ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
भगवान शिव को समर्पित शिव गायत्री मंत्र अज्ञान का अंधकार दूर कर साधक के जीवन में आध्यात्मिक ज्ञान और मोक्ष का मार्ग प्रशस…
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
महामृत्युंजय मंत्र सनातन धर्म का सबसे शक्तिशाली आरोग्य मंत्र है। संदर्भ एवं व्याख्या सहित इस कालजयी संजीवनी विद्या के आध…
ॐ जटा जूट समआकारमर्धनेंदु कृत लक्षणम्। लोचनत्रय संयुक्तां पद्मेंदुद्यशानम्।।
भगवान शिव के पवित्र ध्यान मंत्र ॐ जटा जूट समआकारमर्धनेंदु कृत लक्षणम् का अर्थ और इसके जप के लाभ जानें। यह मंत्र साधक को …
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
तत्पुरुष शिव गायत्री मंत्र परम चेतना और आत्म-साक्षात्कार का शक्तिशाली मार्ग है। इस मंत्र के माध्यम से साधक अपनी चेतना को…
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनदवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्।।
लंकापति रावण द्वारा रचित शिव तांडव स्तोत्र भगवान शिव की महिमा का अद्भुत गुणगान है। इस ओजस्वी और लयबद्ध स्तोत्र के पाठ से…
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
सनातन वैदिक संस्कृति में महामृत्युंजय मंत्र को वेदों का प्राण रक्षक महामंत्र माना गया है। ऋग्वेद और यजुर्वेद से प्राप्त …
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
सनातन धर्म में महामृत्युंजय मंत्र को वेदों का हृदय तथा भगवान शिव का सबसे शक्तिशाली और प्राण-रक्षक मंत्र माना जाता है। जा…
ॐ हौं जूं सः माम् पालय पालय सः जूं हौं
भगवान शिव के परम शक्तिशाली त्रयोदशाक्षर महामृत्युंजय मंत्र से अमोघ आयु रक्षा, आरोग्य और मृत्युभय का निवारण कैसे करें। जा…
ॐ नमः शिवाय
सनातन धर्म में भगवान शिव के महामंत्र 'ॐ नमः शिवाय' (शिव पंचाक्षर मंत्र) का विशेष महत्व है। इस लेख में मंत्र के पाँच अक्ष…
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
सनातन वैदिक संस्कृति में महामृत्युंजय मंत्र को वेदों का हृदय तथा मृतसंजीवनी विद्या का मूल स्तंभ माना गया है। इस दिव्य मं…
ॐ हौं जूं सः माम् पालय पालय सः जूं हौं सम्पूर्ण आरोग्य विधान
भगवान शिव को समर्पित महामृत्युंजय संजीवन मंत्र अकाल मृत्यु, असाध्य रोगों और कष्टों से मुक्ति का महाविधान है।
ॐ हौं जूं सः मृत्यंजयय नमः
श्री महामृत्युंजय त्रयक्षर रक्षा मंत्र (ॐ हौं जूं सः मृत्यंजयय नमः) भगवान शिव का अति गोपनीय और अमोघ आरोग्य मंत्र है, जो …
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव का सबसे शक्तिशाली और महा-मोक्षदायक वैदिक मंत्र है। इसके नियमित जाप से अकाल मृत्यु का भय टलत…
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
सनातन धर्म के सबसे शक्तिशाली महामृत्युंजय मंत्र का सम्पूर्ण शुद्ध उच्चारण, अर्थ, जप विधि और आध्यात्मिक लाभ जानें Bhaktil…
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
भगवान शिव को समर्पित महामृत्युंजय मंत्र (ॐ त्र्यम्बकं यजामहे) सनातन धर्म का सबसे शक्तिशाली और प्राणरक्षक मंत्र है। इसके …
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव का अत्यंत शक्तिशाली और मोक्षदायी मंत्र है। इसके निरंतर जप से अकाल मृत्यु का भय टलता है, आरो…