"मेहंदी री मेहंदी तेरी किस्मत खुल गई रे" अमरजीत सिंह बिजली जी द्वारा स्वरबद्ध एक अत्यंत भावपूर्ण और लोकप्रिय देवी भजन है। यह भजन माता रानी के प्रति भक्त के अनन्य समर्पण और उस सौभाग्य का वर्णन करता है जो माता के चरणों की सेवा में प्राप्त होता है। सनातन संस्कृति में मेहंदी को सुहाग, सौभाग्य और मंगल का प्रतीक माना गया है। जब यही मेहंदी माता के चरणों में रची जाती है, तो वह केवल एक श्रृंगार नहीं, बल्कि भक्ति का एक ऐसा रंग बन जाती है जो भक्त के जीवन को धन्य कर देता है। यह भजन नवरात्रि, माता की चौकी, जागरण और सत्संग के कार्यक्रमों में विशेष रूप से गाया जाता है, जो श्रोताओं के मन में देवी के प्रति श्रद्धा और प्रेम का संचार करता है।
सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics
मेहंदी री मेहंदी तेरी किस्मत खुल गई रे,
तू तो मैया के चरणों में रच गई रे...
जिसने भी मैया को मन से पुकारा,
मैया ने आकर दिया है सहारा,
भक्तों की बिगड़ी तूने ही बनाई,
मैया तेरी महिमा है सबसे निराली,
मेहंदी री मेहंदी तेरी किस्मत खुल गई रे...
लाल चुनरिया मैया ने ओढ़ी,
भक्तों से नाता है प्रेम की डोरी,
जो भी आया है दर पे तेरे,
खाली न लौटा है कोई भी फेरे,
मेहंदी री मेहंदी तेरी किस्मत खुल गई रे...
अमरजीत सिंह बिजली गाए तराना,
मैया के दर पे है शीश झुकाना,
कृपा करो माँ हम पे भी भारी,
हम तो हैं बालक तेरे ही पुजारी,
मेहंदी री मेहंदी तेरी किस्मत खुल गई रे...
भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth
इस भजन का मुख्य भाव 'समर्पण' है। भक्त मेहंदी को संबोधित करते हुए कहता है कि "हे मेहंदी! तुम धन्य हो, तुम्हारी किस्मत खुल गई है क्योंकि तुम्हें साक्षात जगत जननी माँ दुर्गा के चरणों में स्थान मिला है।" यह एक रूपक है—जिस प्रकार मेहंदी का अस्तित्व माता के चरणों में जाकर सार्थक हो जाता है, उसी प्रकार मनुष्य का जीवन भी तभी सफल है जब वह स्वयं को पूरी तरह से माँ की भक्ति में समर्पित कर दे। भजन में माता की करुणा का वर्णन है कि वे अपने भक्तों की पुकार सुनकर तुरंत सहायता के लिए आती हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि भक्ति में अहंकार का त्याग और पूर्ण विश्वास ही वह कुंजी है जिससे भाग्य के द्वार खुलते हैं।
भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance
- भक्ति भाव: यह भजन 'दास्य भाव' और 'सख्य भाव' का मिश्रण है, जहाँ भक्त माँ को अपना सर्वस्व मानता है।
- सांस्कृतिक प्रतीक: मेहंदी का प्रयोग भारतीय परंपरा में शुभता का प्रतीक है, जिसे यहाँ आध्यात्मिक उन्नति से जोड़ा गया है।
- जागरण की शोभा: अमरजीत सिंह बिजली जी की ओजस्वी शैली इसे जागरणों में एक अनिवार्य भजन बनाती है।
भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing
इस भजन को नवरात्रि के नौ दिनों में, माता की चौकी के समय, या किसी भी मंगलवार/शुक्रवार को माता की पूजा के दौरान गाया जा सकता है। इसे गाते समय मन में माता के चरणों का ध्यान करना अत्यंत फलदायी होता है।
भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| किस्मत | भाग्य |
| चरण | पावन पद (Feet) |
| निराली | अद्वितीय (Unique) |
| पुजारी | भक्त/उपासक |
एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information
| भजन का नाम | मेहंदी री मेहंदी तेरी किस्मत खुल गई रे |
| गायक | अमरजीत सिंह बिजली |
| विषय | देवी भक्ति |
| भाषा | हिंदी/पंजाबी मिश्रित |
| उपयुक्त अवसर | नवरात्रि, जागरण, माता की चौकी |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
यह भजन किस देवी को समर्पित है?
यह भजन जगत जननी माँ दुर्गा (आदिशक्ति) को समर्पित है।
क्या इसे घर पर गाया जा सकता है?
जी हाँ, इसे घर पर माता की पूजा या कीर्तन के दौरान पूरी श्रद्धा के साथ गाया जा सकता है।
अमरजीत सिंह बिजली कौन हैं?
वे एक प्रसिद्ध भजन गायक हैं जो अपनी ओजस्वी आवाज में देवी भजनों के लिए जाने जाते हैं।
मेहंदी का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?
आध्यात्मिक रूप से मेहंदी 'समर्पण' का प्रतीक है, जो स्वयं को घिसकर (त्याग कर) प्रभु के चरणों में रंग भर देती है।
क्या इस भजन को सुनने से मानसिक शांति मिलती है?
भक्ति संगीत का श्रवण मन को एकाग्र करने और नकारात्मकता दूर करने में सहायक होता है।
नवरात्रि में इस भजन का क्या महत्व है?
नवरात्रि में माता की महिमा का गुणगान करने से विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है।
क्या इसके साथ कोई विशेष वाद्य यंत्र बजाना चाहिए?
ढोलक, मंजीरा और चिमटा इस भजन की लय के लिए सबसे उपयुक्त हैं।
क्या यह भजन जागरण के लिए उपयुक्त है?
हाँ, यह जागरण में भक्तों को झूमने और भक्ति में लीन करने के लिए एक बेहतरीन भजन है।
संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।
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स्रोत एवं संदर्भ
यह सामग्री लोक परंपराओं, भक्ति संगीत के प्रचलित स्वरूपों और सनातन धर्म के देवी उपासना सिद्धांतों पर आधारित है।
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