Krishna Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

चली मेरी मात भवानी रे भजन इन हिंदी लिरिक्स

भक्ति भजन "चली मेरी मात भवानी रे भजन इन हिंदी लिरिक्स" के हिन्दी लिरिक्स, भावार्थ, माहात्म्य और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)। सनातन भक्ति परंपरा के अनुसार संकीर्तन के लाभ और विधि पढ़ें।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

चली मेरी मात भवानी रे भजन इन हिंदी लिरिक्स

चली मेरी मात भवानी रे |
माई सुनी लगे नगरीया |
चली मेरी मात भवानी रें |
माई सुनी लगे नगरीया।।

नौ दिन आई करन मेहमानी |
घर घर जगदम्बा महारानी -2
नैनन बरसे पानी रे |
माई सुनी लगे नगरीया |

चली मेरी मात भवानी रें |
माई सुनी लगे नगरीया।।
बात कहूं क्या अपने दिल की |
आज रुके ना रोके हिलकी -2

ये गलियां लगे वीरानी रे |
माई सुनी लगे नगरीया |
चली मेरी मात भवानी रें |
माई सुनी लगे नगरीया।।

अपने रथ से उतर तुम आओ |
मैया कुछ दिन और रुक जाओ -2
मगर मेरी बात ना मानी रे |
माई सुनी लगे नगरीया |

चली मेरी मात भवानी रें |
माई सुनी लगे नगरीया।।
अखियां भगतन की भर आई |
माई तोरी कैसे करूँ विदाई |

कहे ‘बेनाम’ कहानी रे |
माई सुनी लगे नगरीया |
चली मेरी मात भवानी रें |
माई सुनी लगे नगरीया

.
Khatu Shyam Bhajanतेरे चरण कमल में श्याम | Tere Charan Kamal Mein Shyam | Rath Yatra Special Acharya Mridul Krishan Shastri Krishna Bhajan 
हम बनभौरी वाले हैं | Hum Banbhori Wale Hain Mata Banbhori Bhajan Sonu Singla Video 
अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो: भजन (Are Dwarpalo Kanhaiya Se Keh Do Lyrics in Hindi ) 

आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की लिरिक्स ( Aarati Kunj Bihari Ki Lyrics in Hindi ) - भक्ति लोक
आश्रय श्याम तेरा | Aashray Shyam Tera Lyrics in Hindi | Lord Shyam Latest Beautiful Bhajan Mahesh Parmar 
एक बार तो कन्हैया हम जैसों से मिलो ( Kanhaiya Hum Jaiso Se Mila Lyrics in Hindi )
कर श्याम को याद पता नहीं क्या देदे | Kar Shyam Ko Yaad Lyrics in Hindi | Baba Khatu Shyam Bhajan | Aarti Sharma 

काली कमली वाला मेरा यार है (Kali Kmali Wala Mera Yar Hai Lyrics in Hindi ) 
कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आणो है ( Kirtan Ki Hai Raat Lyrics in Hindi ) - Deepraj Pandit Baba Shyam Bhaajn 
घनश्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है लिरिक्स ( Ghanashyam Teri Bansi Pagal Kar Lyrics in Hindi ) 

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा शुभ मुहूर्त">दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।
साझा करें:
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "चली मेरी मात भवानी रे भजन इन हिंदी लिरिक्स" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।
भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।
�� अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।
क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 11 Oct 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!