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मंजीरो सीतार मीरा ये लिना हाथ (Manjiro Sitar Meera Ye Lina Hath Lyrics in Hindi) - Meera Bai Bhajan by Prakash Mali

मीरा बाई का यह भजन राम की भक्ति का मधुर संगीत है, जो भक्तों के मन को भक्ति में डुबो देता है।

प्रस्तावना एवं परिचय

राम भक्ति का मधुर मंत्र: मीरा बाई का भजन

इस भजन के माध्यम से मीरा बाई ने राम की भक्ति का अमृत प्रसारित किया है, जो हर भक्त के मन को भक्ति में डुबो देता है।
मंजीरो सीतार मीरा ये लिना हाथ, मंजीरो सीतार मीरा ये लिना हाथ।
मेरा राधा सो हात, मेरा राधा सो हात।
राम जी का चरण छोड़कर, राधा मेरे संग मैं गीत गाई।

कान्हा कान्हा मेरे संग, गुप्त माताजी।
संग संग संग संगी, गोधूलि! तुमको लेकर चलूँ।
मुझे मत छोड़ना छोड़ना, बिन राधा के लीन।
सा लुड़ते लीन।

मेरा राधा सो हात, मेरा राधा सो हात।
साझा करें:
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ इस भजन में मीरा बाई ने अपने आराध्य राम के प्रति गहरी भक्ति और प्रेम को व्यक्त किया है। 'मंजीरो सीतार' का अर्थ है राम जी की महिमा को गान करना, जो संगीनी के रूप में मीरा की आत्मा के साथ संगम को दर्शाता है। मीरा का यह भाव कि 'मेरा राधा सो हाथ' इस बात को सप्रमणित करता है कि राधा और राम एकात्मकता में रहते हैं और उनकी भक्ति अभिनव रूप से अभिव्यक्त होती है। भजन में जब मीरा कहती हैं, 'राम जी का चरण छोड़कर', वे अपनी गहरी आस्था को बयां करती हैं कि शारीरिक रूप से कोई भी अन्य माध्यम उन्हें राम की भक्ति से वंचित नहीं कर सकता। यह भक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि हृदय के गहराई में निवास करती है।
भजन का एक और महत्वपूर्ण पक्ष उसकी भावनात्मक गहराई है। मीरा बाई का यह गीत उनकी गंभीर प्रेम भावनाओं को प्रकट करता है, जिसमें त्याग, समर्पण और भक्ति का समावेश है। 'गोधूलि! तुमको लेकर चलूँ' उस संध्या समय की भावना को दर्शाता है, जब दिनभर की चिंताओं के बाद भक्त अपने आराध्य से मिलकर शांति का अनुभव करना चाहता है। मीरा की वाणी में एक विशेष प्रकार की तड़प है, जो दर्शाती है कि वे भगवान राम से अलग नहीं हो सकतीं। उनके प्रेम के द्वारा, भक्तों को यह संदेश मिलता है कि भक्ति जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है।

इस भजन के माध्यम से मीरा बाई भक्ति मार्ग (भक्ति मार्ग) की गहराई को उजागर करती हैं। यह एक विविधता से भरा मार्ग है, जो प्रेम, श्रद्धा और भक्ति के द्वारा परमात्मा के साथ एकाकार होने का मार्ग प्रशस्त करता है। मीरा का समर्पण दर्शाता है कि भक्ति केवल राधा या राम की पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे इस मार्ग पर चलकर आत्मिक शांति और एकता का अनुभव करती हैं। यह भजन केवल भक्ति को तो नहीं दर्शाता, बल्कि यह एक जीवन शैली को भी प्रस्तुत करता है जिसमें जीवन के हर कठिनाई के बीच भी भक्ति का छाया बना रहे।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ मीरा बाई की भक्ति और संदर्भित भजन भारतीय पौराणिक और सांस्कृतिक वैभव के गहरे अनुसंधान की कथा को लेकर चलते हैं। उनके भजन रामायण के आदर्शों और कृष्ण की लीलाओं से जुड़े हुए हैं। उनकी भक्ति के पीछे छिपी गहरी भावना हमे सिखाती है कि भगवान को अपने हृदय में बसा कर रखना ही असली भक्ति है। यह भजन भक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत है और भक्तिकाव्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, जो जन-जन के हृदय में भक्ति की लहरें पैदा करता है।
प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। इस भजन का नियमित जाप करने से मानसिक शांति, आध्यात्मिक जागरूकता और भक्ति की भावना को बल मिलता है। यह तनाव में कमी करता है और भक्त के मन में सकारात्मकता का संचार करता है। इसके अलावा, ध्यान और भक्ति के माध्यम से बाहरी चिंताओं को भुलाकर अंदर की शांति का अनुभव भी कराते हैं।
🕒 साधना एवं गायन विधि इस भजन का उच्चारण सुबह या शाम के समय करना अत्यंत फायदेमंद होता है। पूजा स्थल पर दीप जलाना और सफेद फूल अर्पित करना सहित, ध्यान की मुद्रा में बैठकर इस भजन का गुनगुनाना चाहिए। इस समय, समर्पण और प्रेम की भावना से भरे मन के साथ राम के नाम का ध्यान करना उचित है।

�� अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) मीरा बाई का यह भजन कब लिखा गया था?यह भजन मीरा बाई ने उनके जीवन के आरंभिक दौर में लिखा था, जब उन्होंने भक्ति के रास्ते पर चलना प्रारंभ किया।
इस भजन में 'राधा' का क्या महत्व है?इस भजन में राधा का संदर्भ प्रेम और भक्ति का प्रतीक है, जो मीरा बाई के लिए राम का अविभाज्य रूप है।
इस भजन का उच्चारण करते समय क्या ध्यान रखना चाहिए?उच्चारण करते समय मन को क्षणिक चिंता से मुक्त करना चाहिए और सिर्फ भक्ति में मनन करना चाहिए।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 12 Oct 2026

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