भक्ति काव्य व भजन मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

जिनको जिनको मिला सहारा (jinko jinko mila sahara unko ye batlana hai lyrics in hindi)

'जिनको जिनको मिला सहारा' भजन, भगवान कृष्ण के आशीर्वाद और मानवता की सेवा का संदेश देता है। इसकी भक्ति भावनात्मक सहयोग का प्रतीक है।

प्रस्तावना एवं परिचय

सांवरिया की कृपा: हर दिल का सहारा

भजनों के इस अद्भुत संसार में मिलजुलकर प्रेम का संदेश फैलाने का प्रेरणादायक पाठ।

जिनको जिनको मिला सहारा उनको ये बतलाना है, हारा हुआ जो भी मिल जाये उसका साथ निभाना है, इस कलयुग में कई सुधामा मारे मारे घूम रहे, दवारिका गोकुल मथुरा में संवारे को दूंध रहे, उनसे करके यारी प्यारे उनका घर बनवाना है, हारा हुआ जो भी मिल... कई द्रोपती कई जगह पर संवारीये को पुकार रही, कई नरसी और कई नानिया बेबस और लचार खड़ी, उनका भाई बनके प्यारे उनकी लाज बचाना है, हारा हुआ जो भी मिल... जो भी ऐसा काम करेगा प्रेमी कहलाये गा, अंत समय में खुद सांवरिया उनको लेने आये गा, श्याम कह रहा इसी बहाने थोडा कर्ज चुकाना है, हारा हुआ जो भी मिल...
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन की पंक्तियाँ हमें एक गहन सन्देश देती हैं कि हमें किन्हीं भी परिस्थितियों में दूसरों की मदद करनी चाहिए। विशेषकर इस कलयुग में, जब कई लोग जिनका आधार या सहारा नहीं हैं, वे भटकते हुए और हताश हैं। 'जिनको जिनको मिला सहारा' पंक्ति में हमें सहयोग का महत्व बताया गया है। जो लोग कहर में हैं, जैसे सुधामा या द्रोपती, उनका हाथ थामने के लिए इस भजन में प्रेरित किया गया है। जब कोई हारा हुआ व्यक्ति हमें मिलता है, उस पर प्रेम और सहानुभूति दिखाकर उनका सहारा बनना ही सच्ची भक्ति को दर्शाता है। इस भक्ति से हम न केवल स्वयं को, बल्कि दूसरों को भी अपने जीवन में प्रेम का अनुभव करवा सकते हैं।

भजन में हर शब्द का भावार्थ गहराई से बंधा हुआ है। 'हारा हुआ जो भी मिल जाये' यह संकेत करता है कि हमें सबकी भलाई करनी चाहिए, चाहे वे कितने भी दुर्बल या असमर्थ क्यों न हों। द्रोपती एवं अन्य पात्रों की चर्चा हमें यह स्मरण दिलाती है कि हमें एक-दूसरे के प्रति विशेष स्नेह और सहानुभूति से पेश आना चाहिए। यह भजन केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है, जो हमें अपने नैतिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रेमी रूप में खुद को बदलना ही सच्चा सामाजिक कार्य है।

इस भक्ति में समर्पण और भक्ति मार्ग की महत्वपूर्णता पर ज़ोर दिया गया है। इस भजन का एक मुख्य उद्देश्य भक्तों को प्रोत्साहित करना है कि वे दूसरों के प्रति प्रेम के साथ-साथ, यह भी सुनिश्चित करें कि वे भगवान के प्रति अपनी निष्ठा को न तोड़ें। सांवरिया रूप में श्री कृष्ण की उपासना और उनकी कृपा का आश्रय लेने का संदेश, हमारे अंतर्मन में भक्ति के भाव को प्रज्वलित करता है। इस प्रकार, मानवीय संबंधों के माध्यम से ईश्वर के साथ जुड़ाव की एक अद्भुत गहराई प्रकट होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्व भारतीय पौराणिक कथाओं में गहराई से जुड़ा हुआ है। विशेष रूप से, यह श्री कृष्ण के अनुरूप है, जिन्होंने द्रोपदी की लाज बचाई और सुधामा की सहायता की। महाभारत और अन्य पुरातन ग्रंथों में यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार सही समय पर सहारा देकर किसी की ज़िंदगी को बदल सकते हैं। इसलिए, यह भजन हमें सिखाता है कि हम सभी को एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए, जैसे भगवान ने हमेशा मानवता का सहारा लिया है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन के नियमित जाप से मानसिक शांति और संतुलन को प्राप्त करना संभव है। इसके अतिरिक्त, इससे सामाजिक सहानुभूति और प्रेम में वृद्धि होती है। भक्ति की इस प्रक्रिया में, व्यक्ति में आध्यात्मिक ऊर्जा की वृद्धि होती है, जिससे साधक के जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का सही समय सुबह या संध्या का होता है, जब मन शांति और ध्यान की स्थिति में हो। भजन का पाठ करते समय एक दीया जलाकर और फूलों की माला अर्पित करने से विशेष लाभ होता है। आदर्श मुद्रा में बैठकर मन को एकाग्र करके इस भजन को गाना चाहिए, जिससे संपूर्ण समर्पण के साथ भक्ति की भावना प्रकट हो सके।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन में 'सहारा' का क्या महत्व है?

भजन में 'सहारा' का अर्थ केवल भौतिक सहायता नहीं, बल्कि मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक सहयोग भी है। यह हमें प्रेरित करता है कि हम दूसरों के दुःख-दर्द में उनके साथ खड़े रहें।

कौन-कौन से पौराणिक चरित्रों का उल्लेख इस भजन में किया गया है?

इस भजन में विशेष रूप से द्रोपदी, सुधामा और कृष्ण का उल्लेख किया गया है। ये सभी पात्र भक्ति, सहानुभूति और सामाजिक कर्तव्यों का प्रतीक हैं।

क्या इस भजन का गाना हर किसी के लिए लाभकारी है?

हाँ, इस भजन का गाना हर किसी के लिए फायदेमंद है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन में positivity लाता है, बल्कि सामाजिक संबंधों को भी मजबूत करता है, जिससे प्रेम और सहानुभूति का संचार होता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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