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मेरे बालाजी सरकार तेरा हो जाऊ लिरिक्स (Mere Balaji Sarkar Tera Ho Jau Lyrics in Hindi) - Bala ji Bhajan Sukhjeet Singh Toni

सुखजीत सिंह टोनी द्वारा गाए भजन 'मेरे बालाजी सरकार तेरा हो जाऊ' के लिरिक्स हिंदी में पढ़ें। हनुमान जी की भक्ति से सराबोर सुंदर भजन, संदर्भ सहित।

Sukhjeet Singh Toni

अपडेटेड: 2026 गायक: सुखजीत सिंह टोनी श्रेणी: बालाजी भजन

कलयुग के जागृत देवता संकटमोचन श्री हनुमान जी की कृपा प्राप्ति का साधन यह अत्यंत पावन भजन 'मेरे बालाजी सरकार तेरा हो जाऊ' प्रसिद्ध भजन गायक सुखजीत सिंह टोनी द्वारा गाया गया है। यह भजन साधक के मन की विह्वल पुकार, संसार की असारता और संकटों से घिरे भक्त की परमेश्वर के चरणों में अनन्य शरणागति (Surrender) को अत्यंत सुंदर शब्दों में व्यक्त करता है। जब मनुष्य सांसारिक बंधनों और दुखों से त्रस्त होकर एकमात्र महावीर बजरंगबली की शरण में जाता है, तब उसके जीवन के सभी कष्ट स्वतः ही दूर हो जाते हैं। इस लेख में हम इस लोकप्रिय भजन के सम्पूर्ण बोल (Lyrics), सरल हिंदी अर्थ, भावार्थ और इसकी आध्यात्मिक महिमा का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

शिव शंकर के अवतार, मेरे बालाजी सरकार,
दास तेरा हो जाऊं झूठी दुनिया का हूं फिलहाल!
झूठी दुनिया का हूं फिलहाल, मैं तेरा हो जाऊं,
कुछ ऐसा कर कमाल, मैं तेरा हो जाऊं,
झूठी दुनिया का हूं फिलहाल, मैं तेरा हो जाऊं ||

दुनिया के झूठे नाते, मैं छोड़ के आया हूं,
तू अपना सहारा दे दे, दुनिया का सताया हूं,
मेरी सुन ले दीनदयाल, मैं तेरा हो जाऊं,
झूठी दुनिया का हूं फिलहाल, मैं तेरा हो जाऊं ||

अपने भक्तों की सुनते, तुम हनुमान कहाते हो,
राम राम जो जपता, उसे गले लगाते हो,
माता अंजनी के लाल, मैं तेरा हो जाऊं,
झूठी दुनिया का हूं फिलहाल, मैं तेरा हो जाऊं ||

मेरी नैया डगमग डोले, अब जल्दी आ जाओ,
पकड़ो मेरी कलाई, आकर पार लगा जाओ,
मुझको तुम अपना लो फिलहाल, मैं तेरा हो जाऊं,
झूठी दुनिया का हूं फिलहाल, मैं तेरा हो जाऊं ||

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

यह भजन केवल कुछ पंक्तियों का संग्रह नहीं है, बल्कि एक जीवात्मा की परमात्मा के प्रति लगाई गई अर्तनाद गुहार है। भजन की शुरुआत में गायक भगवान शिव के रुद्रा अवतार श्री हनुमान जी को संबोधित करते हुए कहता है कि हे बालाजी सरकार! आप आदिदेव शिव के अंश हैं और इस संसार के संकटों को हरने वाले हैं। मैं अब तक इस झूठी और स्वार्थी माया-नगरी में उलझा हुआ था, किंतु अब मेरी एकमात्र अभिलाषा आपके चरणों की शरण पाने की है।

भक्त आगे कहता है कि उसने इस संसार के सभी स्वार्थी और झूठे नाते-रिश्तों का त्याग कर दिया है। सांसारिक प्रपंचों से ठगा हुआ और दुखों से सताया हुआ यह जीव अब केवल प्रभु के सहारे की अपेक्षा रखता है। वह दीनबंधु से प्रार्थना करता है कि हे दीनदयाल! मेरी पुकार सुन लीजिए और मुझे अपनी शरण में ले लीजिए।

अंतिम चरणों में भक्त अपनी तुलना भंवर में फंसी हुई नाव से करता है—'मेरी नैया डगमग डोले'। जीवन के संघर्षों रूपी समंदर में उसकी नाव डूबने को है, इसलिए हे बजरंगबली! आप शीघ्र आइए, मेरी कलाई पकड़िए और इस भवसागर से पार लगा दीजिए। संपूर्ण भजन में अनन्य भक्ति, पूर्ण समर्पण और संकटमोचन पर अगाध विश्वास झलकता है। संकट के समय हनुमान जी की शरण में जाने के लिए आप श्री हनुमान चालीसा का नियमित पाठ भी कर सकते हैं, जो साधक को मानसिक शक्ति प्रदान करता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

