प्रसिद्ध मंदिर
श्री अम्बाजी माता मंदिर, गुजरात: शक्तिपीठ इतिहास, गब्बर हिल, दर्शन समय एवं संपूर्ण यात्रा गाइड
बनासकांठा, गुजरात
गुजरात के बनासकांठा में स्थित श्री अम्बाजी माता मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहाँ माँ सती का हृदय गिरा था। यहाँ मूर्ति नहीं बल्कि 'विसा यंत्र' की पूजा होती है।
सुबह 07:30 से 11:30, दोपहर 12:30 से 04:30, शाम 07:00 से 09:00 विस्तार से
श्री महालक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर: इतिहास, दर्शन समय, महापूजा एवं संपूर्ण यात्रा गाइड | Shri Mahalakshmi Temple Kolhapur: History, Darshan Timings & Travel Guide
कोल्हापुर, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित माँ महालक्ष्मी (अंबाबाई) का यह भव्य मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। यहाँ देवी साक्षात विराजमान होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।
सुबह 05:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक विस्तार से
श्री ज्ञानवापी आदि विश्वेश्वर मंदिर, वाराणसी - पौराणिक इतिहास, दर्शन समय एवं संपूर्ण यात्रा गाइड
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
वाराणसी की आध्यात्मिक आत्मा, ज्ञानवापी आदि विश्वेश्वर मंदिर का एक विस्तृत यात्रा वृत्तांत। भगवान शिव के इस प्राचीन और रहस्यमयी स्थल के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें।
सुबह 05:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक विस्तार से
श्री मणिकर्णिका शक्तिपीठ (मणिकर्णिका घाट), वाराणसी - पौराणिक इतिहास, दर्शन समय एवं संपूर्ण यात्रा गाइड
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
काशी की मोक्षदायिनी नगरी में स्थित मणिकर्णिका शक्तिपीठ माँ सती के दिव्य स्वरूप का प्रतीक है। यह स्थान न केवल आध्यात्मिक शांति का केंद्र है, बल्कि मोक्ष का द्वार भी माना जाता है।
सुबह 05:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक विस्तार से
श्री मणिकुला (मंशा देवी) शक्तिपीठ, हरिद्वार - इतिहास, दर्शन समय, रोपवे एवं संपूर्ण यात्रा गाइड
हरिद्वार, उत्तराखंड
हरिद्वार की शिवालिक पहाड़ियों पर स्थित माँ मंशा देवी का मंदिर भक्तों की मनोकामना पूर्ण करने वाला एक सिद्ध शक्तिपीठ है। यह स्थान अपनी अलौकिक ऊर्जा और सुंदर दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है।
सुबह 05:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक विस्तार से
श्री भद्रकाली मंदिर, वारंगल (तेलंगाना) - इतिहास, वास्तुकला, दर्शन समय एवं संपूर्ण यात्रा गाइड
वारंगल, तेलंगाना
वारंगल की ऐतिहासिक भूमि पर स्थित माँ भद्रकाली का यह प्राचीन मंदिर शक्ति और वास्तुकला का अद्भुत संगम है। काकतीय राजवंश की गौरवशाली गाथाओं को समेटे यह मंदिर भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।
सुबह 05:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक विस्तार से
श्री मणिकर्णिका घाट एवं मणिकर्णिकेश्वर मंदिर, वाराणसी - इतिहास, पौराणिक महत्व, दर्शन समय एवं संपूर्ण यात्रा गाइड
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
काशी की मोक्षदायिनी नगरी का हृदय स्थल मणिकर्णिका घाट, जहाँ भगवान शिव स्वयं तारक मंत्र का उपदेश देते हैं। मणिकर्णिकेश्वर मंदिर के दर्शन और इतिहास का विस्तृत विवरण।
सुबह 05:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक विस्तार से
श्री भीमानाथ मंदिर एवं पशुपतिनाथ मंदिर, मध्य प्रदेश: इतिहास, दर्शन समय, अष्टमुखी शिवलिंग एवं संपूर्ण यात्रा गाइड
मंदसौर, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित भगवान शिव के श्री पशुपतिनाथ मंदिर और भीमानाथ मंदिर की संपूर्ण यात्रा गाइड। यहाँ अष्टमुखी शिवलिंग और प्राचीन इतिहास की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।
प्रातः 05:00 बजे से रात्रि 09:30 बजे तक विस्तार से
श्री अष्टभुजा देवी मंदिर, विंध्याचल - इतिहास, दर्शन समय, नवरात्रि महत्व एवं संपूर्ण यात्रा गाइड
मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश
विंध्याचल की पहाड़ियों पर स्थित माँ अष्टभुजा देवी का मंदिर शक्ति और भक्ति का अद्भुत केंद्र है। यह त्रिकोण परिक्रमा का एक प्रमुख हिस्सा है।
सुबह 05:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक विस्तार से
श्री भोरमदेव मंदिर, कवर्धा (छत्तीसगढ़) - खजुराहो ऑफ छत्तीसगढ़, इतिहास, वास्तुकला एवं संपूर्ण यात्रा गाइड
कवर्धा, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में स्थित भोरमदेव मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इसे 'छत्तीसगढ़ का खजुराहो' कहा जाता है, जो भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन तीर्थ स्थल है।
सुबह 05:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक विस्तार से
श्री अघोरेश्वर महादेव मंदिर (अघोर पीठ), वाराणसी - इतिहास, दर्शन समय, अघोर साधना एवं संपूर्ण यात्रा गाइड
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
वाराणसी के हृदय में स्थित श्री अघोरेश्वर महादेव मंदिर अघोर पंथ का एक प्रमुख केंद्र है। यह स्थान भगवान शिव के अघोर स्वरूप की साधना और अलौकिक ऊर्जा का संगम है।
सुबह 05:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक विस्तार से
श्री लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर - इतिहास, दर्शन समय, वास्तुकला एवं संपूर्ण यात्रा गाइड
भुवनेश्वर, ओडिशा
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित श्री लिंगराज मंदिर भगवान शिव का एक भव्य और प्राचीन धाम है। यह कलिंग वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है जो भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है।
सुबह 05:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक विस्तार से