अनुज पासवान द्वारा स्वरबद्ध 'शेर पे सवार होई हो' एक अत्यंत लोकप्रिय और हृदयस्पर्शी नवरात्रि भजन है। यह भजन माँ दुर्गा के उस दिव्य और रौद्र स्वरूप का आह्वान करता है, जो अपने भक्तों के दुखों का नाश करने के लिए सिंह पर आरूढ़ होकर आती हैं। नवरात्रि के पावन पर्व पर जब भक्त कलश स्थापना करते हैं और माँ की भक्ति में लीन होते हैं, तब यह भजन वातावरण को शक्ति और श्रद्धा से भर देता है। इस भजन में निहित 'लाल चुनरिया', 'भवन' और 'मूरतिया' जैसे शब्द माँ के प्रति भक्त के समर्पण और उनकी भव्यता को दर्शाते हैं। यह भजन न केवल एक संगीत रचना है, बल्कि यह भक्तों के लिए एक प्रार्थना है, जो उन्हें माँ की शरण में जाने और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है।
सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics
(मुखड़ा)
शेर पे सवार होई हो, मैया शेर पे सवार होई हो,
भक्तन के दुःख हरने खातिर, मैया शेर पे सवार होई हो।
(अंतरा 1)
नवरात्र के दिनवा अइले, कलश धराई हो,
मैया के मूरतिया, घर में सजाई हो।
भक्तन के दुःख हरने खातिर, मैया शेर पे सवार होई हो...
(अंतरा 2)
लाल चुनरिया ओढ़ के मैया, भवनवा में आई हो,
दुखिया के कष्ट मिटावे, मैया शेर पे सवार होई हो।
अनुज पासवान गावे, मैया के गुणगान हो,
भक्तन के दुःख हरने खातिर, मैया शेर पे सवार होई हो...
भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth
इस भजन का भावार्थ माँ दुर्गा की करुणा और उनकी शक्ति के मिलन को दर्शाता है। भक्त अनुज पासवान के माध्यम से यह प्रार्थना करता है कि हे माँ, आप सिंह पर सवार होकर आएं। सिंह शक्ति और साहस का प्रतीक है, और जब माँ उस पर सवार होती हैं, तो वे अधर्म और दुखों का विनाश करने वाली शक्ति का रूप धारण कर लेती हैं। भजन में नवरात्रि के आगमन का उल्लेख है, जहाँ भक्त कलश स्थापना करके माँ का स्वागत करते हैं। 'लाल चुनरिया' माँ के सौभाग्य और शक्ति का प्रतीक है। यह भजन हमें सिखाता है कि जब हम सच्चे मन से माँ का आह्वान करते हैं, तो वे हमारे घर और हृदय में वास करने आती हैं और हमारे सभी कष्टों को हर लेती हैं।
भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance
यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान गाया जाता है। इसकी मुख्य विशेषता इसकी सरलता और भावपूर्ण लय है, जो सामान्य जनमानस को माँ की भक्ति से जोड़ती है। यह भजन न केवल माँ दुर्गा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करता है, बल्कि यह नवरात्रि के अनुष्ठानों जैसे कलश स्थापना और मूर्ति सजाने की परंपरा को भी रेखांकित करता है।
भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing
इस भजन को नवरात्रि के नौ दिनों में सुबह-शाम की आरती के समय गाया जा सकता है। इसे घर में पूजा करते समय, मंदिर में कीर्तन के दौरान या व्यक्तिगत साधना में सुना जा सकता है। इसे गाते समय मन में माँ के सिंहवाहिनी स्वरूप का ध्यान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings
| शब्द | सरल अर्थ | संदर्भ |
|---|---|---|
| शेर पे सवार | सिंह पर आरूढ़ | माँ दुर्गा का वाहन |
| कलश धराई | कलश स्थापना | नवरात्रि का मुख्य अनुष्ठान |
| भवनवा | भवन या मंदिर | माँ का निवास स्थान |
| दुःख हरने | कष्ट दूर करने | भक्तों की प्रार्थना |
एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information
| भजन का नाम | शेर पे सवार होई हो |
| गायक | अनुज पासवान |
| विषय | माँ दुर्गा भक्ति |
| भाषा | हिंदी/भोजपुरी मिश्रित |
| उपयुक्त अवसर | नवरात्रि |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- प्रश्न: यह भजन किस देवी को समर्पित है?
उत्तर: यह भजन माँ दुर्गा के सिंहवाहिनी स्वरूप को समर्पित है। - प्रश्न: क्या इसे नवरात्रि के अलावा भी सुन सकते हैं?
उत्तर: हाँ, माँ दुर्गा की भक्ति के लिए इसे किसी भी मंगलवार या शुक्रवार को सुना जा सकता है। - प्रश्न: अनुज पासवान कौन हैं?
उत्तर: अनुज पासवान एक लोकप्रिय भक्ति गायक हैं जो अपने मधुर भजनों के लिए जाने जाते हैं। - प्रश्न: कलश स्थापना का क्या महत्व है?
उत्तर: कलश स्थापना नवरात्रि का प्रथम चरण है, जो सकारात्मक ऊर्जा के आह्वान का प्रतीक है। - प्रश्न: भजन में 'लाल चुनरिया' का क्या अर्थ है?
उत्तर: लाल चुनरिया माँ के शक्ति, प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक है। - प्रश्न: क्या यह भजन घर में कीर्तन के लिए उपयुक्त है?
उत्तर: जी हाँ, इसकी लय बहुत ही सरल और कीर्तन के अनुकूल है। - प्रश्न: माँ दुर्गा के वाहन को क्या कहते हैं?
उत्तर: माँ दुर्गा का वाहन सिंह (शेर) है, जो धर्म और शक्ति का प्रतीक है। - प्रश्न: इस भजन को सुनने से क्या लाभ होता है?
उत्तर: इसे सुनने से मन को शांति मिलती है और माँ के प्रति श्रद्धा बढ़ती है।
संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ
यह सामग्री भक्तिलोक के विशेषज्ञों द्वारा अनुज पासवान के भजन के भाव और नवरात्रि की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। यह भजन माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान करने का एक उत्तम माध्यम है। संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।
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