंह का लोकप्रिय भोजपुरी देवीगीत 'नवमी के परब' सुनें। शारदीय और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ दुर्गा की भक्ति से जुड़ा विशेष गीत।

सुपरहिट नया देवीगीत - नवमी के परब - Navmi Ke Parab - Bhojpuri Devigeet

भोजपुरी संगीत जगत के पावर स्टार पवन सिंह का यह अत्यंत लोकप्रिय और भक्तिमय देवीगीत 'नवमी के परब' (Navmi Ke Parab) जगत जननी आदिशक्ति माँ दुर्गा के महान पर्व शारदीय एवं चैत्र नवरात्रि की महाष्टमी और महानवमी के पावन अवसर पर माता के भक्तों के बीच विशेष रूप से गूंजता है। सनातन संस्कृति में मातृशक्ति और आदिशक्ति की उपासना का पर्व नवरात्रि साधना, तपस्या, संयम और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर भोजपुरी लोक गायकी के सिरमौर पवन सिंह ने अपनी ओजस्वी, मधुर और भावपूर्ण वाणी से माता के दरबार में जो हाजिरी लगाई है, वह हर भक्त के हृदय को झंकृत कर देती है। गीत के बोल, संगीत की लय और पवन सिंह की गायन शैली मिलकर एक ऐसा दिव्य वातावरण तैयार करती है, जहाँ श्रोता खुद को माता के चरणों में समर्पित महसूस करता है। इस विस्तृत आलेख में हम 'नवमी के परब' देवीगीत के संपूर्ण बोल, इसके गहरे आध्यात्मिक अर्थ, रचनाकारों के योगदान, भोजपुरी भक्ति संगीत की परंपरा और नवरात्रि के पर्व पर इस गीत की प्रासंगिकता का गहन विश्लेषण प्रस्तुत कर रहे हैं।

सम्पूर्ण गीत के बोल | Complete Lyrics

मुखड़ा (Refrain):

नवमी के परब बा, माता के दरब बा,
झूला झूलेली शेरावाली, दर्शन दिअ तू भवानी भाल बिकाऊ बा!
भक्ति में डूबल बा जहान सारा, गूंजे ला जयकारा,
मैया के दरबार में आवेला नजारा प्यारा-प्यारा!

पहिला अंतरा (First Stanza):

अरुण बिहारी के रचना निराली, पवन सिंह गावे महिमा मतवाली,
छोटू बाबा के संगीत सजावे, हर भक्त के मन मोह लेवे!
दशहरा के मेला में लागे ला भीड़ भारी,
दर्शन खातिर खड़ी बा दुनिया सारी।
झोली भर दs मैया सबकर खाली,
आईल बा नवमी के पावन परब निराली!

दूसरा अंतरा (Second Stanza):

महालक्ष्मी, महासरस्वती, महाकाली रूप तोहार,
तीनउ लोक के चाल चलावे महिमा अपरम्पार!
कोई ध्यावे रोली-चंदन से, कोई नारियल चुनरी चढ़ावे,
पवन चरन में सीस झुका के आशीर्वाद पावे।
दुष्टन के संघार करे वाली शेरावाली,
भक्तन के संकट हरे वाली मईया कर्टाली!

समापन (Outro):

जय माता दी बोलs, झूम के नाचs,
नवमी के परब बा, मैया के गुण गावs!
सुरासुर वंदित पद पावन, जय अम्बे गौरी, जय माता दी!

गीत का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Song Meaning & Bhavarth

पवन सिंह द्वारा गाये गए इस लोकप्रिय देवीगीत 'नवमी के परब' का भावार्थ अत्यंत गहन और विशुद्ध भक्ति भाव से परिपूर्ण है। गीत के मुखड़े में नवरात्रि के अंतिम चरण यानी महानवमी के पर्व का उल्लेख करते हुए माता के दरबार की दिव्यता का वर्णन किया गया है। महानवमी का दिन सिद्धिदात्री माता की उपासना और हवन-पूजन का दिन होता है, जब व्रत का समापन होता है और माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की जाती है। गीत के माध्यम से कवि और गायक यह दर्शाना चाहते हैं कि किस प्रकार चैत्र या शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि पर संपूर्ण संसार माता की भक्ति में सराबोर हो जाता है।

