भक्ति काव्य व भजन मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

मोरे अंगना गजानन आये री भजन लिरिक्स (More Angana Gajanan Aaye Ri Lyrics in Hindi) - SHAHNAAZ AKHTAR Ganesh Bhajan

शहनाज अख्तर के प्रसिद्ध गणेश भजन 'मोरे अंगना गजानन आये री' के संपूर्ण लिरिक्स हिंदी में पढ़ें। विघ्नहर्ता गणेश की भक्ति का आनंद लें।

प्रस्तावना एवं परिचय

गणेश भक्ति का अद्वितीय संगम: मोरे अंगना गजानन

गणेश जी की कृपा से भाग्य को जगाने वाले इस भजन का गहन अनुभव करें।

मोरे अंगना गजानन आये री आये री आये मोरे भाग्य जगाये मोरे अंगना गजानन आये री ||विघ्नहरण मंगल सुखकारी कर आये मूसा सवारी द्वार हमारे बड़े प्रेम से सुंड हिलाते ही आये री मोरे अंगना गजानन आये री ||दीप जले है द्वारन द्वारे शुभ हरियाली वंदन वारे चन्दन चौक पिढ़ैया बैठे लडूअन गटागट खाए री मोरे अंगना गजानन आये री ||जिस घर में गणराज पधारे उसके हो गये वारे न्यारे आज मोरे घर आके प्रभुजी सोरे भाग्य जगाये री मोरे अंगना गजानन आये री ||दस दिन रहकर जब जाओगे स्वामी याद बहुत आओगे ये भक्त गजानन तेरी महिमा हरदम गाये री मोरे अंगना गजानन आये री ||मोरे अंगना गजानन आये री आये री आये मोरे भाग्य जगाये मोरे अंगना गजानन आये री
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय भगवान गणेश की कृपा और भक्ति है। पहले चरण में, भक्त भगवान गणेश को अपने अंगने (आंगन) में आमंत्रित करते हैं, यह दर्शाते हुए कि उनका आगमन भाग्य को जगाएगा। यह भक्ति का एक महत्वपूर्ण भाव है जहां भक्त अपने गृह में भगवान का स्वागत करने की कामना करता है। 'विघ्नहरण मंगल सुखकारी' की पंक्ति में गणेश जी की विघ्नों को दूर करने की महिमा का वर्णन है, जो हर कार्य में सफलता की प्राप्ति का प्रतीक है। भक्त का प्रेम और समर्पण गणेश जी के प्रति स्पष्ट है, जहां वे स्नेह पूर्वक दरवाजे पर उनका इंतजार कर रहे हैं। यह दिखाता है कि जब भगवान के प्रेम के साथ घर में प्रवेश करते हैं, तो वह घर हमेशा खुशहाल और समृद्ध रहता है।

इस भजन में भक्त अपने मन की गहराइयों से भगवान गणेश की आराधना करते हैं। 'दीप जले है द्वारन द्वारे' की पंक्ति में सुबह की शांति और पवित्रता का अनुभव होता है। भक्त गणेश जी के स्वागत के लिए दीप जलाते हैं, जो पवित्रता और उजाले का प्रतीक है। गणेश जी का आगमन घर में सुख, समृद्धि और शांति लाता है, तथा भक्त का हृदय भक्ति में लहराता है। इससे भक्त का भाव यह भी स्पष्ट होता है कि जब भगवान की उपस्थिति होती है, तो जीवन के संकट अपने-आप समाप्त हो जाते हैं। इस प्रकार से संपूर्ण घर में उल्लास और प्रेम की भावना व्याप्त हो जाती है।

गणेश जी की आराधना का यह भजन भक्तिपथ के अनुरूप है, जहां भक्त अपने इन्द्रियों और मन के साथ ईश्वर की भक्ति करता है। इसकी गहराई में भगवान गणेश की महिमा, उनसे जुड़ी कहानियाँ, और भक्तों की अविराम श्रद्धा है। भक्ति मार्ग पर चलकर भक्त अपने हृदय में भगवान का निवास खोजता है। इस भजन के माध्यम से भक्त यही सन्देश देता है कि जीवन में सही मार्ग पर चलने के लिए भगवान की कृपा अनिवार्य है। गणेश जी का दर्शन मात्र ही भक्तों के जीवन में सुख, सफलता और शांति ला सकता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

भगवान गणेश का आदान-प्रदान भक्ति और विश्वास का एक अद्भुत उदाहरण है। पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि जहाँ गणेश पधारते हैं, वहाँ समृद्धि और सुख की वर्षा होती है। पुराणों में गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा गया है, जो कि सभी विघ्नों और बाधाओं को दूर करने में सक्षम हैं। इस भजन का महत्व इस पौराणिक कथा में निहित है कि जब गणेश जी भक्त के घर आते हैं, तब उसके भाग्य में सुधार आता है। इसी प्रकार, भक्तों को यह आशा भी दिखाई देती है कि वे जब गणेश जी को अपने घर आमंत्रित करते हैं,तो उनका जीवन खुशियों से भर जाता है।

प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें। इस भजन का नियमित गायन मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और समृद्धि की प्राप्ति करता है। गणेश जी की आराधना से मानसिक तनाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह भजन रोगों से मुक्ति और जीवन में चुनौतियों का सामना करने के लिए साहस प्रदान करता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन को सुबह सूर्योदय से पहले या शाम के समय कीर्तन करते हुए गाना उत्तम होता है। देने दिवार पर दीया जलाकर, गणेश जी की मूर्ति या चित्र का पूजन कर पंडाल सजाए। भक्त को चित्त को एकाग्र कर प्रेमपूर्वक और श्रद्धा से भजन का पाठ करना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

मोरे अंगना गजानन आये री भजन गाने का विशेष अवसर क्या है?

यह भजन गणेश चतुर्थी जैसे विशेष तिथियों पर गाने का महत्वपूर्ण अवसर है, जब भक्त भगवान गणेश का स्वागत करते हैं। इसके साथ ही, किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में इसे गा सकते हैं।

क्या इस भजन को एकल रूप में गाया जा सकता है?

हाँ, यह भजन एकल रूप में भी गाया जा सकता है। भक्त अपनी भक्ति और श्रद्धा के साथ इसे गा सकते हैं, जिससे उनकी निजी आराधना और भी गहन बनती है।

इस भजन का क्या महत्व है?

यह भजन भगवान गणेश की कृपा और उनकी आराधना को व्यक्त करता है, जो सभी विघ्नों का नाशक हैं। इसे गाकर भक्त अपनी सुख-समृद्धि की कामना करते हैं और अपने जीवन को परम शांतिप्रद महसूस करते हैं।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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