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भक्ति लगन का दीप जलाकर (Bhakti Lagan Ka Deep Jalakar Lyrics in Hindi ) Shiv Bhajan Song By Sooraj Kumar

भक्ति लगन का दीप जलाकर शिव भजन के बोल हिंदी में पढ़ें। सूरज कुमार द्वारा गाए इस सुंदर शिव भजन का आनंद लें और भक्ति भाव में डूब जाएं। | Bhaktilok

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

भक्ति लगन का दीप जलाकर (Bhakti Lagan Ka Deep Jalakar Lyrics in Hindi )  Shiv Bhajan Song By Sooraj Kumar - Bhaktilok


भक्ति लगन का दीप जलाकर (Bhakti Lagan Ka Deep Jalakar Lyrics in Hindi )  Shiv Bhajan Song By Sooraj Kumar - 

Song Credits:
Song Name: Bhakti Lagan Ka Lyrics in Hindi
Album: Shiv Sagar Barah Jyotirling Part 2
Singer: Sooraj Kumar 
Music Director: Kuldeep Singh
Lyrics: Balbir Nirdosh
Graphics: Sadique
Music Label: Tips Industries Ltd

भक्ति लगन का दीप जलाकर (Bhakti Lagan Ka Deep Jalakar Lyrics in Hindi )  -

भक्ति लगन का दीप जलाकर 
Bhakti Lagan Ka Deep Jalakar 
जपते मन से नाम तेरा 
Japte Mann Se Naam Tera 
भक्ति लगन का दीप जलाकर 
Bhakti Lagan KaDeep Jalakar 
जपते मन से नाम तेरा 
Japte Mann Se Naam Tera
राम की जिस में निष्ठा भरी है 
Ram Ki Jis Mein Nishtha Bhari Hai
राम की जिसमें निष्ठा भरी है 
Ram Ki Jis Mein Nishtha Bhari Hai 
यह है रामेश्वर धाम तेरा 
Yeh Hai Rameshwar Dham Tera
भक्ति लगन का दीप जलाकर 
Bhakti Lagan KaDeep Jalakar
जपते मन से नाम तेरा 
Japte Mann Se Naam Tera
जय हो रामेश्वर शिवदानी 
Jai Ho Rameshwar Shivdani 
जप है तुम्हारा कल्याणी 
Jap Hai Tumhara Kalyani 
जय हो रामेश्वर शिवदानी 
Jai Ho Rameshwar Shivdani 
जप है तुम्हारा कल्याणी 
Jap Hai Tumhara Kalyani 
अद्भुत तेरे अनंत गुणों का 
Adbhut Tere Anant Gunon Ka 
यहाँ जो अमृत बहता है 
Yahan Jo Amrit Bahta Hai 
कागा जो इसमें डुबकी लगाले 
Kaga Jo Ismein Dubki Lagale 
हंस वो बनकर रहता है 
Hans Wo Banakar Rehta Hai 
गुपचुप गुपचुप असर जो करता 
Gupchup Gupchup Asar Jo Karta 
गुपचुप  गुपचुप असर जो करता 
Gupchup  Gupchup Asar Jo Karta 
जादू है गुमनाम तेरा 
Jadu Hai Gumnaam Tera 
भक्ति लगन का दीप जलाकर 
Bhakti Lagan KaDeep Jalakar 
जपते मन से नाम तेरा 
Japte Mann Se Naam Tera
जय हो रामेश्वर शिवदानी 
Jai Ho Rameshwar Shivdani
जप है तुम्हारा कल्याणी 
Jap Hai Tumhara Kalyani 
जय हो रामेश्वर शिवदानी 
Jai Ho Rameshwar Shivdani
जप है तुम्हारा कल्याणी 
Jap Hai Tumhara Kalyani
तेरी करुणा पतझड़ में भी 
Teri Karuna Patjhad Mein Bhi 
सूंदर फूल खिला देती 
Sunder Phool Khila Deti 
उजड़े वन में लाये हरियाली 
Ujde Van Mein Laye Hariyali 
बिगड़ी बात बना देती 
Bigdi Baat Bana Deti 
ऋषि मुनि सुर नर करते भगवन 
Rishi Muni Sur Nar Karte Bhagwan 
ऋषि मुनि सुर नर करते भगवन 
Rishi Muni Sur Nar Karte Bhagwan 
सुमिरन आठों यान तेरा 
Sumiran Aathon Yaan Tera
भक्ति लगन का दीप जलाकर 
Bhakti Lagan KaDeep Jalakar 
जपते मन से नाम तेरा 
Japte Mann Se Naam Tera
जय हो रामेश्वर शिवदानी 
Jai Ho Rameshwar Shivdani
जप है तुम्हारा कल्याणी 
Jap Hai Tumhara Kalyani 
जय हो रामेश्वर शिवदानी 
Jai Ho Rameshwar Shivdani
जप है तुम्हारा कल्याणी 
Jap Hai Tumhara Kalyani 
तेरी कृपा के दिव्य अलौकिक 
Teri Kripa Ke Divya Alaukik 
पंख है जिनको लग जाते 
Pankh Hai Jinko Lag Jate 
ध्रुव की तरह वो तारे बनकर 
Dhruv Ki Tarah Wo Tare Bankar 
नील गगन में जग जाते 
Nil Gagan Mein Jag Jate
संत जनों के संकट हरणा 
Sant Janon Ke Sankat Harna
संत जनों के संकट हरणा 
Sant Janon Ke Sankat Harna
दीन दयाल उथ्थान तेरा 
Deen Dayal Uththan Tera 
भक्ति लगन का दीप जलाकर 
Bhakti Lagan Ka Deep Jalakar 
जपते मन से नाम तेरा 
Japte Mann Se Naam Tera 
राम की जिस में निष्ठा भरी है 
Ram Ki Jis Mein Nishtha Bhari Hai 
राम की जिस में निष्ठा भरी है 
Ram Ki Jis Mein Nishtha Bhari Hai 
ये  है रामेश्वर धाम तेरा 
Yeh Hai Rameshwar Dham Tera 
भक्ति लगन का दीप जलाकर 
Bhakti Lagan KaDeep Jalakar 
जपते मन से नाम तेरा 
Japte Mann Se Naam Tera
जय हो रामेश्वर शिवदानी 
Jai Ho Rameshwar Shivdani
जप है तुम्हारा कल्याणी 
Jap Hai Tumhara Kalyani
जय हो रामेश्वर शिवदानी 
Jai Ho Rameshwar Shivdani
जप है तुम्हारा कल्याणी 
Jap Hai Tumhara Kalyani
जय हो रामेश्वर शिवदानी 
Jai Ho Rameshwar Shivdani
जप है तुम्हारा कल्याणी 
Jap Hai Tumhara Kalyani 
जय हो रामेश्वर शिवदानी 
Jai Ho Rameshwar Shivdani
जप है तुम्हारा कल्याणी 
Jap Hai Tumhara Kalyani


भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें।

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

देवादिदेव महादेव को समर्पित यह भजन "भक्ति लगन का दीप जलाकर (Bhakti Lagan Ka Deep Jalakar Lyrics in Hindi ) Shiv Bhajan Song By Sooraj Kumar - Bhaktilok" भगवान शिव के कल्याणकारी और वैराग्यपूर्ण रूप का सजीव चित्रण करता है। शिव का अर्थ ही कल्याण है। इस भजन के शब्दों के माध्यम से साधक शिव की अनंत चेतना, भस्म आरती, डमरू की ध्वनि और ध्यानमग्न मुद्रा का ध्यान करता है।

शिव भक्ति का मूल सिद्धांत यही है कि जगत की प्रत्येक नश्वर वस्तु का अंत शिव में ही होना है। यह भजन भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। शिव का नाम पंचमहाभूतों को नियंत्रित करने वाली परम शक्ति का प्रतीक है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और साधारण जल तथा बेलपत्र अर्पण करने मात्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस शिव भजन का संकीर्तन करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और कुंडली के ग्रहों के दोष शांत होते हैं।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। नियमित शिव भजन और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप से तनाव का नाश होता है, अवसाद दूर होता है और अंतर्मन में अपूर्व शांति का उदय होता है। यह आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने में भी सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

शिव संकीर्तन के लिए प्रदोष काल (संध्या समय) अथवा सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशासन पर बैठकर शिवजी का ध्यान करते हुए भजन गाएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने की सरल विधि क्या है?

शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक शिव मंत्र अथवा भजनों का संकीर्तन करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

शिव भजनों के लिए कौन सा दिन विशेष है?

सोमवार, प्रदोष व्रत की तिथि और महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना और भजन संकीर्तन के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

क्या शिव जी की उपासना से कुंडली के दोष दूर होते हैं?

हाँ, भगवान शिव (महाकाल) की आराधना से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और शनि जनित कष्टों का निवारण होता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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