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सावा लाख के साड़ी भींजे (Sawa Lakh Ke Sari Bhinje) - chhath puja Rani Thakur

रानी ठाकुर द्वारा स्वरबद्ध प्रसिद्ध छठ पूजा गीत 'सावा लाख के साड़ी भींजे' के बोल और भावार्थ यहाँ पढ़ें। छठी मैया की महिमा और भक्ति से भरपूर यह गीत सुनें।

छठ पूजा का पर्व बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। इस महापर्व में सूर्य देव एवं छठी मैया की उपासना की जाती है तथा व्रती महिलाएं निर्जला व्रत रखकर अर्घ्य अर्पित करती हैं। इसी पावन अवसर पर गाए जाने वाले अनेक लोकगीतों में "सावा लाख के साड़ी भींजे" अत्यंत लोकप्रिय एवं भावपूर्ण गीत है। यह गीत रानी ठाकुर के स्वर में प्रस्तुत किया गया है और भक्तिलोक के माध्यम से श्रद्धालुओं तक पहुंच रहा है। इस गीत में छठी मैया से विनती की गई है कि वे भक्त की मनोकामना पूर्ण करें तथा उसके कुल की रक्षा करें। गीत की भाषा में भोजपुरी एवं मैथिली का सुंदर मिश्रण है, जो इसे और भी आत्मीय बनाता है। इस लेख में हम इस गीत के सम्पूर्ण बोल, भावार्थ, महत्व एवं गायन विधि पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

सम्पूर्ण गीत के बोल | Complete Lyrics

सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो

सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो
सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो
सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो
सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो

सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो
सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो
सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो
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सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो
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सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो
सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो

सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो
सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो
सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो
सावा लाख के साड़ी भींजे, छठी मैया हो

गीत का भावार्थ एवं अर्थ | Song Meaning

इस गीत का मुख्य भाव यह है कि भक्त छठी मैया से प्रार्थना करता है कि वे उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें। "सावा लाख के साड़ी भींजे" का अर्थ है कि भक्त की साड़ी (वस्त्र) भीग जाए, अर्थात् भक्त की भक्ति में इतनी शक्ति हो कि वह मैया के आगे स्वयं को समर्पित कर दे। यह गीत भक्ति एवं समर्पण का प्रतीक है। छठी मैया को सूर्य देव की बहन माना जाता है और वे भक्तों की रक्षा करती हैं। इस गीत में भक्त उनसे अपने कुल की रक्षा करने की प्रार्थना करता है।

गीत की भाषा में भोजपुरी और मैथिली का प्रभाव स्पष्ट है। "सावा लाख" का अर्थ है एक लाख चौबीस हजार, जो एक बहुत बड़ी संख्या है। यह संख्या भक्त की भक्ति की गहराई को दर्शाती है। "साड़ी भींजे" का अर्थ है कि भक्त की साड़ी भीग जाए, अर्थात् भक्त की आंखों से आंसू बहें, जो भक्ति के आंसू हैं। यह गीत भक्ति रस से भरपूर है और इसे सुनने मात्र से ही मन में श्रद्धा जागृत होती है।

इस गीत में छठी मैया की महिमा का गुणगान किया गया है। भक्त उनसे प्रार्थना करता है कि वे उसके कुल की रक्षा करें और उसे सुख-समृद्धि प्रदान करें। यह गीत छठ पूजा के दौरान गाया जाता है, विशेषकर अर्घ्य देने के समय। इसका भावार्थ यह है कि भक्त अपने जीवन के सभी कष्टों को भगवान के चरणों में अर्पित कर देता है और उनसे शरणागति की प्रार्थना करता है।

गीत की जानकारी | Song Information

विवरण जानकारी
गीत का नाम सावा लाख के साड़ी भींजे
गायक रानी ठाकुर
गीतकार पारंपरिक लोकगीत
संगीतकार पारंपरिक
भाषा भोजपुरी, मैथिली, हिंदी
विषय छठ पूजा, छठी मैया, सूर्य उपासना
अवसर छठ पूजा, कार्तिक शुक्ल षष्ठी

