भक्ति काव्य व भजन मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

मेरा आज भी तु है मेरा कल भी तु है लिरिक्स (Mera Aaj Bhi Tu Hai Mera Kal Bhi Tu Hai Lyrics in Hindi) - Pamela Jain Shiv Bhajan

शिव भजन "मेरा आज भी तु है मेरा कल भी तु है लिरिक्स (Mera Aaj Bhi Tu Hai Mera Kal Bhi Tu Hai Lyrics in Hindi) - Pamela Jain Shiv Bhajan" के हिन्दी लिरिक्स, भावार्थ और विशेष माहात्म्य। देवादिदेव महादेव की आराधना विधि, लाभ और प्रदोष काल पूजा की प्रामाणिक जानकारी पढ़ें।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

मेरा आज भी तु है मेरा कल भी तु है 

मेरी हर एक मुश्किल का हल भी तु है 

मेरी शक्ति है तु मेरी भक्ति है तु 

मेरे जीवन का हर एक पल भी तु है 


ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

मेरी शक्ति है तु मेरी भक्ति है तु 

मेरे जीवन का हर एक पल भी तु है 


तु ही बिगाड़े तु ही सवाँरे 

तेरा खेल बड़ा है न्यारा

बन सहाय तु मेरा हर पल

जब जब मैंने दिल से पुकारा 

मेरी शक्ति है तु मेरी भक्ति है तु 

मेरे जीवन का हर एक पल भी तु है 


ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

मेरी शक्ति है तु मेरी भक्ति है तु 

मेरे जीवन का हर एक पल भी तु है 


तेरे बिन मै कुछ भी नहीं हु 

तुझसे  ही सर मेरे जीवन का 

शिव तुझसे ही मेरी खुशियां है 

तुझसे ही नाता मेरे तन मन का 

मेरी शक्ति है तु मेरी भक्ति है तु 

मेरे जीवन का हर एक पल भी तु है 


ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

मेरी शक्ति है तु मेरी भक्ति है तु 

मेरे जीवन का हर एक पल भी तु है 


जब जब मैंने अरज लगायी 

तेरी करुना तब तब पायी

बिन मांगे ही सब दे डाला

जग में है प्रभु तेरी प्रभुताई 

मेरी शक्ति है तु मेरी भक्ति है तु 

मेरे जीवन का हर एक पल भी तु है 


ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

मेरी शक्ति है तु मेरी भक्ति है तु 

मेरे जीवन का हर एक पल भी तु है 


दूर ना करना अपनी शरण से 

लगा के रखना अपने चरण से 

ऐसी भक्ति देना भोले

मुक्ति पाऊ जनम मरण से 

मेरी शक्ति है तु मेरी भक्ति है तु 

मेरे जीवन का हर एक पल भी तु है 


ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

मेरी शक्ति है तु मेरी भक्ति है तु 

मेरे जीवन का हर एक पल भी तु है 


*** Singer - Pamela Jain ***

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें।

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

देवादिदेव महादेव को समर्पित यह भजन "मेरा आज भी तु है मेरा कल भी तु है लिरिक्स (Mera Aaj Bhi Tu Hai Mera Kal Bhi Tu Hai Lyrics in Hindi) - Pamela Jain Shiv Bhajan - Bhaktilok" भगवान शिव के कल्याणकारी और वैराग्यपूर्ण रूप का सजीव चित्रण करता है। शिव का अर्थ ही कल्याण है। इस भजन के शब्दों के माध्यम से साधक शिव की अनंत चेतना, भस्म आरती, डमरू की ध्वनि और ध्यानमग्न मुद्रा का ध्यान करता है।

शिव भक्ति का मूल सिद्धांत यही है कि जगत की प्रत्येक नश्वर वस्तु का अंत शिव में ही होना है। यह भजन भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। शिव का नाम पंचमहाभूतों को नियंत्रित करने वाली परम शक्ति का प्रतीक है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और साधारण जल तथा बेलपत्र अर्पण करने मात्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस शिव भजन का संकीर्तन करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और कुंडली के ग्रहों के दोष शांत होते हैं।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। नियमित शिव भजन और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप से तनाव का नाश होता है, अवसाद दूर होता है और अंतर्मन में अपूर्व शांति का उदय होता है। यह आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने में भी सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

शिव संकीर्तन के लिए प्रदोष काल (संध्या समय) अथवा सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशासन पर बैठकर शिवजी का ध्यान करते हुए भजन गाएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने की सरल विधि क्या है?

शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक शिव मंत्र अथवा भजनों का संकीर्तन करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

शिव भजनों के लिए कौन सा दिन विशेष है?

सोमवार, प्रदोष व्रत की तिथि और महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना और भजन संकीर्तन के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

क्या शिव जी की उपासना से कुंडली के दोष दूर होते हैं?

हाँ, भगवान शिव (महाकाल) की आराधना से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और शनि जनित कष्टों का निवारण होता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 08 Oct 2026

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