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जब मन तेरा घबराये जप ॐ नमः शिवाय भजन इन हिंदी लिरिक्स

जब मन तेरा घबराये जप ॐ नमः शिवाय भजन के संपूर्ण लिरिक्स और अर्थ पढ़ें। महादेव के इस पावन भजन से मन को शांति और शिव की कृपा प्राप्त करें।

"जब मन तेरा घबराये, जप ॐ नमः शिवाय" यह भजन भगवान शिव की शरण में जाने का एक अत्यंत सरल और प्रभावी मार्ग है। जब जीवन की आपाधापी, मानसिक तनाव, या सांसारिक दुखों के कारण मन अशांत हो जाता है, तब शिव का 'पंचाक्षरी मंत्र' ही एकमात्र औषधि के समान कार्य करता है। यह भजन न केवल भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिखाता है कि महादेव का नाम स्मरण मात्र से ही काल का भय भी मिट जाता है। इस भजन की लय और शब्द साधक को ध्यान की गहराई में ले जाते हैं, जहाँ उसे शिव की अनंत शांति का अनुभव होता है। यह भजन विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो अपने जीवन में शांति, धैर्य और शिव की कृपा की खोज कर रहे हैं।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

जब मन तेरा घबराये, जप ॐ नमः शिवाय,
जप ॐ नमः शिवाय, जप ॐ नमः शिवाय।
जब मन तेरा घबराये, जप ॐ नमः शिवाय॥

शिव नाम में है शक्ति भारी, मिट जाए दुख की घड़ी सारी,
जो भी शरण में आया, उसने ही सुख पाया,
जब मन तेरा घबराये, जप ॐ नमः शिवाय॥

भस्म रमाये गले में सर्प, डमरू बजाते हैं शिव शंभू,
नंदी की सवारी, महिमा है न्यारी,
जब मन तेरा घबराये, जप ॐ नमः शिवाय॥

भोले बाबा के दर पे जो जाए, खाली हाथ न कोई लौट के आए,
भक्ति में खो जा, शिव का तू हो जा,
जब मन तेरा घबराये, जप ॐ नमः शिवाय॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मूल भाव 'शरणागति' है। जब मनुष्य का मन सांसारिक चिंताओं, भय या दुविधाओं से घिर जाता है, तब उसे केवल भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का सहारा लेना चाहिए। भजन की पंक्तियाँ हमें याद दिलाती हैं कि शिव का नाम साधारण शब्द नहीं, बल्कि एक दिव्य शक्ति है जो दुखों के अंधकार को मिटाने में सक्षम है।

भजन में कहा गया है कि जो भी व्यक्ति सच्चे हृदय से महादेव की शरण में जाता है, वह कभी निराश नहीं होता। शिव का स्वरूप—भस्म, सर्प, और डमरू—प्रलय और सृजन दोनों का प्रतीक है। यह हमें सिखाता है कि जो मृत्यु (काल) का स्वामी है, उसकी भक्ति करने वाले को किसी भी प्रकार का भय नहीं सता सकता। अंत में, यह भजन भक्त को पूर्ण समर्पण की प्रेरणा देता है—"भक्ति में खो जा, शिव का तू हो जा।"

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

यह भजन भगवान शिव के 'पंचाक्षरी मंत्र' की महिमा का गुणगान करता है। पंचाक्षरी मंत्र (न-म-शि-वा-य) के पांच अक्षर पांच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) के प्रतीक हैं। इस भजन को सुनने या गाने से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और नकारात्मक विचारों का नाश होता है। यह विशेष रूप से महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को किसी भी समय गाया जा सकता है, लेकिन ब्रह्ममुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे) या प्रदोष काल (संध्या समय) में इसका गायन विशेष फलदायी होता है। इसे आप अपने दैनिक पूजा स्थल पर, रुद्राभिषेक के दौरान, या किसी भी शिव सहस्त्रनाम के पाठ के उपरांत गा सकते हैं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ
पंचाक्षरी पाँच अक्षरों वाला (ॐ नमः शिवाय)
भस्म राख, जो नश्वरता का प्रतीक है
शंभू कल्याण करने वाले (भगवान शिव)
शरण आश्रय या छत्रछाया

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम जब मन तेरा घबराये
आराध्य देव भगवान शिव (महादेव)
मुख्य मंत्र ॐ नमः शिवाय
भाषा हिंदी
भाव समर्पण एवं शांति

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. इस भजन को सुनने से क्या लाभ होता है?
यह भजन मन की घबराहट दूर करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।

2. क्या इसे बच्चे भी गा सकते हैं?
हाँ, यह भजन अत्यंत सरल है और बच्चों में शिव भक्ति के संस्कार डालने के लिए उत्तम है।

3. क्या इसके लिए किसी विशेष पूजा की आवश्यकता है?
नहीं, इसे आप श्रद्धापूर्वक कहीं भी गा सकते हैं।

4. पंचाक्षरी मंत्र का अर्थ क्या है?
इसका अर्थ है 'मैं शिव को नमस्कार करता हूँ'।

5. क्या यह भजन महाशिवरात्रि पर गाया जा सकता है?
जी हाँ, यह महाशिवरात्रि के लिए एक अत्यंत लोकप्रिय भजन है।

6. शिव का नाम लेने से क्या होता है?
शिव का नाम लेने से काल का भय और सांसारिक दुख मिट जाते हैं।

7. क्या इस भजन का कोई विशेष राग है?
इसे सामान्यतः सरल भक्तिपूर्ण धुन में गाया जाता है।

8. क्या मैं इसे रुद्राभिषेक के समय बजा सकता हूँ?
हाँ, यह रुद्राभिषेक के वातावरण को और अधिक दिव्य बनाता है।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • शिव पुराण
  • पंचाक्षरी मंत्र महिमा
  • भक्ति परंपरा के लोक भजन

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संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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