सनातन श्रेणी संग्रह · पृष्ठ 54
रविवार विशेष (भगवान सूर्य नारायण)
1,080+ पावन रचनाएँ

Devi Geet
पावन भक्ति संग्रह

भक्तिलोक पर Devi Geet के अंतर्गत सभी भक्ति रचनाओं, लोकप्रिय भजनों, आरतियों, चालीसा और मंत्रों का प्रामाणिक संकलन सरल हिंदी भावार्थ एवं शास्त्रीय संदर्भ सहित पढ़ें।

शास्त्र-सम्मत एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

शुद्ध पाठ, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ सहित भक्ति साहित्य।

1,080+ रचनाएँ उपलब्ध
199,023+ साधक दर्शनार्थी
54 / 54 वर्तमान सूची पृष्ठ

Devi Geet परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

सनातन संस्कृति और भक्ति परंपरा में Devi Geet का स्थान अत्यंत पावन है। कलियुग में नाम संकीर्तन और प्रभु वंदना को समस्त क्लेशों से मुक्ति तथा आत्मिक शांति का सबसे सुलभ साधन बताया गया है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह के प्रत्येक भजन, पद, स्तुति एवं कथा को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि श्रद्धालुजन सुगमता से भक्ति रस का अनुभव कर सकें।

Devi Geet संग्रह (1080)

पृष्ठ 54 का 54
आग
Devi Geet

आगया का रुला देने वाला विदाई देवी गीत

भोजपुरी लोक संस्कृति और भक्ति परंपरा में देवी गीतों का एक अत्यंत विशिष्ट और संवेदनशील स्थान है। विशेष रूप से नवरात्रि के पावन अवसर…

भो
Devi Geet

भोरे भोरे बोले कोयलिया ( Bhore Bhore Bole Koyaliya ) - Subhash Bedardi Devigeet Bhakti Song Mata Bhajan

'भोरे भोरे बोले कोयलिया' (Bhore Bhore Bole Koyaliya) भोजपुरी लोक-साहित्य और भक्ति रस की एक अत्यंत अनुपम और हृदयस्पर्शी कृति है। सु…

श्
Devi Geet

श्रीमद् देवी भागवत कथा Shrimad Devi Bhagwat Part 8 I PANDIT SOMNATH SHARMA I Devi Bhagwat Katha

श्रीमद् देवी भागवत महापुराण हिंदू धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण और पावन अठारह पुराणों में से एक है। यह महापुराण जगतजननी माँ आदि शक्ति …

Devi Geet से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

Devi Geet श्रेणी में इस विषय से संबंधित सभी प्रामाणिक भजन, स्तुतियां, आरतियां, चालीसा और कथाएं शुद्ध पाठ व सरल हिंदी भावार्थ के साथ संकलित की गई हैं।

नियमित भक्ति संकीर्तन से मानसिक तनाव कम होता है, अंतःकरण शुद्ध होता है और घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!