Punjabi Devi Bhajan बुधवार विशेष (भगवान श्री गणेश व बुध देव)

दया करो माँ दया करो (Daya Karo Maa Daya Karo) - Sonu Nigam Devi Bhajan

सोनू निगम द्वारा स्वरबद्ध 'दया करो माँ दया करो' भजन के बोल और भावार्थ पढ़ें। माँ दुर्गा की भक्ति और उनकी असीम कृपा पाने के लिए यह भजन अवश्य सुनें।

"दया करो माँ दया करो" - सोनू निगम द्वारा स्वरबद्ध यह अत्यंत लोकप्रिय देवी भजन जगत जननी माँ दुर्गा की असीम करुणा और ममता का प्रतीक है। सनातन धर्म में देवी को शक्ति, ऊर्जा और सृष्टि की आधारशिला माना गया है। यह भजन न केवल एक संगीतमय प्रस्तुति है, बल्कि यह भक्त की उस पुकार को व्यक्त करता है जो अपनी माँ के चरणों में शरण पाने के लिए व्याकुल है। सोनू निगम की भावपूर्ण आवाज में यह भजन भक्तों के हृदय में भक्ति का संचार करता है और उन्हें यह विश्वास दिलाता है कि माँ की दृष्टि मात्र से ही समस्त दुखों का निवारण संभव है। नवरात्रि, जागरण, और दैनिक पूजा के समय इस भजन का श्रवण मन को शांति और आत्मिक बल प्रदान करता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

दया करो माँ, दया करो माँ
दया करो माँ, दया करो माँ
अपनी शरण में ले लो माँ, दया करो माँ
दया करो माँ, दया करो माँ...

दुखिया हूँ मैं, तेरा ही हूँ
तेरी शरण का, राही हूँ
भटक रहा हूँ दर-दर मैं
तेरी दया का प्यासा हूँ
दया करो माँ, दया करो माँ...

तू ही दुर्गा, तू ही काली
तू ही है माँ, ज्योत निराली
तेरी महिमा गाते हैं
सब देव और नर-नारी
दया करो माँ, दया करो माँ...

मेरी बिगड़ी बात बना दे
मुझको अपना दास बना ले
तेरी ममता की छाया में
मुझको माँ तू स्थान दिला दे
दया करो माँ, दया करो माँ...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मूल भाव 'शरणागति' है। भक्त अपनी दीनता स्वीकार करते हुए माँ दुर्गा से प्रार्थना करता है कि वह उसे अपनी शरण में ले लें। संसार के दुखों और मोह-माया के भटकाव से थककर जब जीव माँ की ओर देखता है, तो उसे केवल माँ की करुणा ही सहारा दिखाई देती है। "तू ही दुर्गा, तू ही काली" पंक्ति में भक्त माँ के विभिन्न स्वरूपों को नमन करता है, जो सृष्टि के संहार और पालन दोनों के लिए उत्तरदायी हैं। यह भजन इस सत्य को रेखांकित करता है कि माँ की ममता के आगे भक्त के सभी पाप और कष्ट गौण हो जाते हैं। जब भक्त कहता है "मेरी बिगड़ी बात बना दे", तो वह अपने कर्मों के फल से मुक्ति और जीवन में सुख-शांति की याचना कर रहा होता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति का स्वरूप: यह भजन 'दैन्य भाव' की भक्ति को दर्शाता है।
  • देवी महिमा: इसमें माँ दुर्गा के रौद्र और सौम्य दोनों रूपों का स्मरण किया गया है।
  • मानसिक शांति: सोनू निगम की गायकी में निहित करुणा श्रोता को मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाती है।
  • सांस्कृतिक महत्व: यह भजन विशेष रूप से उत्तर भारत के देवी जागरणों और नवरात्रि उत्सवों में अनिवार्य रूप से गाया जाता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को ब्रह्ममुहूर्त में या संध्याकाल में माँ की ज्योत जलाकर गाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे नवरात्रि के नौ दिनों में विशेष रूप से सुनना चाहिए। भजन गाते समय मन में पूर्ण समर्पण का भाव रखें और संभव हो तो माँ दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष बैठकर इसका पाठ करें।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नामदया करो माँ दया करो
गायकसोनू निगम
देवीमाँ दुर्गा
भाषाहिंदी
भावसमर्पण एवं याचना
उपयुक्त अवसरनवरात्रि, जागरण, दैनिक पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

"दया करो माँ" भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इसका मुख्य संदेश माँ के प्रति पूर्ण समर्पण और उनकी करुणा पर विश्वास करना है।

यह भजन किस देवी को समर्पित है?

यह भजन आदि शक्ति माँ दुर्गा को समर्पित है, जो काली और लक्ष्मी का भी स्वरूप हैं।

क्या इसे घर पर गाया जा सकता है?

हाँ, इसे घर पर पूजा के समय या किसी भी समय भक्ति भाव से गाया जा सकता है।

सोनू निगम के इस भजन की क्या विशेषता है?

सोनू निगम की भावपूर्ण आवाज और स्पष्ट उच्चारण इसे अन्य भजनों से अलग और प्रभावशाली बनाता है।

नवरात्रि में इस भजन का क्या महत्व है?

नवरात्रि में माँ की स्तुति करने से नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

क्या इस भजन को सुनने से मन को शांति मिलती है?

निश्चित रूप से, देवी भजनों का श्रवण मन को एकाग्र और शांत करने में सहायक होता है।

क्या इस भजन के लिए किसी विशेष विधि की आवश्यकता है?

कोई विशेष विधि नहीं है, बस श्रद्धा और पवित्र मन का होना आवश्यक है।

अन्य देवी भजनों के बारे में कहाँ पढ़ें?

आप देवी भजन संग्रह पर जाकर अन्य स्तुतियों का आनंद ले सकते हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री सोनू निगम द्वारा गाए गए लोकप्रिय देवी भजन के आधार पर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य भक्तों को भक्ति मार्ग की ओर प्रेरित करना है। यह लेख संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है।

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संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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