Chhath Puja Geet मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

गुरु मेरी पूजा गुरु गोविंद लिरिक्स (Guru Meri Pooja Guru Govind Lyrics in Hindi) - By Puran Shiva Guru Bhajan

गुरु मेरी पूजा गुरु गोविंद लिरिक्स पढ़ें। संदर्भ एवं व्याख्या सहित पूर्ण भजन और इसके भावार्थ का आनंद लें।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

जित बीठरावे तिथ ही बैठु

जो पेहरावे सोई सोई पेहरु

मेरी उनकी प्रीत पुरानी

बेचे तो बिक जाऊ

गुरु का दर्शन देख देख जीवा

गुरु के चरण धोये धोये पीवा

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत

गुरु मेरी पूजा..।।

गुरु मेरा देव अलख अभेव

सरब पूज्य चरण गुरु सेवू

गुरु बिन अवर नहीं मैं थाओ

अन दिन जपो गुर गुर नाओ

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत

गुरु मेरी पूजा..।।

गुरु मेरा ग्यान गुरु रिदे धयान

गुरु गोपाल पुरख भगवान्

गुरु की शरन रहूँ कर जोर

गुरु बिना मैं नाही होर

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत

गुरु मेरी पूजा..।।

गुरु बहुत तारे भव पार

गुरु सेवा चम ते छुटकार

अन्धकार में गुरु मन्त्र उजारा

गुरु कै संग सगल निस्तारा

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत

गुरु मेरी पूजा..।।

गुरु पूरा पाईये वडभागी

गुरु की सेवा दुःख ना लागी

गुरु का शबद ना मेटे कोई

गुरु नानक नानक हर सोई

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत

गुरु मेरी पूजा..।।

गुरु मेरा देव अलख अभेव

सरब पूज्य चरण गुरु सेवू

गुरु बिन अवर नहीं मैं थाओ

अन दिन जपो गुर गुर नाओ

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत

गुरु मेरी पूजा..।।

गुरु मेरा ग्यान गुरु रिदे धयान

गुरु गोपाल पुरख भगवान्

गुरु की शरन रहूँ कर जोर

गुरु बिना मैं नाही होर

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत

गुरु मेरी पूजा..।।

गुरु बहुत तारे भव पार

गुरु सेवा चम ते छुटकार

अन्धकार में गुरु मन्त्र उजारा

गुरु कै संग सगल निस्तारा

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत

गुरु मेरी पूजा..।।

गुरु पूरा पाईये वडभागी

गुरु की सेवा दुःख ना लागी

गुरु का शबद ना मेटे कोई

गुरु नानक नानक हर सोई

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत

गुरु मेरी पूजा..।।

गुरु मेरी पूजा गुरु गोविंद लिरिक्स (Guru Meri Pooja Guru Govind Lyrics in Hindi and English) - 

जित बीठरावे तिथ ही बैठु
Jit Bithrave Tith Hi Baithu
जो पेहरावे सोई सोई पेहरु
Jo Peharave Soi Soi Peharu

मेरी उनकी प्रीत पुरान�
Meri Unki Preet Purani
बेचे तो बिक जाऊ
Beche Toh Bik Jaun

गुरु का दर्शन देख देख जीवा
Guru Ka Darshan Dekh Dekh Jeeva
गुरु के चरण धोये धोये पीवा
Guru Ke Charna Dhoye Dhoye Peeva

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद
Guru Meri Puja Guru Gobind
गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत
Guru Mera Parbramha Guru Bhagwant

गुरु मेरी पूजा
Guru Meri Puja
गुरु मेरा देव अलख अभेव
Guru Mera Dev Alakh Abhev

सरब पूज्य चरण गुरु सेवू
Sarab Pujya Charan Guru Sevu
गुरु बिन अवर नहीं मैं था�
Guru Bin Avar Nahi Main Thavo

अन दिन जपो गुर गुर ना�
Ann Din Japo Guru Guru Nao
गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद
Guru Meri Puja Guru Gobind

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत
Guru Mera Parbramha Guru Bhagwant
गुरु मेरी पूजा
Guru Meri Puja

गुरु मेरा ग्यान गुरु रिदे धयान
Guru Mera Gyan Guru Ride Dhyan
गुरु गोपाल पुरख भगवान्
Guru Gopal Purakh Bhagawan

गुरु की शरन रहूँ कर जोर
Guru Ki Sharan Rahoon Kar Jor
गुरु बिना मैं नाही होर
Guru Bina Main Nahi Hor

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद
Guru Meri Puja Guru Gobind
गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत
Guru Mera Parbramha Guru Bhagwant

गुरु मेरी पूजा
Guru Meri Puja
गुरु बहुत तारे भव पार
Guru Bahut Tare Bhav Paar

गुरु सेवा चम ते छुटकार
Guru Seva Cham Te Chutkar
अन्धकार में गुरु मन्त्र उजारा
Andhakar Main Guru Mantra Ujaara

