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भेटां अज्ज गौण संगतां (Bhetan ajj gaun sangta Lyrics in Hindi) - माँ दे भगता जय हो कराया जगराता - Bhaktilok

99 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"भेटां अज्ज गौण संगतां" (Bhetan ajj gaun sangta) एक अत्यंत भावपूर्ण और भक्ति-रस से ओत-प्रोत भजन है, जो माँ दुर्गा के प्रति भक्तों के अटूट प्रेम और समर्पण को दर्शाता है। जगराता और माता की चौकी के पावन अवसर पर गाए जाने वाले इस भजन में माँ की महिमा का गुणगान किया गया है। यह भजन न केवल माँ के भक्तों को एक सूत्र में पिरोता है, बल्कि उनके हृदय में भक्ति का संचार कर उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है। सनातन परंपरा में माँ की स्तुति को शक्ति की उपासना माना गया है, और यह भजन उसी शक्ति के प्रति शरणागति का एक माध्यम है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

भेटां अज्ज गौण संगतां, माँ दे भगता जय हो कराया जगराता।

भेटां अज्ज गौण संगतां, माँ दे भगता जय हो कराया जगराता।
सारे मिल के बोलो जय माता दी, सारे मिल के बोलो जय माता दी।
माँ दे भगता जय हो कराया जगराता, भेटां अज्ज गौण संगतां।

लाल चुनरियाँ माँ ने ओढ़ी, शेरों वाली की महिमा है न्यारी।
भक्तों की टोली आई है द्वार, माँ के चरणों में अर्जी हमारी।
ज्योत जलाई है प्रेम की, माँ ने मिटाया है अंधियारा।
माँ दे भगता जय हो कराया जगराता, भेटां अज्ज गौण संगतां।

दुखड़े मिटाती है माँ शेरावाली, झोलियाँ भरती है माँ मेहरावाली।
जो भी पुकारे सच्चे मन से, सुनती है पुकार माँ लाटां वाली।
खुशियों का आया है आज सवेरा, माँ ने किया है कृपा का बसेरा।
माँ दे भगता जय हो कराया जगराता, भेटां अज्ज गौण संगतां।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ यह है कि आज भक्तगण एकत्रित होकर माँ की भेंटें गा रहे हैं और पूरी श्रद्धा के साथ जगराता (रात्रि जागरण) का आयोजन कर रहे हैं। भक्त माँ की महिमा का बखान करते हुए कहते हैं कि माँ शेरावाली की कृपा से ही जीवन में प्रकाश आता है। जब भक्त सच्चे मन से माँ को पुकारते हैं, तो माँ उनके सभी दुखों को हर लेती हैं और उनकी झोलियाँ खुशियों से भर देती हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि भक्ति में ही शक्ति है और माँ के चरणों में शरणागत होने से ही संसार के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • शक्ति उपासना: यह भजन माँ दुर्गा के शक्ति स्वरूप को समर्पित है।
  • सामूहिक भक्ति: 'संगतां' शब्द का अर्थ है भक्तों का समूह, जो सामूहिक कीर्तन के महत्व को दर्शाता है।
  • मानसिक शांति: जगराता के दौरान इस भजन का गायन मन को एकाग्र और शांत करता है।
  • आध्यात्मिक ऊर्जा: यह भजन साधक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को नवरात्रि के पावन दिनों, माता की चौकी, या किसी भी विशेष जगराता कार्यक्रम में गाया जा सकता है। इसे गाते समय मन में पूर्ण श्रद्धा और माँ के प्रति समर्पण का भाव होना चाहिए। ढोलक, मंजीरे और चिमटे के साथ इसका गायन वातावरण को भक्तिमय बना देता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ
भेटां माता की स्तुति में गाए जाने वाले गीत
संगतां भक्तों का समूह या मंडली
जगराता माता की आराधना में की जाने वाली रात्रि जागरण
लाटां वाली ज्वालामुखी माँ, जिनकी ज्योति सदा प्रज्वलित रहती है

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम भेटां अज्ज गौण संगतां
समर्पित देवता माँ दुर्गा (शेरावाली)
मुख्य भाव भक्ति और समर्पण
उपयुक्त अवसर नवरात्रि, जगराता, माता की चौकी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

जगराता का क्या महत्व है?

जगराता माँ की भक्ति में पूरी रात जागकर भजन-कीर्तन करने की परंपरा है, जिससे साधक को आध्यात्मिक सिद्धि और माँ का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

क्या इस भजन को घर पर गाया जा सकता है?

हाँ, इस भजन को घर पर माता की पूजा या किसी भी शुभ अवसर पर श्रद्धापूर्वक गाया जा सकता है।

माँ दुर्गा की पूजा से क्या लाभ होता है?

माँ दुर्गा की पूजा से साहस, शक्ति, और आत्मबल की प्राप्ति होती है, साथ ही जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।

'भेटां' का क्या अर्थ है?

भेटां का अर्थ है वे भक्ति गीत जो विशेष रूप से देवी माँ को प्रसन्न करने के लिए गाए जाते हैं।

क्या नवरात्रि में इस भजन का विशेष महत्व है?

नवरात्रि के नौ दिनों में माँ के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है, ऐसे में यह भजन माँ की कृपा प्राप्त करने का एक उत्तम माध्यम है।

माँ शेरावाली किसे कहा जाता है?

माँ दुर्गा, जो शेर की सवारी करती हैं, उन्हें माँ शेरावाली के नाम से जाना जाता है।

भक्ति का सही मार्ग क्या है?

सच्चे मन से ईश्वर का स्मरण करना और उनके प्रति पूर्ण शरणागति ही भक्ति का सबसे सरल और श्रेष्ठ मार्ग है।

क्या यह भजन किसी विशेष राग में गाया जाता है?

यह भजन लोक-धुनों पर आधारित है, जिसे भक्त अपनी सुविधानुसार और भाव के साथ गा सकते हैं।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री पारंपरिक भक्ति साहित्य, लोक गीतों और सनातन धर्म की स्तुति परंपराओं के आधार पर संकलित की गई है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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