Durga Bhajan Lyrics मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

महारानी तेरियां सिफ़्ता जहांन करे लिरिक्स (Maharani teriya sifta jahaan kare Lyrics in Hindi) - Ma Durga Bhajan

माँ दुर्गा की महिमा का वर्णन करती भक्ति भजन, जो आध्यात्मिक शांति और शक्ति का संचार करता है।

प्रस्तावना एवं परिचय

माँ दुर्गा की महासत्ता: असीम कृपा का अनुभव

माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान करते हुए भक्तों को सच्चे हृदय से भक्ति में लिपटना चाहिए।

महारानी तेरियां सिफ़्ता जहांन करे लिरिक्स - तेरीया नी महारानी तेरिया सिफ़्ता जहांन करे तेरीया तेरे कोलो भगता नू दातिए मिलिया मुरादा ने बथेरिया तेरिया नी महारानी तेरिया ||रेहमता दी जदो बरसात पैंदी एसब नू ही जग च पनाह देंदी एसुक्के होये बूट्या ते महरानियेसात रंगे फूल तू खिला देंदी एसुख साडी झोली विच पाकेदुखा दिया रोकदी हनेरियातेरिया नी महारानी तेरिया ||गूंगया नू तुहियो ता बुलाऊँन वालीएअन्या दे अखी नूर पाऊंन वाली एहर पासे दिल नू माँ चैन कोई नाओहना नू तू गल नाल लाऊँन वाली एतू उस वेले फड़ी बांह माँलोका जदो नज़रा ने फेरियातेरिया नी महारानी तेरिया ||तेरे ते भरोसा जीना जो रखदे ओहि तेरी कला दा ए जादू चखदेनिर्दोष जिथे तेरी ज्योत जगदीओथे ना हनेरे माये ठहर सकदेलाउंदी ए फकीरा गल तू ही माँ सूखा वालि लंगदीया फ़ेरियातेरिया नी महारानी तेरिया ||
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय माँ दुर्गा की अनुकम्पा और शक्तियों का गुणगान करना है। यह भजन भक्तों को यह संदेश देता है कि माँ दुर्गा अपने अनुयायियों के लिए सदैव सुलभ और सहायक रहती हैं। पहले पद में कहा गया है, 'तेरीया नी महारानी तेरिया सिफ़्ता जहांन करे', जो माँ के विश्वव्यापी गुणों को दर्शाता है। भक्तों को यह विश्वास दिलाया जाता है कि उन्हें माँ से आमंत्रित किया गया है, जिन्होंने मुरादों को पूरा करने के चमत्कार किए हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि माँ का आशीर्वाद हर कठिनाई में सहारा दे सकता है। इसके अलावा, 'रेहमता दी जदो बरसात पैंदी' का संदर्भ यह भी बताता है कि माँ दुर्गा जब अपनी करुणा बरसाती हैं, तो भक्तों को आश्रय प्रदान करती हैं।

भजन के माध्यम से भावनात्मक जुड़ाव को उत्तेजित किया गया है; जैसे कि 'गूंगया नू तुहियो ता बुलाऊँन वाली' में माँ की विशेष प्रेमपूर्ण शक्ति का वर्णन किया गया है। यह दर्शाता है कि वह केवल उन लोगों की आवाज़ सुनती हैं जो सच्चे मन से उन्हें पुकारते हैं। यहाँ माँ दुर्गा की करुणा, दृष्टि और सामर्थ्य के गुणों पर जोर दिया गया है, जो इंसान की अंतर्निहित इच्छाओं और दर्दों को समझने में सहायक हैं। यह एक दिव्य संबंध को प्रकट करता है, जिसमें भक्त अपनी समस्याओं को साझा कर सकते हैं और माँ से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

इस भजन में भक्ति मार्ग (Bhakti marg) का प्रमुख अंश है, जिसमें भक्त का विश्वास और समर्पण दिखाया गया है। 'तेरे ते भरोसा जीना जो रखदे' का उल्लेख उन भक्तों के लिए प्रेरक सिद्ध होता है, जो माँ की शक्ति और न्याय में अडिग विश्वास रखते हैं। यह दिखाता है कि जब भक्त सच्चे दिल से माँ का स्मरण करते हैं, तो उन्हें कठिनाइयों से मुक्ति प्राप्त होती है। यहाँ यह विचार प्रस्तुत किया गया है कि माँ की ज्योत की उपस्थिति में अंधकार का कोई अस्तित्व नहीं रह जाता। यह भजन हमें भक्ति के महत्व, शुद्धता और आत्म समर्पण का पाठ सिखाता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का उत्थान एक शाश्वत धार्मिक परंपरा के प्रतीक के रूप में किया गया है, जहाँ देवी दुर्गा के प्रति समर्पण और भक्ति का महत्व सभी धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। देवी दुर्गा का पूजन विशेष रूप से दुर्गा सप्तशती और अन्य पुराणों, जैसे कि मार्कंडेय पुराण में किया जाता है। माँ दुर्गा का होना भक्तों के लिए शक्ति, स्नेह, और सुरक्षा का आश्वासन देता है। यह भजन शारदीय नवरात्रि के अवसर पर विशेष रूप से गाया जाता है, जब भक्त माता के प्रताप का अनुभव करते हैं।

मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें। इस भजन का जाप मानसिक शांति, आत्मबल और शक्ति को बढ़ावा देता है। माँ दुर्गा की स्तुति द्वारा भक्त नैतिक बल और आत्मविश्वास प्राप्त करते हैं। यह ना केवल मानसिक तनाव को कम करता है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग को भी प्रशस्त करता है। नियमित रूप से इस भजन का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप प्रात:काल सूर्योदय के समय या संध्याकाल करें। पूजा स्थल को स्वच्छ रखें, माँ दुर्गा की तस्वीर के सामने दीप जलाएं, और लाल फूलों का अर्पण करें। ध्यान भक्ति भाव से करें, बिना किसी विघ्न के। मन में श्रद्धा और विश्वास के साथ 'महारानी तेरियां सिफ़्ता' का जाप करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का उद्देश्य क्या है?

भजन का उद्देश्य माँ दुर्गा की कृपा एवं शक्ति का गुणगान करना और भक्तों को उनके उत्थान का अनुभव कराना है।

क्या इस भजन का जाप विशेष समय पर करना चाहिए?

जी हाँ, भजन का जाप प्रात: या संध्याकाल करें। यह माँ दुर्गा की कृपा को आकर्षित करने का सर्वोत्तम समय माना जाता है।

भजन का जाप करने से कौन-कौन से लाभ होते हैं?

भजन का जाप मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है, जिससे लोग अपनी परेशानियों से मुक्त हो सकते हैं।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 10 Oct 2026

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