दशहरा 2026: 21 अक्टूबर को रावण दहन और विजयादशमी का पर्व | Dussehra 2026: Ravana Dahan and Vijayadashami on October 21
दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है। यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था और माँ दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। वर्ष 2026 में दशहरा बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन देशभर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं और रामलीलाओं का समापन होता है।
📅 दशहरा 2026: तिथि, दशमी मुहूर्त और शमी पूजन (Timings & Shami Puja)
विजयादशमी का पर्व अश्विन शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। 2026 के लिए ये समय हैं (दिल्ली के अनुसार):
- दशमी तिथि प्रारंभ: 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार, सुबह 09:15 बजे
- दशमी तिथि समाप्त: 21 अक्टूबर 2026, बुधवार, सुबह 08:12 बजे
- रावण दहन का शुभ मुहूर्त: 21 अक्टूबर 2026, शाम 05:50 बजे से रात 07:05 बजे तक (विजय मुहूर्त)
- शमी पूजन और अपराजिता पूजा का समय: दोपहर 02:31 बजे से 03:18 बजे तक (अपराह्न व्यापिनी दशमी)
🏹 रामायण और रावण दहन (Ramayan & Ravana Dahan)
दशहरे से पहले कई दिनों तक रामलीला का आयोजन होता है, जिसमें राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण के किरदार जीवंत हो उठते हैं। दशहरे के दिन शाम को बड़े मैदानों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले जलाए जाते हैं। इस दृश्य को देखने के लिए हजारों लोग उमड़ते हैं। पुतले के जलने का मतलब है बुराई का नाश।
🛕 शमी पूजन और सीमोल्लंघन (Shami Puja & Seemollanghan)
दशहरे के दिन शमी वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि अर्जुन ने इसी दिन शमी वृक्ष से अपने हथियार निकाले थे और युद्ध में विजयी हुए थे। लोग एक-दूसरे को शमी के पत्ते बाँटते हैं और कहते हैं – "शमी शमयते पापम्" (शमी पापों का नाश करती है)। सीमोल्लंघन (सीमा लाँघना) भी इस दिन किया जाता है, जो नई शुरुआत का प्रतीक है।
🗺️ प्रमुख रामलीला स्थल (Major Ramleela Sites)
दिल्ली (लाल किला मैदान)
यहाँ विशाल पुतले जलाए जाते हैं और रामलीला का भव्य आयोजन होता है।
वाराणसी (रामनगर)
यहाँ की रामलीला सदियों पुरानी है और पूरे महीने चलती है। दशहरे पर भव्य शोभायात्रा निकलती है।
कोलकाता (दुर्गा पूजा विसर्जन)
यहाँ दशहरा माँ दुर्गा के विसर्जन (बिसर्जन) के रूप में मनाया जाता है।
मैसूर (मैसूर दशहरा)
मैसूर का दशहरा विश्व प्रसिद्ध है – राजसी ठाठ के साथ महल को सजाया जाता है, जुलूस निकलता है।
🎆 पटाखे और मेले (Fireworks & Fairs)
दशहरे की शाम रावण दहन के बाद पटाखे जलाए जाते हैं। कई जगहों पर मेले लगते हैं, जिनमें झूले, चाट-पकौड़ी और खिलौनों की दुकानें होती हैं।
💡 दशहरा 2026 के लिए सुझाव (Tips for Dussehra 2026)
- रावण दहन देखने जा रहे हैं तो भीड़ में बच्चों का खास ध्यान रखें।
- शामी पूजन के लिए शमी के पत्ते और चने की दाल (दान) रखें।
- रामलीला देखने का आनंद लें – यह भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
- पटाखे जलाते समय सुरक्षा का ध्यान रखें।
- इस दिन नए कार्य या व्यवसाय की शुरुआत शुभ मानी जाती है।
🙏 दशहरा 2026 की शुभकामनाएँ
बुराई पर अच्छाई की यह जीत आपके जीवन में सुख-शांति लेकर आए।
दशहरा 2026 की हार्दिक बधाई! जय श्रीराम!