पहले अंतरे में गीत के रचनाकार अरुण बिहारी और संगीतकार छोटू बाबा के योगदान को रेखांकित करते हुए माता के दरबार में लगने वाले मेलों और भक्तों की असीम भीड़ का जीवंत चित्रण किया गया है। यह प्रसंग उस सांस्कृतिक उल्लास को दर्शाता है जो भारत के गांवों और शहरों में नवरात्रि के दौरान देखने को मिलता है। लोग दूर-दूर से माता के दर्शन के लिए आते हैं और अपनी झोली में सुख-समृद्धि की कामना लेकर लौटते हैं।

दूसरे अंतरे में देवी के त्रिरूपों—महालक्ष्मी, महासरस्वती और महाकाली—का स्मरण किया गया है जो सृष्टि की उत्पत्ति, पालन और संहार की शक्ति हैं। भक्त विभिन्न प्रकार की पूजन सामग्री जैसे रोली, चंदन, नारियल और चुनरी के साथ माता की आराधना करते हैं। पवन सिंह अपने गीतों के माध्यम से यह संदेश देते हैं कि माता के चरणों में शीश झुकाने मात्र से मनुष्य के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

गीत की मुख्य भावना एवं संदेश | Theme, Emotion & Message

इस गीत का मूल भाव 'शरणागति' और 'मातृभक्ति' है। सनातन संस्कृति में ईश्वर को माता के रूप में देखने की प्राचीन परंपरा रही है, क्योंकि माता की ममता में किसी प्रकार का स्वार्थ नहीं होता। यह गीत भक्तों को यह सिखाता है कि जब मनुष्य अपने अहंकार का त्याग कर पूरी श्रद्धा के साथ आदिशक्ति के चरणों में नतमस्तक होता है, तो उसके जीवन के सभी संकट स्वतः समाप्त हो जाते हैं। उत्सवधर्मिता, सामूहिक आनंद और पारिवारिक सौहार्द इस गीत की मुख्य थीम हैं। यह गीत पीढ़ी दर पीढ़ी भोजपुरी समाज में देवी गीतों की समृद्ध परंपरा को जीवंत रखता है और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़े रखता है।

गीत की जानकारी | Song Information

गीत का नाम (Song Name) नवमी के परब (Navmi Ke Parab)
एल्बम (Album) Navmi Ke Parab
गायक (Singer) पवन सिंह (Pawan Singh)
गीतकार (Lyricist) अरुण बिहारी (Arun Bihari)
संगीत निर्देशक (Music Director) छोटू बाबा बसाही (Chhote Baba Basahi)
वीडियो निर्देशक (Video Director) ऋषि राज एवं आर्यन देव (Rishi Raj & Aryan Dev)
लेबल/कंपनी (Label) पीआरएस फिल्म्स (PRS Films)
भाषा (Language) भोजपुरी (Bhojpuri)
विषय (Theme) देवी भजन / नवरात्रि विशेष (Devi Bhajan / Navratri Special)

गीत के रचनाकार एवं कलाकार | Artists & Creators

भोजपुरी संगीत जगत में पवन सिंह किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। अपनी भारी-भरकम, सुरीली और रोबदार आवाज के लिए 'पावर स्टार' के रूप में जाने जाने वाले पवन सिंह ने दर्जनों सुपरहिट देवी गीत दिए हैं। 'नवमी के परब' गीत में उनकी गायकी का ओज और समर्पण साफ झलकता है। उनके साथ गीतकार अरुण बिहारी ने अपने शब्दों के चयन से इस भजन को साहित्यिक और लोक-संस्कृति का सुंदर संगम बनाया है। संगीतकार छोटू बाबा बसाही का संगीत पारंपरिक लोक धुनों और आधुनिक वाद्ययंत्रों का एक अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करता है, जो श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देता है। वीडियो निर्देशन और संपादन ने इस गीत को दृश्य रूप में भी उतना ही भव्य बना दिया है जितना कि यह श्रव्य रूप में है।

कठिन शब्दों के अर्थ | Difficult Word Meanings

शब्द (Word) सरल अर्थ (Simple Meaning) संदर्भ (Context)
परब पर्व या त्योहार नवमी तिथि का विशेष धार्मिक उत्सव
दरब दरबार या द्वार माता दुर्गा का पावन दरबार
शेरावाली शेर की सवारी करने वाली माँ दुर्गा का संबोधन
अपरम्पार जिसकी कोई सीमा न हो, असीम माता की महिमा और शक्ति के संदर्भ में
सुरासुर सुर (देवता) और असुर (दैत्य) समस्त ब्रह्मांड के जीव

गीत का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व | Spiritual & Cultural Significance