गीत की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

यह गीत छठ पूजा के दौरान गाए जाने वाले सबसे लोकप्रिय गीतों में से एक है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • भक्ति भाव: यह गीत भक्ति एवं समर्पण का प्रतीक है। इसमें भक्त छठी मैया से अपने कुल की रक्षा करने की प्रार्थना करता है।
  • लोक संस्कृति: यह गीत बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति का अभिन्न अंग है।
  • सरल भाषा: गीत की भाषा अत्यंत सरल एवं मधुर है, जिसे हर आयु वर्ग के लोग गा सकते हैं।
  • आध्यात्मिक महत्व: इस गीत को सुनने एवं गाने से मन को शांति मिलती है और भक्ति भाव जागृत होता है।
  • पारिवारिक एकता: छठ पूजा के दौरान यह गीत पूरे परिवार के साथ मिलकर गाया जाता है, जिससे पारिवारिक एकता बढ़ती है।

इस गीत का आध्यात्मिक महत्व यह है कि यह भक्त को अपने इष्ट देव के प्रति समर्पण का भाव सिखाता है। छठी मैया को सूर्य देव की बहन माना जाता है और वे भक्तों की रक्षा करती हैं। इस गीत के माध्यम से भक्त उनसे अपने कुल की रक्षा करने की प्रार्थना करता है।

गीत गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

यह गीत विशेष रूप से छठ पूजा के दौरान गाया जाता है। छठ पूजा कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन व्रती महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करती हैं। इस अवसर पर यह गीत गाया जाता है।

गीत गाने की विधि:

  1. सर्वप्रथम स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. छठी मैया की मूर्ति या चित्र के समक्ष दीपक प्रज्वलित करें।
  3. फिर भक्ति भाव के साथ इस गीत को गाएं।
  4. गीत गाते समय मन में छठी मैया का ध्यान करें।
  5. गीत के बाद आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

इस गीत को सुनने का सर्वोत्तम समय प्रातःकाल एवं सायंकाल है। छठ पूजा के दौरान इसे घाट पर भी गाया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह गीत रानी ठाकुर के स्वर में प्रस्तुत किया गया है। यह एक पारंपरिक छठ पूजा गीत है जिसे भक्तिलोक के माध्यम से श्रद्धालुओं तक पहुंचाया गया है।

यह गीत विशेष रूप से छठ पूजा के दौरान गाया जाता है। छठ पूजा कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है। इसके अतिरिक्त इसे किसी भी शुभ अवसर पर भी गाया जा सकता है।

सावा लाख का अर्थ है एक लाख चौबीस हजार। यह एक बहुत बड़ी संख्या है जो भक्त की भक्ति की गहराई को दर्शाती है।

छठी मैया को सूर्य देव की बहन माना जाता है। वे भक्तों की रक्षा करती हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। छठ पूजा में उनकी उपासना की जाती है।

यह गीत हिंदू धर्म से संबंधित है और विशेष रूप से छठ पूजा के दौरान गाया जाता है। यह बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति का अभिन्न अंग है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह लेख संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है। इसमें छठ पूजा के पारंपरिक गीत "सावा लाख के साड़ी भींजे" के बोल, भावार्थ एवं महत्व को प्रस्तुत किया गया है। यह गीत रानी ठाकुर के स्वर में प्रस्तुत किया गया है और भक्तिलोक के माध्यम से श्रद्धालुओं तक पहुंचाया गया है।

इस लेख में दी गई जानकारी पारंपरिक लोकगीतों एवं छठ पूजा की प्रामाणिक परंपराओं पर आधारित है। हमने इस गीत के बोल, भावार्थ एवं महत्व को विस्तार से समझाने का प्रयास किया है।

संदर्भ:

  • छठ पूजा की पारंपरिक लोकगीत परंपरा
  • बिहार, झारखंड एवं उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति
  • सूर्य उपासना एवं छठी मैया की महिमा

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संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 11 Oct 2026

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