Papmochani Ekadashi Vrat Katha बुधवार विशेष (भगवान श्री गणेश व बुध देव)

tune mujhe bulaya sherawaliye Navratri special song

Tune Mujhe Bulaya Sherawaliye भजन के बोल हिंदी में पढ़ें। माँ दुर्गा के इस प्रसिद्ध नवरात्रि भजन के साथ भक्तिमय वातावरण का अनुभव करें।

"Tune Mujhe Bulaya Sherawaliye" एक अत्यंत लोकप्रिय और हृदयस्पर्शी देवी भजन है, जो माँ दुर्गा के भक्तों के बीच विशेष रूप से नवरात्रि के पावन पर्व पर अत्यंत श्रद्धा के साथ गाया और सुना जाता है। यह भजन न केवल एक भक्ति गीत है, बल्कि यह भक्त और भगवान के बीच के उस अटूट संबंध का प्रतीक है, जहाँ भक्त अपनी पुकार माँ के चरणों में समर्पित करता है। इस भजन की धुन और शब्द साधक के मन में माँ शेरावाली के प्रति प्रेम, समर्पण और विश्वास को जागृत करते हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में जब भक्त माँ की आराधना में लीन होते हैं, तब यह भजन वातावरण को भक्तिमय और दिव्य ऊर्जा से भर देता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

तूने मुझे बुलाया शेरावालिये,
मैं आया, मैं आया शेरावालिये।
तूने मुझे बुलाया शेरावालिये,
मैं आया, मैं आया शेरावालिये॥

ओत-प्रोत है ये जीवन सारा,
तेरी ममता का है ये सहारा।
ऊँचे पहाड़ों वाली माता,
भर दे झोली खाली शेरावालिये॥
तूने मुझे बुलाया शेरावालिये...

सुन ले पुकार मेरी माँ भवानी,
तेरी महिमा है सबसे पुरानी।
भक्तों के दुखड़े मिटाने वाली,
सबकी बिगड़ी बनाने वाली शेरावालिये॥
तूने मुझे बुलाया शेरावालिये...

ज्योति जला के मैं आया द्वारे,
दर्शन को तरसे नयन हमारे।
कर दो कृपा अब अपनी माता,
चरणों में बिठा ले शेरावालिये॥
तूने मुझे बुलाया शेरावालिये...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा है। भक्त कहता है कि "तूने मुझे बुलाया शेरावालिये", जिसका अर्थ है कि जब तक माँ की कृपा नहीं होती, तब तक भक्त उनके द्वार तक नहीं पहुँच सकता। यह भजन ईश्वर की अनुकंपा और भक्त की शरणागति का सुंदर समन्वय है। "ऊँचे पहाड़ों वाली" कहकर भक्त माँ के उस स्वरूप का स्मरण करता है जो दुर्गम रास्तों को पार कर भक्तों के कष्ट हरने के लिए सदैव तत्पर रहती हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न हों, माँ की ममता का सहारा ही हमें भवसागर से पार ले जाने में सक्षम है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

यह भजन मुख्य रूप से माँ दुर्गा के 'शेरावाली' स्वरूप को समर्पित है। इसका महत्व नवरात्रि के दौरान अत्यधिक बढ़ जाता है। यह भजन न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि साधक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि भक्ति का मार्ग सरल है, बस हृदय में माँ के प्रति अटूट विश्वास होना चाहिए।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को नवरात्रि के नौ दिनों में सुबह की पूजा या शाम की आरती के समय गाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे आप अपने घर के पूजा स्थल पर माँ की प्रतिमा के समक्ष बैठकर गा सकते हैं। सामूहिक सत्संग या जागरण में इस भजन का गायन करने से वातावरण में दिव्य स्पंदन उत्पन्न होता है।

गीत की जानकारी | Song Information

विवरण जानकारी
भजन का नाम तूने मुझे बुलाया शेरावालिये
समर्पित देवता माँ दुर्गा (शेरावाली)
मुख्य भाव शरणागति और प्रेम
उपयुक्त अवसर नवरात्रि, जागरण, देवी पूजा
भाषा हिंदी

कठिन शब्दों के अर्थ | Difficult Word Meanings

शब्द अर्थ
शेरावालिये शेर पर सवार होने वाली माँ दुर्गा
भवानी माँ पार्वती/दुर्गा का एक नाम
महिमा महानता या प्रभाव
दुखड़े कष्ट या परेशानियाँ

भजन से मिलने वाली जीवन सीख | Life Lessons

  • शरणागति: जीवन में सब कुछ माँ की इच्छा पर छोड़ देना ही सच्ची शांति है।
  • विश्वास: माँ सदैव अपने भक्तों की पुकार सुनती हैं, बस धैर्य की आवश्यकता है।
  • कृतज्ञता: माँ की ममता के प्रति सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

'तूने मुझे बुलाया शेरावालिये' भजन किस देवी को समर्पित है?

यह भजन माँ दुर्गा के शेरावाली स्वरूप को समर्पित है।

क्या इस भजन को नवरात्रि के अलावा भी गाया जा सकता है?

हाँ, इसे किसी भी मंगलवार, शुक्रवार या देवी पूजा के अवसर पर गाया जा सकता है।

इस भजन को गाने से क्या लाभ मिलता है?

इसे गाने से मन को शांति मिलती है और माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

क्या यह भजन जागरण में गाया जाता है?

जी हाँ, यह माता के जागरण का सबसे प्रमुख और लोकप्रिय भजन है।

माँ शेरावाली का अर्थ क्या है?

शेरावाली का अर्थ है 'शेर की सवारी करने वाली'।

क्या इस भजन को बच्चों को सिखाना चाहिए?

अवश्य, यह बच्चों में भक्ति और संस्कारों का बीजारोपण करता है।

क्या इस भजन के लिए किसी विशेष वाद्य यंत्र की आवश्यकता है?

नहीं, इसे आप बिना किसी वाद्य यंत्र के भी श्रद्धापूर्वक गा सकते हैं।

यह भजन कहाँ से प्रेरित है?

यह पारंपरिक भक्ति परंपरा और माँ दुर्गा की स्तुति से प्रेरित है।

संबंधित भजन एवं लेख

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री पारंपरिक देवी स्तुति, भक्ति साहित्य और सनातन धर्म की लोक परंपराओं के आधार पर संकलित की गई है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 11 Oct 2026

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