गुरु कै संग सगल निस्तारा
Guru Ke Sang Sagal Nistasra
गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद
Guru Meri Puja Guru Gobind

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत
Guru Mera Parbramha Guru Bhagwant
गुरु मेरी पूजा
Guru Meri Puja

गुरु पूरा पाईये वडभाग�
Guru Poora Paiye Vadbhagi
गुरु की सेवा दुःख ना लाग�
Guru Ki Seva Dukh Na Lagi

गुरु का शबद ना मेटे कोई
Guru Ka Shabd Na Mete Koi
गुरु नानक नानक हर सोई
Guru Nanak Nanak Har Soi

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद
Guru Meri Puja Guru Gobind
गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत
Guru Mera Parbramha Guru Bhagwant

गुरु मेरी पूजा
Guru Meri Puja
गुरु मेरा देव अलख अभेव
Guru Mera Dev Alkah Abhev

सरब पूज्य चरण गुरु सेवू
Sarab Pujya Charan Guru Sevu
गुरु बिन अवर नहीं मैं था�
Guru Bin Avar Nahi Main Thavo

अन दिन जपो गुर गुर ना�
Ann Din Japo Guru Guru Nao
गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद
Guru Meri Puja Guru Gobind

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत
Guru Mera Parbramha Guru Bhagwant
गुरु मेरी पूजा
Guru Meri Puja

गुरु मेरा ग्यान गुरु रिदे धयान
Guru Mera Gyan Guru Ride Dhyan
गुरु गोपाल पुरख भगवान्
Guru Gopal Purakh Bhagawan

गुरु की शरन रहूँ कर जोर
Guru Ki Sharan Rahun Kar Jor
गुरु बिना मैं नाही होर
Guru Bina Main Nahi Hor

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद
Guru Meri Puja Guru Gobind
गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत
Guru Mera Parbramha Guru Bhagwant

गुरु मेरी पूजा
Guru Meri Puja
गुरु बहुत तारे भव पार
Guru Bahut Tare Bhav Par

गुरु सेवा चम ते छुटकार
Guru Seva Cham Te Chutkar
अन्धकार में गुरु मन्त्र उजारा
Andhakar Main Guru Mantra Ujaara

गुरु कै संग सगल निस्तारा
Guru Ke Sang Sagal Nistasra
गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद
Guru Meri Puja Guru Gobind

गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत
Guru Mera Parbramha Guru Bhagwant
गुरु मेरी पूजा
Guru Meri Puja

गुरु पूरा पाईये वडभाग�
Guru Poora Paiye Vadbhagi
गुरु की सेवा दुःख ना लाग�
Guru Ki Seva Dukh Na Lagi

गुरु का शबद ना मेटे कोई
Guru Ka Shabd Na Mete Koi
गुरु नानक नानक हर सोई
Guru Nanak Nanak Har Soi

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद
Guru Meri Puja Guru Gobind
गुरु मेरा पारब्रह्म गुरु भगवंत
Guru Mera Parbramha Guru Bhagwant

गुरु मेरी पूजा
Guru Meri Puja
Singer - Puran Shiva

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें।
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ देवादिदेव महादेव को समर्पित यह भजन "गुरु मेरी पूजा गुरु गोविंद लिरिक्स (Guru Meri Pooja Guru Govind Lyrics in Hindi) - By Puran Shiva Guru Bhajan - Bhaktilok" भगवान शिव के कल्याणकारी और वैराग्यपूर्ण रूप का सजीव चित्रण करता है। शिव का अर्थ ही कल्याण है। इस भजन के शब्दों के माध्यम से साधक शिव की अनंत चेतना, भस्म आरती, डमरू की ध्वनि और ध्यानमग्न मुद्रा का ध्यान करता है।
शिव भक्ति का मूल सिद्धांत यही है कि जगत की प्रत्येक नश्वर वस्तु का अंत शिव में ही होना है। यह भजन भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। शिव का नाम पंचमहाभूतों को नियंत्रित करने वाली परम शक्ति का प्रतीक है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और साधारण जल तथा बेलपत्र अर्पण करने मात्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस शिव भजन का संकीर्तन करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और कुंडली के ग्रहों के दोष शांत होते हैं।
भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। नियमित शिव भजन और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप से तनाव का नाश होता है, अवसाद दूर होता है और अंतर्मन में अपूर्व शांति का उदय होता है। यह आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने में भी सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि शिव संकीर्तन के लिए प्रदोष काल (संध्या समय) अथवा सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशासन पर बैठकर शिवजी का ध्यान करते हुए भजन गाएं।
�� अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने की सरल विधि क्या है?शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक शिव मंत्र अथवा भजनों का संकीर्तन करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

शिव भजनों के लिए कौन सा दिन विशेष है?सोमवार, प्रदोष व्रत की तिथि और महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना और भजन संकीर्तन के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
क्या शिव जी की उपासना से कुंडली के दोष दूर होते हैं?हाँ, भगवान शिव (महाकाल) की आराधना से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और शनि जनित कष्टों का निवारण होता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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