Durga Bhajan Lyrics मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

Maa Durga Beautiful Bhajan मेरे अंगना में आज माँ का जगराता (Maa Ka Jagrata)

माँ दुर्गा का जगराता भजन श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। इसे गाने से भक्त विभिन्न आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

प्रस्तावना एवं परिचय

माँ दुर्गा की कृपा से जगमगाते भजन

इस भजन में माँ दुर्गा का जगराता भक्तों की भक्ति का प्रतीक है। आइए, साथ मिलकर भजन गाएं।

मेरे अंगना में आज माँ का जगराता, सब भज रहे हैं जगराता। बम बम बोला, गूंजे सबेरा, हर तरफ महका माँ का नज़ारा। राधा कृष्ण की भक्ति है बसी, माँ दुर्गा का अनुग्रह पाई। सज गईं झांकियां, सज गईं रंगीनियाँ, मां की महिमा, सब रही बघिया में सजी। हर मन की कामना, माँ कराएं पूरी, भक्त जनों के दर पर आतीं सदा धुरी। धन धन माँ, सबकी सुनती हैं वो, भक्ति में लहराते, माँ का जगराता। बम बम बोला, गूंजे सबेरा, हर तरफ महका माँ का नज़ारा। पूजा अर्चना का है ये माहौल, तरसे भक्तजन सबकी हंसि। रखो भक्ति में मन, जो सच्चा हो प्यार, माँ की कृपा से मिटें सब अंधकार। हर ओर हो उजियाला, माँ का जगराता, सब भज रहे हैं जगराता। बम बम बोला, गूंजे सबेरा, हर तरफ महका माँ का नज़ारा।
साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय माँ दुर्गा के प्रति असीम श्रद्धा और भक्ति को प्रकट करना है। 'मेरे अंगना में आज माँ का जगराता' से यह स्पष्ट होता है कि भक्त के मन में माँ की उपस्थिति का अद्भुत अनुभव है। यह भाव एक पारिवारिक और स्थानीय माहौल में पूजा-अर्चना के महत्व को दर्शाता है। मां के साथ भक्ति का यह संसम्भावनायुक्त वातावरण भक्तों में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति का संचार करता है। भजन की पंक्तियाँ 'हर तरफ महका माँ का नज़ारा' इस बात का परिचायक हैं कि माँ सभी भक्तों की सुने और उनकी हर इच्छा को पूरा करें। इसका अर्थ है कि माँ की कृपा से निराशाएँ समाप्त हो जाती हैं और जीवन में एक नई आशा का संचार होता है।

भजन में 'धन धन माँ, सबकी सुनती हैं वो' की पंक्ति भक्तों के मन में एक गहरा भाव प्रस्तुत करती है। यह निश्चित रूप से मान्यता है कि जब भक्त सच्चे मन से माँ की आराधना करते हैं तो माँ स्वयं उनकी समस्याओं का समाधान करती हैं। जो भक्त माँ की चरणों में श्रद्धा रखते हैं, वे सभी सच्ची भक्ति का फल प्राप्त करते हैं। इसके साथ ही, भजन में 'पूजा अर्चना का है ये माहौल' की भावना यह दर्शाती है कि भक्ति का वातावरण न केवल व्यक्तिगत, बल्कि सामूहिक रूप से भक्तों को जोड़ने का काम करता है। मां का जगराता एक उत्सव है, जहां समर्पण और भक्ति का आनंद लिया जाता है।

भक्ति मार्ग का सच्चा अनुसरण करते हुए, भक्तगण माँ दुर्गा का जगराता करते हैं जो प्राचीन भारतीय पौराणिक कथाओं में एक प्रमुख स्थान रखता है। देवी उपासना की परंपरा संपूर्ण विश्व में फैली हुई है। माँ दुर्गा शांति, शक्ति, और विवेक का प्रतीक हैं। इस प्रकार के भजनों का गाना न केवल भक्ति को प्रगाढ़ बनाता है, बल्कि एकाग्रता और मानसिक शांति प्राप्त करने का भी साधन बनता है। भक्तगण जब सामूहिक रूप से भजन प्रस्तुत करते हैं, तो यह संगीनी तत्वों से भरे माहौल का निर्माण करता है जिससे संपूर्ण परिवार और समुदाय जुड़ता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन की पृष्ठभूमि में माँ दुर्गा की महिमा का वर्णन है, जो पौराणिक कथाओं में शक्ति और संतुलन का प्रतिक मानी जाती हैं। जैसे देवी दुर्गा ने महिषासुर आदि दानवों के साथ युद्ध किया और उन्हें पराजित किया, उसी प्रकार भक्त माँ से अपने जीवन के कठिन दौर में विजय प्राप्त करने की कामना करते हैं। देवी पुराण, मार्कंडेय पुराण, और अन्य ग्रंथों में माँ दुर्गा की उपासना का महत्व तथा भक्ति के फल का वर्णन मिलता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि के समय गाया जाता है, जहां भक्तगण रात भर जागरण करते हुए माँ का जगराता करते हैं।

मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें। इस भजन के उच्चारण से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उत्थान की प्राप्ति होती है। नियमित रूप से इस भजन का पाठ करने से मन की चंचलता कम होती है और भक्त की एकाग्रता तेज होती है। इससे न केवल भक्त का मन निर्मल होता है, बल्कि जीवन में अनेकों बाधाओं का सामना करने की क्षमता भी विकसित होती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ ideally रात को विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान किया जाता है। पूजा की तैयारी में एक diya जलाना, पुष्प-अर्पण करना और मिठाइयों का भोग लगाना शामिल है। भक्तों को शांत मन से और श्रद्धा के साथ इस भजन का गान करना चाहिए। साथ ही, स्त्री या पुरुष भक्तों को एक जगह बैठकर सामूहिक रूप से भजन करना अधिक श्रेष्ठ माना जाता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या इस भजन का अर्थ केवल देवी दुर्गा की आराधना तक सीमित है?

नहीं, यह भजन माँ दुर्गा के प्रति भक्ति, समर्पण और परिवारिक एकता को भी दर्शाता है। इसके माध्यम से भक्त अपने मन की संतोष और शांति की प्राप्ति करते हैं।

क्या मैं इस भजन को किसी विशेष दिन के अलावा भी गा सकता हूँ?

जी हाँ, आप इस भजन को किसी भी दिन गा सकते हैं, लेकिन नवरात्रि में यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देवी दुर्गा की पूजा का समय है।

क्या इस भजन का गाना केवल महिलाओं के लिए है?

नहीं, यह भजन सभी भक्तों, पुरुषों और महिलाओं के लिए समान रूप से है। यह किसी भी उम्र के भक्त के लिए उपयुक्त है जो माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!