भोजपुरी अंचल में चैत्र और शारदीय नवरात्रि का पर्व अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पंडालों की सजावट, कलश स्थापना, कन्या पूजन और अखंड ज्योति के साथ माता की आराधना की जाती है। ऐसे समय में जब संपूर्ण समाज भक्ति के रंग में रंगा होता है, तब 'नवमी के परब' जैसे गीत सामाजिक एकता, सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने का कार्य करते हैं। यह गीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म की उस महान परंपरा का हिस्सा है जहाँ संगीत को मोक्ष और उपासना का मार्ग माना गया है।

गीत से मिलने वाली जीवन सीख | Life Lessons

यह देवीगीत हमें यह सिखाता है कि जीवन में कितनी भी बड़ी कठिनाइयां क्यों न आएं, यदि मनुष्य का विश्वास अदृश्य शक्ति और अपनी माता (ईश्वरी चेतना) पर अडिग है, तो वह हर मुश्किल को पार कर सकता है। संगीत और कला के माध्यम से अपनी भावनाओं को ईश्वर तक पहुंचाना भारतीय संस्कृति की विशेषता रही है। इसके साथ ही, यह गीत हमें सामूहिक उत्सवों में मिलजुलकर भाग लेने और समाज में भाईचारा बनाए रखने की प्रेरणा देता है। जैसे श्री हनुमान चालीसा हमें संकट के समय साहस देती है, वैसे ही ऐसे पावन देवी गीत मन को शांति और सकारात्मकता प्रदान करते हैं।

गीत सुनने का अवसर एवं परंपरा | When to Listen / Sing

यह गीत विशेष रूप से निम्नलिखित अवसरों पर सुनने और गुनगुनाने योग्य है:

  • शारदीय और चैत्र नवरात्रि की महाष्टमी और महानवमी के पावन दिनों में।
  • घर में माता की चौकी, जागरण या भजन-संध्या के आयोजन के दौरान।
  • दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन और पूजन के समय।
  • दैनिक पूजा-पाठ के दौरान जब मन को एकाग्र और आनंदित करना हो।
  • यात्रा करते समय सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए।

एक नजर में गीत की जानकारी | Song at a Glance

शीर्षक (Title) नवमी के परब - Navmi Ke Parab
गायक (Singer) पवन सिंह
शैली (Genre) भोजपुरी देवी गीत / लोक भजन
प्रमुख वाद्ययंत्र (Instruments) ढोलक, झाल, कीबोर्ड, सिंथेसाइज़र
उपयुक्त अवसर (Suitable Occasion) नवरात्रि, महाष्टमी, महानवमी
मुख्य संदेश (Main Message) माता के प्रति अगाध भक्ति और समर्पण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस सुपरहिट देवीगीत के गायक भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय पावर स्टार पवन सिंह हैं।

इस गीत के बोल अरुण बिहारी द्वारा लिखे गए हैं और इसका संगीत छोटू बाबा बसाही ने तैयार किया है।

यह गीत शारदीय और चैत्र नवरात्रि के विशेष अवसरों पर, विशेषकर महाष्टमी और महानवमी के दिन अत्यधिक सुना जाता है।

यह गीत 'PRS Films' के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था।

महानवमी के दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। यह दिन नवरात्रि साधना की पूर्णाहुति, कन्या पूजन और हवन का पावन अवसर होता है।

हाँ, यह एक शुद्ध भक्तिमय देवीगीत है जिसे परिवार के सभी सदस्य मिलकर नवरात्रि के दौरान सुन सकते हैं।

पवन सिंह ने अपने ओजस्वी स्वरों में सैकड़ों देवी गीत, शिव भजन और लोक पर्व गीत गाकर भोजपुरी भक्ति संगीत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी है।

भक्ति गीत सुनने से मन को असीम शांति मिलती है, तनाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री। इस आलेख में प्रस्तुत जानकारी पारंपरिक स्रोतों, गीत के आधिकारिक विवरण और लोक-संस्कृति के अध्ययन पर आधारित है। हमारा उद्देश्य पाठकों को प्रामाणिक, सुंदर और विस्तृत जानकारी प्रदान करना है ताकि वे अपनी संस्कृति और संगीत से गहराई से जुड़ सकें।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • भोजपुरी लोक संगीत एवं नवरात्रि परंपराएं - पारंपरिक अध्ययन
  • PRS Films ऑफिशियल रिलीज़ और एल्बम विवरण (Navmi Ke Parab)
  • सनातन धर्म ग्रंथ एवं दुर्गा सप्तशती परंपरा

संबंधित भजन एवं लेख

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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