श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य उपदेशों को जानने के लिए भगवद्गीता खंड अवश्य पढ़ें और भगवान कृष्ण की लीलाओं के गहन अध्ययन के लिए ब्रह्म पुराण का पाठ करें।
🙏 संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली – राधा भजन
(Sankat Haregi Karegi Bhali Vrishabhanu Ki Lalli) – Radha Rani Bhajan
📝 भजन विवरण
📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)
॥ स्थायी ॥
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली,
तेरे संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली ॥
॥ अंतरा १ ॥
बरसानेवारी तू मेरी सहाय,
दीन दुखिन कूं निज दरस करायै,
मोकू भी जानो तुम दीन-दुखी, वृषभानु की लली,
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली ॥
॥ अंतरा २ ॥
कृष्ण पियारी सुन मेरी पुकार,
जग सौं छुड़ाए मोहे चरनन में डार,
तेरे महलन के कोने रहूँ मैं पड़ी, वृषभानु की लली,
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली ॥
॥ अंतरा ३ ॥
बरसाने धाम जन्म तुम लियौ,
गहवर वन भीतर बिहार कियौ,
तेरी प्यारी लागे ये रंगीली गली, वृषभानु की लली,
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली ॥
॥ अंतरा ४ ॥
नीलाम्बर पहने हरिदास दुलारी,
गल हार हीरन कौ बिंदी भी प्यारी,
तेरी नथली लागै हमें प्यारी बड़ी, वृषभानु की लली,
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली ॥
॥ अंतरा ५ ॥
त्रिभुवन पति तूने बस में किये,
जहाँ पग धरो श्याम तहं नैना धरे,
अरी मुक्ति हूँ तेरे चरण में पड़ी, वृषभानु की लली,
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली ॥
॥ अंतरा ६ ॥
राधा श्री राधा श्री राधा कहे है,
कोटि जग बाधा कूं पल में हरे,
दुष्टन के दल में मचे खलबलि, वृषभानु की लली,
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली ॥
🎵 राधा रानी भजन | श्री राधे
🙏 भजन का अर्थ और संदेश
यह भजन वृषभानु नंदिनी, राधा रानी की महिमा का वर्णन करता है। "संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली" – वृषभानु की लली (राधा) संकट हरेंगी और भलाई करेंगी। उनके भक्तों के सभी संकट दूर होते हैं।
"बरसानेवारी तू मेरी सहाय" – हे बरसाने वाली (बरसाने की राधा), तू मेरी सहायता कर। दीन-दुखियों को अपने दर्शन दे। मुझे भी दीन-दुखी जानो।
"कृष्ण पियारी सुन मेरी पुकार" – हे कृष्ण की प्यारी, मेरी पुकार सुनो। मुझे संसार से छुड़ाकर अपने चरणों में डाल दो। मैं तुम्हारे महलों के कोने में पड़ी रहूँ।
"बरसाने धाम जन्म तुम लियौ" – तुमने बरसाने धाम में जन्म लिया। गहवर वन में विहार किया। तेरी ये रंगीली गलियाँ बड़ी प्यारी लगती हैं।
"नीलाम्बर पहने हरिदास दुलारी" – नीले वस्त्र पहने, हरिदास की दुलारी (हरिदास के भक्त की दुलारी या भक्तों की दुलारी)। गले में हीरों का हार और माथे पर प्यारी बिंदी। तेरी नथली हमें बहुत प्यारी लगती है।
"त्रिभुवन पति तूने बस में किये" – तूने त्रिभुवन के पति (कृष्ण) को अपने वश में कर लिया। जहाँ श्याम पग धरते हैं, वहाँ तेरे नैना धरते हैं। मुक्ति भी तेरे चरणों में पड़ी है।
"राधा श्री राधा श्री राधा कहे है" – जो "राधा श्री राधा" का नाम लेता है, वह कोटि जग की बाधाओं को पल में हर लेता है। दुष्टों के दल में खलबली मच जाती है।
यह भजन राधा रानी की अपार कृपा और शक्ति का गुणगान करता है। वे न केवल कृष्ण को वश में करने वाली हैं, बल्कि अपने भक्तों के सभी संकट हरने वाली हैं।
📖 राधा रानी के नाम और महिमा
- वृषभानु की लली: वृषभानु जी की पुत्री (राधा)
- बरसानेवारी: बरसाने की रहने वाली (राधा का गाँव बरसाना है)
- कृष्ण पियारी: कृष्ण की प्रियतमा
- गहवर वन: बरसाने का वह स्थान जहाँ राधा-कृष्ण की लीलाएँ हुईं
- नीलाम्बर: नीले वस्त्र धारण करने वाली
- हरिदास दुलारी: भक्तों की दुलारी
इस भजन में राधा रानी के स्वरूप और उनकी महिमा का वर्णन है। वे दीन-दुखियों पर कृपा करने वाली, कृष्ण को वश में करने वाली, और अपने भक्तों के सभी संकट हरने वाली हैं। उनका स्मरण मात्र सभी बाधाओं को दूर कर देता है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व
🙏 राधा नाम का प्रभाव
"राधा श्री राधा श्री राधा कहे है, कोटि जग बाधा कूं पल में हरे" – यह पंक्ति राधा नाम की महिमा बताती है। राधा नाम का जाप करने से करोड़ों जन्मों की बाधाएँ पल में दूर हो जाती हैं।
💞 राधा-कृष्ण का अभिन्न संबंध
"त्रिभुवन पति तूने बस में किये" – राधा ने त्रिभुवन के पति कृष्ण को भी अपने वश में कर लिया। यह राधा की महिमा को दर्शाता है। जहाँ-जहाँ श्याम जाते हैं, वहाँ-वहाँ राधा की निगाहें होती हैं।
🎯 संदेश : संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली – राधा रानी ही सब संकट हरने वाली और सबकी भलाई करने वाली हैं। वे बरसाने की स्वामिनी, कृष्ण की प्रियतमा, दीन-दुखियों की सहायक, और भक्तों की दुलारी हैं। उनका स्मरण मात्र सभी बाधाओं को दूर कर देता है।
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