भक्ति काव्य व भजन मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

विठुमाऊली तू माऊली जगाची अभंग लिरिक्स - Vithumauli Tu Mauli Jagachi Abhang Lyrics in Hindi) - Marathi Bhajan

विठुमाऊली तू माऊली जगाची भजन में विठोबा की कृपा एवं भक्ति की गहराई है, जिसे गाकर भक्त आत्मा की शांति प्राप्त करते हैं।

प्रस्तावना एवं परिचय

विठुमाऊली: भक्तिरस का अनुपम स्रोत

इस भजन के माध्यम से विठोबा की कृपा प्राप्त कर भक्त को मोक्ष का मार्ग मिलता है।

विठुमाऊली तू माऊली जगाचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाकाय तुझी माया सांगु शिरीरंगासंसाराचि पंढरी तू केली पांडुरंगाडोळ्यातून वाहे माय चंद्रभागाअमृताची गोडी आज आलीया अभंगाविठ्ठला पांडुरंगाअभंगाला जोड टाळचिपळ्यांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापालेकरांची सेवा केलीस तू आईकसं पांग फेडू, कसं होऊ उतराईतुझ्या उपकारा जगी तोड नाहीओवाळीन जीव माझा सावळे विठाईविठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची, विठ्ठला मायबापाजन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांचीमाऊलीत मूर्ति विठ्ठलाची
साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में, 'विठुमाऊली तू माऊली जगाची' के माध्यम से विठोबा की माँ के रूप में मातृत्व का ज्ञान व्यक्त किया गया है। भक्त की भक्ति और श्रद्धा को दर्शाते हुए, यह भजन विठोबा की दिव्य माया को याद करता है। विठोबा को 'पांडुरंग' के नाम से भी जाना जाता है और उन्हें संसार के लिए मार्गदर्शक माना जाता है। भजन में 'तू केली पांडुरंगा' का जिक्र करते हुए, भक्त उनकी अद्भुत सृष्टि की सराहना करता है। यह दर्शाता है कि संसार में विठोबा का क्या महत्व है। गोदावरी के पानी को अमृत कहा गया है, यह एक आध्यात्मिक प्रतीक है जो भक्त के मन में भक्ति को जागृत करता है, ‘अमृताची गोडी आज आली’ पंक्ति इसी का उल्लेख करती है। इस प्रकार, इस भजन में पूरे संसार को विठोबा की स्तुति करने की प्रेरणा दी गई है।

भावार्थ की दृष्टि से, यह भजन एक भक्त की आत्मा के साथ विठोबा के जुड़ाव को दर्शाता है। 'तुझ्या उपकारा जगी तोड नहीं' पंक्ति में भक्त विठोबा की कृपा की असीमता का वर्णन कर रहा है। भक्त अपने जीवन में किस प्रकार विठोबा के ऋण में है, इसे स्पष्ट करता है। भक्ति में ऐसी गहराई है कि भक्त अपने प्रियतम की सेवा को सच्चे हृदय से समर्पित कर रहा है, और यही वास्तविक भक्ति का स्वभाव है। 'ओवाळीन जीव माझा सावळे विठाई' के माध्यम से भक्त अपनी पहचान को विठोबा के साथ जोड़ते हुए, उनकी अद्वितीयता का मान रखते हैं। यह भावार्थ हमें सिखाता है कि भक्ति में स्वार्थ नहीं होना चाहिए, बल्कि केवल प्रभु की पूजा में समर्पण होना चाहिए।

यह भजन भक्ति मार्ग का एक उदाहरण प्रस्तुत करता है जो कि भक्ति और प्रेम पर आधारित है। विठोबा की अर्चना में, भक्त अपने अहं का परित्याग कर उन्हें समर्पित करता है। 'जन्मभरी पूजा तुझ्या पाउलांची' पंक्ति दर्शाती है कि भक्त अपने जीवन को विठोबा के प्रति समर्पित करने का निर्णय लेता है। इसके माध्यम से, भक्त भगवान की उपासना में अपने विचारों और हृदय को निष्कलंक रखने का संदेश देता है। भक्ति मार्ग का तत्व हमें यह सिखाता है कि प्रेम से भरे हृदय से ईश्वर की उपासना कर सकते हैं। यह भजन न केवल विठोबा के प्रति श्रद्धा को प्रकट करता है, बल्कि भक्त के आत्मिक उत्थान की ओर भी इशारा करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

विठोबा की पूजा और उनके प्रति भक्ति का महत्व भारतीय संस्कृति में बेजोड़ है। उन्हें 'पांडुरंग' और 'कृष्ण' के रूप में पूजा जाता है। भक्तों के लिए विठोबा की कहानी, उनका लीलाएँ, और उनके अद्भुत कार्य, भक्तों को संजीवनी शक्ति प्रदान करते हैं। सूफी और लोक परंपराओं में भी विठोबा का उल्लेख मिलता है। भक्तिगीतों में विठोबा के प्रति प्रेम की अनुभूति होती है, जो यह दर्शाता है कि विठोबा हर संकट में सच्चे भक्त की रक्षा करते हैं। भारतीय पुराणों में उनकी महिमा का कई बार वर्णन किया जाता है, जैसे भागवत पुराण में श्री कृष्ण की लीलाओं का संदर्भ।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का प्रतिदिन पाठ मानसिक शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है। यह भक्तों को तनाव, चिंता और नकारात्मकता से मुक्त करता है। विठोबा की कृपा से, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, और जीवन में सुख व समृद्धि का प्रवाह होता है। नियमित रूप से इस भजन का जप करने से भक्त की आत्मिक शुद्धि होती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जप सुबह सूर्योदय से पहले या शाम को किया जा सकता है। पूजा स्थान पर दीप जलाना, फल और फूल चढ़ाना चाहिए। भक्त को ध्यान मुद्रा में बैठकर, मन को केंद्रित करके भजन का जप करना चाहिए। इसे प्रेम और श्रद्धा के साथ गाया जाए, ताकि विठोबा की कृपा प्राप्त हो सके।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या यह भजन विशेष अवसरों पर गाया जा सकता है?

जी हाँ, यह भजन विशेष अवसरों, जैसे त्योहारों और धार्मिक समारोहों में गाया जा सकता है, जिससे भक्तों में उत्साह और महोत्सव का माहौल बने।

क्या इस भजन के द्वारा मोक्ष की प्राप्ति संभव है?

इस भजन की लगन और सच्ची भक्ति से भक्तों को मोक्ष प्राप्ति की प्रार्थना की जाती है। विठोबा की कृपा से आत्मा को परमात्मा में विलीन होने का मार्ग मिल सकता है।

इस भजन का इतिहास क्या है?

इस भजन का इतिहास भारतीय भक्तिगीतों में समाहित है। यह भक्तों के सांगठनों से जुड़ा है जो विठोबा के प्रति समर्पित हैं। यह भजन प्रेम एवं भक्ति का संदेश देता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 12 Oct 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!