Bajrangbali Bhajan

पवन तनय संकट मोचन कल्याण करो (Pawan tanaya sankat mochan Kalyan Karo) - Bajrangbali Bhajan - Bhaktilok

89 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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पवन तनय संकट मोचन कल्याण करो, यह भजन हनुमान जी की असीम कृपा और उनके शरणागत होने का एक अत्यंत भावपूर्ण आह्वान है। सनातन धर्म में संकट मोचन हनुमान जी को कलयुग का जागृत देवता माना गया है। यह भजन न केवल एक स्तुति है, बल्कि यह भक्त की उस पुकार को व्यक्त करता है जहाँ वह अपने आराध्य से संसार के दुखों से मुक्ति और आत्म-कल्याण की प्रार्थना करता है। 'पवन तनय' अर्थात वायुपुत्र हनुमान, जो अपनी शक्ति और भक्ति के लिए विख्यात हैं, भक्तों के समस्त कष्टों को हरने वाले हैं। इस भजन का गायन मन में श्रद्धा, साहस और सकारात्मकता का संचार करता है, जिससे साधक को कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और प्रभु पर अटूट विश्वास रखने की प्रेरणा मिलती है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

पवन तनय संकट मोचन कल्याण करो,
हे बजरंगबली प्रभु मेरा कल्याण करो।
राम दूत तुम हो बलशाली, तुम हो प्रभु के प्यारे,
संकट में जो तुमको ध्यावे, उसके कष्ट निवारे।
अंजनी सुत तुम हो महावीर, तुम हो प्रभु के प्यारे,
पवन तनय संकट मोचन कल्याण करो...

सीता माता की सुधि लाए, लंका को तुम जलाए,
राम काज के हेतु प्रभु तुम, पर्वत को उठा लाए।
भक्ति तुम्हारी अपरंपार है, तुम हो प्रभु के प्यारे,
पवन तनय संकट मोचन कल्याण करो...

भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे,
नासै रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा।
संकट से तुम हमें उबारो, तुम हो प्रभु के प्यारे,
पवन तनय संकट मोचन कल्याण करो...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा है। भक्त हनुमान जी को 'पवन तनय' कहकर संबोधित करता है, जो उनके वायु के समान वेगवान और सर्वव्यापी होने का प्रतीक है। 'संकट मोचन' का अर्थ है वह जो सभी प्रकार के संकटों का नाश करने में समर्थ है। भक्त प्रार्थना करता है कि हे प्रभु, आप मेरे जीवन के सांसारिक और आध्यात्मिक कष्टों को दूर करें। भजन में हनुमान जी के उन गुणों का स्मरण किया गया है जो उन्हें 'राम दूत' और 'महावीर' बनाते हैं। सीता माता की खोज, लंका दहन और संजीवनी बूटी के लिए द्रोणागिरी पर्वत उठाना—ये सभी प्रसंग हनुमान जी की प्रभु राम के प्रति अनन्य निष्ठा और सेवा भाव को दर्शाते हैं। अंत में, भक्त यह स्वीकार करता है कि हनुमान जी का नाम लेने मात्र से नकारात्मक शक्तियाँ दूर हो जाती हैं और शारीरिक-मानसिक व्याधियाँ समाप्त हो जाती हैं। यह भजन पूर्ण शरणागति का मार्ग है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

यह भजन हनुमान जी की 'संकट मोचन' छवि पर केंद्रित है। इसका मुख्य महत्व यह है कि यह साधक को भय से मुक्ति दिलाता है। हनुमान जी को 'रुद्रावतार' माना गया है, जो शक्ति और भक्ति का अद्भुत समन्वय हैं। इस भजन को सुनने या गाने से मन में आत्मविश्वास जागृत होता है और व्यक्ति को अपने कार्यों में सफलता प्राप्त करने का बल मिलता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को मंगलवार और शनिवार के दिन विशेष रूप से गाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। हनुमान जी की पूजा के समय, दीपक जलाकर और धूप-दीप अर्पित करने के बाद इसे गाना चाहिए। प्रातःकाल या संध्याकाल में इसका श्रवण मन को शांत और एकाग्र बनाता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
पवन तनय वायु के पुत्र हनुमान जी का संबोधन
संकट मोचन दुखों को दूर करने वाला हनुमान जी की उपाधि
सुधि समाचार/खबर सीता माता की खोज
अपरंपार जिसका कोई अंत न हो भक्ति की महिमा

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम पवन तनय संकट मोचन कल्याण करो
आराध्य देव श्री हनुमान जी
भाषा हिंदी/ब्रज मिश्रित
भाव शरणागति एवं विनय
उपयुक्त अवसर मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  • प्रश्न: इस भजन को गाने का सबसे अच्छा समय क्या है?
    उत्तर: मंगलवार और शनिवार की शाम को हनुमान जी के समक्ष इसे गाना सबसे उत्तम है।
  • प्रश्न: क्या इसे घर पर गाया जा सकता है?
    उत्तर: हाँ, इसे घर पर पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ गाया जा सकता है।
  • प्रश्न: हनुमान जी की पूजा में किन बातों का ध्यान रखें?
    उत्तर: स्वच्छता, ब्रह्मचर्य का पालन और मन में प्रभु के प्रति अटूट विश्वास रखें।
  • प्रश्न: क्या यह भजन मानसिक शांति देता है?
    उत्तर: जी हाँ, हनुमान जी का स्मरण करने से मन के भय और चिंताएं दूर होती हैं।
  • प्रश्न: हनुमान जी के अन्य कौन से स्तोत्र पढ़ने चाहिए?
    उत्तर: आप श्री हनुमान चालीसा और संकट मोचन हनुमानाष्टक का पाठ भी कर सकते हैं।
  • प्रश्न: क्या इस भजन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है?
    उत्तर: हनुमान जी के नाम में इतनी शक्ति है कि वे नकारात्मकता को नष्ट कर देते हैं।
  • प्रश्न: क्या इसे बिना संगीत के गाया जा सकता है?
    उत्तर: भक्ति भाव सबसे महत्वपूर्ण है, संगीत गौण है। आप इसे मन में भी जप सकते हैं।
  • प्रश्न: हनुमान जी को क्या भोग लगाना चाहिए?
    उत्तर: गुड़-चना या बेसन के लड्डू का भोग अत्यंत प्रिय है।

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संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस और पारंपरिक हनुमान भक्ति साहित्य के संदर्भों पर आधारित है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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