Radha Kriya Kataksh Stotram मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला भजन इन हिंदी लिरिक्स

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला भजन के संपूर्ण लिरिक्स, हिंदी अर्थ और भावार्थ पढ़ें। श्री राम जन्म स्तुति का भक्तिपूर्ण पाठ करें केवल Bhaktilok पर।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला भजन इन हिंदी लिरिक्स

भए प्रगट कृपाला | दीनदयाला |
कौसल्या हितकारी।
हरषित महतारी | मुनि मन हारी |
अद्भुत रूप बिचारी ॥

लोचन अभिरामा | तनु घनस्यामा |
निज आयुध भुजचारी।
भूषन बनमाला | नयन बिसाला |
सोभासिंधु खरारी ॥

कह दुइ कर जोरी | अस्तुति तोरी |
केहि बिधि करूं अनंता।
माया गुन ग्यानातीत अमाना |
वेद पुरान भनंता ॥

Ramayan Chaupaiyanरामायण चौपाई लिरिक्स ( ramayan chaupaiyan Lyrics in Hindi ) | रामायण की चौपाई | ramayan chaupai in hindi - भक्ति लोक
Ram Vandanaश्री राम रक्षा स्तोत्रम् (Shri Ram Raksha Stotram in Hindi ) 
करुना सुख सागर | सब गुन आगर |
जेहि गावहिं श्रुति संता।

सो मम हित लागी | जन अनुरागी |
भयउ प्रगट श्रीकंता ॥

ब्रह्मांड निकाया | निर्मित माया |
रोम रोम प्रति बेद कहै।
मम उर सो बासी | यह उपहासी |
सुनत धीर मति थिर न रहै ॥

उपजा जब ग्याना | प्रभु मुसुकाना |
चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै।
कहि कथा सुहाई | मातु बुझाई |
जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै ॥

माता पुनि बोली | सो मति डोली |
तजहु तात यह रूपा।
कीजै सिसुलीला | अति प्रियसीला |
यह सुख परम अनूपा ॥

सुनि बचन सुजाना | रोदन ठाना |
होइ बालक सुरभूपा।
यह चरित जे गावहिं | हरिपद पावहिं |
ते न परहिं भवकूपा ॥

भए प्रगट कृपाला | दीनदयाला |
कौसल्या हितकारी।
हरषित महतारी | मुनि मन हारी |
अद्भुत रूप बिचारी ॥

श्री राम | जय राम | जय जय राम
श्री राम | जय राम | जय जय राम
Ram Navami Specialमेरे मन मंदिर में ( Mere Mann Mandir Mein Lyrics in Hindi ) - Sadhana Sargam | Ram Ji Ke Bhajan| Bhakti Song | Shri Ram Bhajan
रामचंद्र कह गए सिया से भजन लिरिक्स ( Ram Chandra Kah Gaye Siya Se Lyrics in Hindi ) - भक्ति लोक

रामायण चौपाई लिरिक्स ( ramayan chaupaiyan Lyrics in Hindi ) | रामायण की चौपाई | ramayan chaupai in hindi 
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में: भजन (Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Me Bhajan Lyrics in Hindi ) 
श्री राम रक्षा स्तोत्रम् (Shri Ram Raksha Stotram in Hindi ) 
श्री रामरक्षास्तोत्रम् लिरिक्स ( Shri Ram Raksha Strome Lyrics in Hindi ) - भक्ति लोक


सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा शुभ मुहूर्त">दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।
साझा करें:
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "भए प्रगट कृपाला दीनदयाला भजन इन हिंदी लिरिक्स" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

�� अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।
भजनों को गाने की सही विधि क्या है?भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।
क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!