नवरात्रि 2026: 10 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना | Navratri 2026: Worship of Nine Forms of Goddess Durga from October 10 to 19
नवरात्रि हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसमें माँ दुर्गा के नौ रूपों (शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री) की पूजा की जाती है। यह पर्व अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है। वर्ष 2026 में नवरात्रि शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगी (दशहरा 20 अक्टूबर को पड़ेगा, क्योंकि दशमी तिथि एक दिन बाद है – देखें)।
📅 नवरात्रि 2026: कलश स्थापना और घटस्थापना मुहूर्त (Ghatasthapana Timings)
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व है। 2026 के लिए ये समय हैं (दिल्ली के अनुसार):
- प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार, शाम 05:25 बजे
- प्रतिपदा तिथि समाप्त: 10 अक्टूबर 2026, शनिवार, शाम 06:58 बजे
- घटस्थापना का शुभ मुहूर्त: 10 अक्टूबर 2026, सुबह 06:41 बजे से 07:35 बजे तक (54 मिनट)
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:56 से 12:44 बजे तक – अगर सुबह का समय न मिले तो इस समय भी कर सकते हैं।
🌺 नौ दिनों की पूजा विधि (Nine Days Puja Rituals)
- प्रतिपदा (दिन 1): शैलपुत्री पूजा, घटस्थापना, जौ बोना (नवरात्रि का प्रतीक)।
- द्वितीया (दिन 2): ब्रह्मचारिणी पूजा।
- तृतीया (दिन 3): चंद्रघंटा पूजा।
- चतुर्थी (दिन 4): कूष्मांडा पूजा।
- पंचमी (दिन 5): स्कंदमाता पूजा।
- षष्ठी (दिन 6): कात्यायनी पूजा – इस दिन बंगाल में सरस्वती पूजा की शुरुआत।
- सप्तमी (दिन 7): कालरात्रि पूजा।
- अष्टमी (दिन 8): महागौरी पूजा, कंजक पूजन (कुंवारी कन्याओं की पूजा)।
- नवमी (दिन 9): सिद्धिदात्री पूजा, महानवमी हवन, पूर्णाहुति।
🪔 दुर्गा पूजा – पूर्वी भारत का विशेष आयोजन (Durga Puja in Eastern India)
पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड में नवरात्रि को दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाता है। यहाँ माँ दुर्गा के पांडाल सजते हैं, भव्य प्रतिमाएँ स्थापित होती हैं। षष्ठी (15 अक्टूबर 2026) से दुर्गा पूजा का शुभारंभ होता है, और दशमी (20 अक्टूबर) को प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। कोलकाता का दुर्गा पूजा यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।
🎶 गरबा और दांडिया – गुजरात की शान (Garba & Dandiya in Gujarat)
गुजरात में नवरात्रि का उत्सव रंग-बिरंगे गरबा और दांडिया नृत्य के साथ मनाया जाता है। हर रात लोग पारंपरिक पोशाक (चनिया चोली, केडिया) पहनकर माँ दुर्गा के सम्मान में नृत्य करते हैं। गरबा के बिना नवरात्रि अधूरी है।
🍛 नवरात्रि के विशेष व्यंजन (Special Navratri Dishes)
नवरात्रि के नौ दिनों में व्रत रखने वाले लोग फलाहार लेते हैं। आम व्यंजन:
- साबूदाना खिचड़ी
- कुट्टू के आटे की पूरी
- सिंगाड़े के आटे का हलवा
- आलू की चिप्स या वड़ा
- फल, दूध, दही
- मखाना, कुट्टू के पकोड़े
💡 नवरात्रि 2026 के लिए सुझाव (Tips for Navratri 2026)
- प्रतिदिन माँ के भजन, दुर्गा सप्तशती या चालीसा का पाठ करें।
- अष्टमी या नवमी के दिन कंजक (कन्या) पूजन अवश्य करें – उन्हें भोजन कराएं और दक्षिणा दें।
- यदि गरबा-दांडिया में भाग ले रहे हैं, तो सुरक्षित रहें और समय से पहले जगह पर पहुँचें।
- पूर्वी भारत में दुर्गा पूजा देखने का मौका न चूकें – कोलकाता के पांडाल देखने लायक होते हैं।
- व्रत के दौरान शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के लिए फल और ड्राई फ्रूट्स खाते रहें।
🙏 नवरात्रि 2026 की शुभकामनाएँ
माँ दुर्गा आपको शक्ति, साहस और समृद्धि प्रदान करें।
नवरात्रि 2026 की हार्दिक बधाई! जय माता दी!