शिव अंशता एवं पराक्रम

इस भजन में बालाजी महाराज को भगवान शिव का अवतार बताया गया है। शिव तत्व और रुद्र शक्ति का यह संयोजन साधक के भीतर अदम्य साहस और निर्भीकता का संचार करता है।

शरणागति का भाव

भजन का केंद्रीय भाव पूर्ण शरणागति (Surrender) है। अहंकार का त्याग कर भगवान के चरणों में समर्पित हो जाना ही इस भजन की आत्मा है, जिससे प्रभु भक्त की रक्षा के लिए स्वतः खिंचे चले आते हैं।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

भक्ति संगीत को आनंद और शांति के साथ तभी अनुभव किया जा सकता है जब उसका उचित वातावरण और विधि हो। इस भजन को निम्नलिखित अवसरों पर गाया या सुना जा सकता है:

  • मंगलवार और शनिवार की संध्या: बालाजी महाराज के विशेष वारों पर संध्याकालीन आरती के समय इसका सस्वर पाठ अत्यंत फलदायी होता है।
  • बालाजी जागरण एवं चौकी: श्री मेहंदीपुर बालाजी या सालासर धाम के भक्तों द्वारा आयोजित चौकियों और संकीर्तन कार्यक्रमों में यह मुख्य आकर्षण होता है।
  • व्यक्तिगत साधना के समय: जब भी मन में अशांति या संकट का भाव हो, इसे एकांत में सुनकर मानसिक संबल प्राप्त किया जा सकता है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के आराध्य देव श्री बालाजी महाराज (हनुमान जी) हैं। हनुमान जी को शास्त्रों में अष्टचिरजीवियों में गिना गया है और वे कलयुग के प्रत्यक्ष जागृत देवता माने जाते हैं। माता अंजनी और केसरी नंदन हनुमान जी अपने भक्तों के संकटों को पलभर में हर लेते हैं।

इस भजन को अपनी मधुर वाणी से सजाने वाले गायक सुखजीत सिंह टोनी हैं, जिन्होंने अपनी भावपूर्ण गायकी से इसे लाखों भक्तों के दिलों तक पहुंचाया है। बालाजी के प्रति उनका समर्पण इस भजन के हर एक शब्द में स्पष्ट रूप से सुनाई देता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संदर्भ
शिव शंकर के अवतार भगवान शिव का रूप शिव के ग्यारहवें रुद्र अवतार के रूप में हनुमान जी की उत्पत्ति का संदर्भ।
दीनदयाल गरीबों और असहायों पर दया करने वाला भगवान का वह गुण जो दुखियों की पुकार सबसे पहले सुनता है।
अंजनी के लाल माता अंजनी के पुत्र हनुमान जी का उनकी माता अंजनी के साथ वात्सल्य संबंध।
भवसागर संसार रूपी सागर जन्म-मृत्यु और सांसारिक दुखों का चक्र जिसे पार करना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह लोकप्रिय भजन प्रसिद्ध devotional गायक सुखजीत सिंह टोनी (Sukhjeet Singh Toni) द्वारा गाया गया है।

इस भजन का मुख्य भाव सांसारिक मोह-माया को छोड़कर भगवान हनुमान (बालाजी) के चरणों में पूर्ण शरणागति और संकट के समय उनकी सहायता की गुहार लगाना है।

पौराणिक ग्रंथों और लोक मान्यताओं के अनुसार श्री हनुमान जी (बालाजी) को देवों के देव महादेव यानी भगवान शिव शंकर का 11वां रुद्र अवतार माना गया है।

यह भजन मंगलवार और शनिवार के दिन विशेष रूप से सुनना और गाना फलदायी माना जाता है क्योंकि ये दोनों दिन हनुमान जी की आराधना के लिए समर्पित हैं।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम मेरे बालाजी सरकार तेरा हो जाऊ (Mere Balaji Sarkar Tera Ho Jau)
गायक सुखजीत सिंह टोनी (Sukhjeet Singh Toni)
आराध्य देव श्री बालाजी महाराज (हनुमान जी)
भाषा हिंदी / ब्रज मिश्रित लोक भाषा
भक्ति भाव शरणागति, विनय और समर्पण
उपयुक्त अवसर मंगलवार सत्संग, जागरण, चौकी और दैनिक पूजा

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री पाठकों की धार्मिक आस्था और भक्ति भावना को ध्यान में रखते हुए संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है। भजन के बोलों को शुद्ध देवनागरी लिपि में प्रस्तुत किया गया है ताकि उच्चारण में स्पष्टता बनी रहे। यदि आप हनुमान जी की अन्य स्तुतियों का भी पाठ करना चाहते हैं, तो श्री सुंदरकांड पाठ और बजरंग बाण लिरिक्स भी अवश्य देखें।

स्रोत एवं संदर्भ: पारंपरिक लोक भजन परंपरा, श्री हनुमान चालीसा एवं अन्य प्रामाणिक धार्मिक संकीर्तन ग्रंथ।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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