Parvati Stotram

मुझे तुमने दाता बहुत कुछ दिया है (mujhe tumne data bhut kuch diya he) - bhajan - Bhaktilok

83 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"मुझे तुमने दाता बहुत कुछ दिया है" एक अत्यंत भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी भजन है, जो ईश्वर के प्रति कृतज्ञता (Gratitude) और पूर्ण समर्पण (Surrender) की भावना को व्यक्त करता है। सनातन धर्म में भक्ति का अर्थ केवल मांगना नहीं, बल्कि प्रभु द्वारा दी गई अनमोल कृपा के प्रति आभार प्रकट करना भी है। यह भजन साधक को यह बोध कराता है कि जीवन में जो कुछ भी हमें प्राप्त है—चाहे वह सुख हो या दुख—वह सब उस परमपिता परमात्मा की ही देन है। इस भजन का गायन विशेष रूप से सत्संग, संध्या आरती और व्यक्तिगत प्रार्थना के समय किया जाता है, जिससे मन में शांति और संतोष का संचार होता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

मुझे तुमने दाता बहुत कुछ दिया है,
तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है।
मुझे तुमने दाता बहुत कुछ दिया है,
तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है॥

कभी धूप में भी छांव दी है,
कभी गम में भी मुस्कान दी है।
मेरी हर मुश्किल को आसान किया है,
तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है॥

न मांगा था जो वो भी पाया है मैंने,
तेरी रहमतों का साया है पाया मैंने।
मेरे हर कदम पर तूने साथ दिया है,
तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है॥

न कोई शिकायत, न कोई गिला है,
तेरी बंदगी में ही सब कुछ मिला है।
तूने जीवन का हर पल संवारा दिया है,
तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मूल भाव 'कृतज्ञता' है। भक्त ईश्वर को 'दाता' कहकर संबोधित करता है, जिसका अर्थ है—सब कुछ देने वाला। भक्त कहता है कि हे प्रभु! आपने मुझे जीवन में इतना कुछ दिया है कि मैं आपका जितना भी धन्यवाद करूँ, वह कम है। जीवन के कठिन समय में भी आपने मुझे सहारा दिया, दुखों में भी मुस्कान दी और मेरी राहों की बाधाओं को दूर किया। यह भजन सिखाता है कि जब हम ईश्वर को अपना सब कुछ मान लेते हैं, तो शिकायतें समाप्त हो जाती हैं और हृदय में केवल प्रेम और संतोष शेष रहता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • कृतज्ञता का भाव: यह भजन साधक के मन से नकारात्मकता हटाकर सकारात्मकता भरता है।
  • पूर्ण समर्पण: इसमें भक्त अपनी इच्छाओं को प्रभु की इच्छा के अधीन कर देता है।
  • मानसिक शांति: नियमित श्रवण से तनाव कम होता है और ईश्वर के प्रति विश्वास बढ़ता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को आप अपनी दैनिक पूजा के अंत में, संध्या आरती के समय या किसी भी शांत क्षण में गा सकते हैं। इसे गाते समय मन में प्रभु के प्रति प्रेम और आंखों में कृतज्ञता के भाव होने चाहिए। इसे सामूहिक सत्संग में भी गाया जा सकता है, जिससे वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
दाता देने वाला (ईश्वर) परमात्मा के उदार स्वरूप के लिए
शुक्रिया धन्यवाद/आभार ईश्वर के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना
रहमत कृपा/दया ईश्वर की असीम अनुकंपा
बंदगी पूजा/इबादत ईश्वर की भक्ति में लीन होना

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम मुझे तुमने दाता बहुत कुछ दिया है
विषय कृतज्ञता और समर्पण
भाषा हिंदी
भाव विनय और प्रेम
उपयुक्त अवसर दैनिक पूजा, सत्संग, प्रार्थना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

नहीं, इस भजन को आप किसी भी दिन और किसी भी समय गा सकते हैं। यह ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करने का माध्यम है।

इस भजन का मुख्य संदेश ईश्वर के प्रति कृतज्ञ होना और जीवन की हर परिस्थिति में उनकी कृपा को देखना है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री भक्ति परंपरा के ग्रंथों और संकीर्तन शैली के आधार पर तैयार की गई है। "संपादकीय रूप से तैयार सामग्री" के अंतर्गत इसे भक्तों के लिए सरल और सुबोध बनाया गया है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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