Durga Bhajan Lyrics मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

Narendra Chanchal Popular Devotional Bhajan Jukebox (Narendra Chanchal Popular Devotional Jukebox)

ॐ जय जगदीश हरे: भगवान की कृपा से संकटों का निवारण करता भजन, भक्तों के मन में विश्वास और प्रेम जगाता है।

प्रस्तावना एवं परिचय

ॐ जय जगदीश हरे: सच्ची भक्ति का संगी

भगवान जगदीश की महिमा वर्णित करने वाला यह भजन भक्तों के सभी संकटों का निवारण करता है।

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, सुन ले तूँ सब की इच्छा। ॐ जय जगदीश हरे। ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। जो सच्चे मन से तेरी आरती उतारे, उसको सदा तूँ सुखी रखे, जो कुड़ते मन से भजन करे। ॐ जय जगदीश हरे। ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। जो मुझको आया, मुझको सदा तूँ ख्याल रखे। कृपा कर, सब संकट में तूँ, रखना सदा जो, दिल में विश्वास। ॐ जय जगदीश हरे। ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। तेरी भगवती कृपा से, संपत्ति हमारी हो, हम सबका भला करें। ॐ जय जगदीश हरे। ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। कृपा कर, सच्चे मन से, कभी ना दूर जाए। ॐ जय जगदीश हरे।
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह भजन 'ॐ जय जगदीश हरे' भगवान जगदीश, या कृष्ण के लिए समर्पित है, जो सभी जीवों के स्वामी माने जाते हैं। इसके माध्यम से भक्तजन एक गहरी भावना से यह प्रार्थना करते हैं कि भगवान उनकी सभी इच्छाओं और संकटों को सुनें। 'भक्त जनों के संकट सुन ले तू सब की इच्छा' का अर्थ है कि भगवान हर एक भक्त की स्थिति को समझते हैं और उनके दर्द को दूर करने में समर्थ हैं। इस भजन में आरती उतारने का संदर्भ यह दर्शाता है कि जब भक्त सच्चे दिल से अपने इष्ट देव की पूजा करते हैं, तब भगवान उनके ऊपर अपनी कृपा बरसाते हैं।

यह भजन भावनाओं से भरा हुआ है। भक्त इसमें अपने समर्पण और प्रेम को व्यक्त करते हैं, यह दर्शाते हुए कि निरंतर भगवान की भक्ति करने से जीवन में सुख और शांति की प्राप्ति होती है। 'जो मुझको आया, मुझको सदा तूँ ख्याल रखे' पंक्ति में भक्त अपने विश्वास को व्यक्त करता है कि भगवान उन्हें कभी भी अकेला नहीं छोड़ेंगे, चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो। यह विश्वास धर्म में विश्वास के महत्व को रेखांकित करता है, जिससे भक्त प्रेम और भक्ति के साथ भगवान की ओर बढ़ता है।

भजन में समर्पण और भक्ति का पथ प्रस्तुत किया गया है। भक्ति मार्ग का असली उद्देश्य ईश्वर के प्रति प्रेम और समर्पण को बढ़ाना है। 'तेरी भगवती कृपा से संपत्ति हमारी हो' इस पंक्ति में यह विचार प्रकट होता है कि जब भगवान कृपा करते हैं, तब जीवन में धन-संपत्ति और संतोष दोनो प्राप्त होते हैं। इस भजन के माध्यम से भक्त यह ज्ञान प्राप्त करते हैं कि ईश्वर की कृपा के बिना कोई भी सुख संभव नहीं है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का उल्लेख कई पुराणों में मिलता है, जहाँ भगवान विष्णु या कृष्ण की आराधना होती है। भारतीय संस्कृति में भक्ति का गहरा अर्थ है, और यह भजन सभी भक्तों को जोड़ता है। यह बताता है कि हर कोई चाहे वह जाति, धर्म या स्थिति में हो, भगवान की कृपा का पात्र है। इस भजन की शक्ति भक्तों को उनके संकटों से बाहर निकालने में सहायक होती है, जिससे वे आत्मा की शांति और मानसिक संतुलन को प्राप्त कर सकें।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। यह भजन मानसिक तनाव को कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक होता है। नियमित रूप से 'ॐ जय जगदीश हरे' का जाप करने से न केवल व्यक्ति के जीवन में सुख और शांति का संचार होता है, बल्कि इष्ट देव की कृपा प्राप्त करने का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप करने का आदर्श समय सुबह का है, जब दिन की शुरुआत में सकारात्मकता चाहिए होती है। भक्तों को यह सलाह दी जाती है कि वे इस भजन का जाप करते समय एक दीप जलाएं और सफेद फूल या फल का भोग चढ़ाएं। बैठते समय सरल मुद्रा में बैठें और ध्यान केंद्रित करके भगवान की कृपा की कामना करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का जप करने का सही समय क्या है?

यह भजन सुबह के समय जप करने के लिए अति उत्तम है, ताकि दिन की सकारात्मक शुरूआत की जा सके।

क्या यह भजन विभिन्न संकटों में सहायक है?

हाँ, 'ॐ जय जगदीश हरे' भजन सभी संकटों में भगवान की कृपा और सहायता की प्रार्थना करता है, जिससे भक्त को साहस और संबल मिलता है।

इस भजन को पढ़ते समय कौन-कौन सी वस्तुएं चढ़ानी चाहिए?

इस भजन के पाठ के दौरान एक दीप जलाना और फल या फूल चढ़ाना उचित है, जो भक्ति और प्रेम का प्रतीक है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 08 Oct 2026

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