Punjabi Devi Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

माटी के मुर्तिया बोल देहिन (MAATI KE MURTIYA BOL DEEHIN) - Ravinder Singh Jyoti Devi Bhajan

पढ़ें माटी के मुर्तिया बोल देहिन (MAATI KE MURTIYA BOL DEEHIN) - Ravinder Singh Jyoti Devi Bhajan - Bhaktilok का शुद्ध पाठ, शब्दार्थ, विस्तृत हिंदी भावार्थ,

रविंदर सिंह द्वारा स्वरबद्ध 'माटी के मुर्तिया बोल देहिन' एक अत्यंत भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी देवी भजन है। यह भजन न केवल माता रानी की महिमा का गुणगान करता है, बल्कि भक्त और भगवान के बीच के उस अटूट संबंध को भी दर्शाता है जहाँ श्रद्धा के आगे निर्जीव प्रतिमा भी जीवंत हो उठती है। पंजाबी लोक शैली और भक्ति के सम्मिश्रण से सजा यह गीत भक्तों को आत्म-समर्पण की पराकाष्ठा तक ले जाता है। इस लेख में हम इस भजन के आध्यात्मिक मर्म, इसके भावार्थ और देवी भक्ति में इसके महत्व पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

माटी के मुर्तिया बोल देहिन, हो राम, तेरो नाम बतायें।
बोल देहिन माटी के मुर्तिया, हो राम, तेरो नाम बतायें।
माटी के मुर्तिया बोल देहिन, हो राम, तेरो नाम बतायें॥

जिनके नाम से सुख मिलें, हो राम, तेरो नाम बतायें।
भक्ति में भाव ह्रदय में भर कर, हो राम, तेरो नाम बतायें।
माटी के मुर्तिया बोल देहिन, हो राम, तेरो नाम बतायें॥

श्रद्धा के दीप जलाकर देखो, हो राम, तेरो नाम बतायें।
माता की ज्योत जगाकर देखो, हो राम, तेरो नाम बतायें।
माटी के मुर्तिया बोल देहिन, हो राम, तेरो नाम बतायें॥

रविंदर की ये पुकार सुनो, हो राम, तेरो नाम बतायें।
ज्योति देवी की कृपा बरसे, हो राम, तेरो नाम बतायें।
माटी के मुर्तिया बोल देहिन, हो राम, तेरो नाम बतायें॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मूल भाव 'भाव की प्रधानता' है। 'माटी के मुर्तिया बोल देहिन' का अर्थ है कि जब भक्त का हृदय पूर्णतः शुद्ध और समर्पित होता है, तो उसे मिट्टी की बनी प्रतिमा में भी साक्षात जगदम्बा का स्वरूप दिखाई देने लगता है। यहाँ 'बोल देहिन' का अर्थ है कि भक्त की पुकार सुनकर देवी की प्रतिमा से भी आशीर्वाद की ध्वनि सुनाई देने लगती है। भजन यह संदेश देता है कि ईश्वर बाहरी आडंबरों से नहीं, बल्कि भीतर के प्रेम और विश्वास से प्रसन्न होते हैं। जब हम श्रद्धा के साथ माता का नाम लेते हैं, तो हमारे जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और मन में शांति का संचार होता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति का स्वरूप: यह भजन सगुण भक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ भक्त प्रतिमा को ही अपना सर्वस्व मानता है।
  • लोक शैली: पंजाबी लोक संगीत के पुट के कारण यह भजन जन-जन में अत्यंत लोकप्रिय है।
  • मानसिक शांति: इस भजन का निरंतर श्रवण मन की चंचलता को समाप्त कर एकाग्रता प्रदान करता है।
  • सांस्कृतिक महत्व: देवी गीतों की परंपरा में यह भजन माता के प्रति अटूट विश्वास को पुनर्जीवित करता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को नवरात्रि के पावन दिनों में, माता की चौकी पर, या दैनिक पूजा के समय गाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे गाते समय मन में माता के स्वरूप का ध्यान करना चाहिए। यदि संभव हो, तो घी का दीपक जलाकर और धूप-दीप अर्पित करके इसे गाने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

यह भजन मुख्य रूप से आदि शक्ति माँ दुर्गा को समर्पित है। माँ दुर्गा, जो शक्ति की अधिष्ठात्री देवी हैं, अपने भक्तों की पुकार सुनकर उनकी रक्षा करती हैं। रविंदर सिंह और ज्योति देवी ने अपनी गायकी के माध्यम से इस भजन को भक्ति की एक नई ऊँचाई प्रदान की है।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

भजन की भाषा सरल हिंदी और पंजाबी मिश्रित है, जो इसे आम जनमानस के हृदय के करीब लाती है। इसमें अनुप्रास और रूपक अलंकारों का सुंदर प्रयोग किया गया है, जिससे यह सुनने में अत्यंत मधुर और प्रभावशाली लगता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ संदर्भ
माटी मिट्टी देवी की प्रतिमा के लिए प्रयुक्त
मुर्तिया मूर्ति देवी का स्वरूप
भाव समर्पण/प्रेम भक्ति की भावना
ज्योत प्रकाश माता की दिव्य शक्ति

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. 'माटी के मुर्तिया बोल देहिन' भजन के गायक कौन हैं?
यह भजन रविंदर सिंह और ज्योति देवी द्वारा गाया गया है।

2. इस भजन को किस अवसर पर सुनना चाहिए?
इसे नवरात्रि, माता की चौकी, जागरण या दैनिक पूजा के समय सुनना अत्यंत फलदायी है।

3. क्या यह भजन घर पर गाया जा सकता है?
जी हाँ, इसे घर पर पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ गाया जा सकता है।

4. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
इसका मुख्य संदेश है कि सच्ची श्रद्धा से निर्जीव प्रतिमा में भी ईश्वर का वास होता है।

5. क्या यह भजन पंजाबी भाषा में है?
इसमें पंजाबी लोक संगीत की शैली का प्रयोग किया गया है, जो इसे विशिष्ट बनाता है।

6. माता की भक्ति के लिए और कौन से भजन सुने जा सकते हैं?
आप माता रानी के अन्य लोकप्रिय भजन भी सुन सकते हैं।

7. क्या इस भजन को सुनने से मन को शांति मिलती है?
हाँ, भक्तिपूर्ण गीतों का श्रवण मानसिक तनाव को कम करने में सहायक होता है।

8. इस भजन में 'राम' शब्द का क्या अर्थ है?
यहाँ 'राम' संबोधन के रूप में है, जो भक्त की व्याकुलता और प्रभु के प्रति पुकार को दर्शाता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री। यह लेख विभिन्न भक्ति परंपराओं और लोक गीतों के संदर्भों पर आधारित है।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

भक्ति संगीत संग्रह, लोक परंपराएं एवं देवी स्तुति ग्रंथ।

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संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 08 Oct 2026

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