Punjabi Devi Bhajan बुधवार विशेष (भगवान श्री गणेश व बुध देव)

मेरी झंडेवाली सरकार (Meri Jhandewali Sarkar) - BALBIR MANAK Punjabi Devi Bhajan

बलबीर मानक का प्रसिद्ध पंजाबी देवी भजन 'मेरी झंडेवाली सरकार' के बोल और भावार्थ पढ़ें। मां झंडेवाली की महिमा और कृपा का अनुभव करें भक्तिलोक पर।

देवी भजन | Punjabi Devi Bhajan

BALBIR MANAK Punjabi Devi Bhajan

गायक: बलबीर मानक (Balbir Manak) संगीत: मिस्टर बॉब (Mr. Bob) संगीत लेबल: टी-सीरीज़ (T-Series) अपडेटेड: 2026

सनातन संस्कृति और उत्तर भारतीय लोक परंपरा में आदिशक्ति माता दुर्गा, महालक्ष्मी और महासरस्वती का आराधन अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जाता है। जगत जननी जगदम्बा का यह पावन भजन "मेरी झंडेवाली सरकार" (Meri Jhandewali Sarkar) प्रख्यात पंजाबी लोक गायक बलबीर मानक (Balbir Manak) की ओजस्वी और भावपूर्ण वाणी में गाया गया एक ऐसा उत्कृष्ट देवी गीत है, जो श्रोताओं के मन में माँ के प्रति अगाध प्रेम, समर्पण और अटूट विश्वास का संचार करता है। 'झंडेवाली सरकार' के रूप में माता रानी का यह संबोधन पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और संपूर्ण उत्तर भारत के भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। इस भजन का मूल स्वर माँ की सर्वोच्च सत्ता, उनकी न्यायप्रियता, करुणा और शरणागत-वत्सला प्रकृति का गुणगान करता है। जब एक सच्चा भक्त माँ के दरबार में अपनी अर्जी लगाता है, तो उसे लौकिक और पारलौकिक दोनों स्तरों पर परम शांति और सुरक्षा का अनुभव होता है। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में हम इस लोकप्रिय पंजाबी देवी भजन के सम्पूर्ण लिरिक्स, हिंदी भावार्थ, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और आध्यात्मिक महत्व का रसास्वादन करेंगे।

भजन के बारे में त्वरित जानकारी

यह भजन विशेष रूप से नवरात्रों, मंगलवार और शुक्रवार के जागरण, चौकी तथा माता के संकीर्तन के समय अत्यधिक श्रद्धा के साथ गाया व सुना जाता है। बलबीर मानक की अनूठी गायन शैली और मिस्टर बॉब के संगीतांकन ने इस रचना को अमर बना दिया है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

मुखड़ा (Refrain):

मेरी झंडेवाली सरकार, मैं बलिहारी जावां!
दर्श दिखा दे शेरांवाली, झोली भर के जावां!
मेरी झंडेवाली सरकार, मैं बलिहारी जावां!

पहला अंतरा (First Stanza):

ऊँचे पहाड़ां विच तेरा दरबार माँ,
भगत ज्यूं ध्याउं तेनु वार-वार माँ!
चरणों की धूल मेरे माथे का सिंगार,
तेरी महिमा गावे सारा संसार माँ!
मेरी झंडेवाली सरकार, मैं बलिहारी जावां!

दूसरा अंतरा (Second Stanza):

दुष्ट संहारिणी तू आदि भवानी,
तेरी महिमा जाने सारी दुनिया पुरानी!
जो भी दर पे आवे खाली ना जाए कोई,
झोली सब की भरती है शेरावाली रानी!
मेरी झंडेवाली सरकार, मैं बलिहारी जावां!

तीसरा अंतरा (Third Stanza):

मैया तेरे दरबार की निराली है शान,
तेरे नाम से ही होती मेरी हर पहचान!
बलबीर मानक गावे तेरी महिमा सदा,
चरणों में तेरे मेरा जीवन कुर्बान!
मेरी झंडेवाली सरकार, मैं बलिहारी जावां!

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

बलबीर मानक द्वारा रचित और स्वरबद्ध यह भजन केवल शब्दों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह एक भक्त के अंतःकरण से निकली हुई वह पुकार है जो सीधे माँ जगदम्बा के चरणों तक पहुँचती है। आइए इस पावन भजन के प्रत्येक अंश के गहन आध्यात्मिक और दार्शनिक अर्थ को समझें:

मुखड़े का भाव:

भक्त माँ को 'झंडेवाली सरकार' कहकर संबोधित करता है। 'सरकार' शब्द यहाँ सर्वोच्च प्रशासक, पालक और न्यायधीश के रूप में माँ की सार्वभौमिक शक्ति को दर्शाता है। जिसके हाथों में संपूर्ण ब्रह्मांड की व्यवस्था है, वह देवी जब लाल ध्वजा (झंडे) के साथ विराजमान होती है, तो भक्त उस पर अपना सब कुछ न्यौछावर करने यानी 'बलिहारी जाने' को तैयार रहता है। वह माँ से केवल एक ही प्रार्थना करता है कि हे शेरावाली! मुझे अपने अलौकिक दर्शन कराओ ताकि मेरी जीवन रूपी झोली आनंद और भक्ति से भर जाए।

पहाड़ों वाली माँ का दरबार और शरणागति:

सनातन परंपरा में ऊँचे पर्वतों को एकाग्रता, तपस्या और उच्च चेतना का प्रतीक माना गया है। माँ दुर्गा का निवास त्रिकूट पर्वत या ऊँचे शिखरों पर माना जाता है। भक्त कहता है कि हे माँ! तेरा दरबार पहाड़ों के बीच शोभायमान है। मैं तेरा बार-बार स्मरण और ध्यान करता हूँ। तेरे चरणों की धूल (रज) मेरे माथे का सबसे बड़ा श्रृंगार है। जब मनुष्य का अहंकार गलित होकर माँ के चरणों की धूल को अपने मस्तक से लगाता है, तब उसका वास्तविक आध्यात्मिक उत्थान आरंभ होता है।

दुष्ट संहारिणी और करुणा की मूरत:

देवी का एक स्वरूप करुणा और वात्सल्य का है, तो दूसरा स्वरूप अधर्म और बुराइयों का नाश करने वाली 'दुष्ट संहारिणी' का है। आदि भवानी के इस रूप को युगों-युगों से संपूर्ण संसार जानता और मानता आया है। भक्त का अटूट विश्वास है कि माँ के दरबार से कभी कोई निराश नहीं लौटता। जो भी सच्चे मन से अर्जी लेकर आता है, शेरावाली रानी उसकी सूनी झोली अवश्य भरती है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • लोक और भक्ति का सुंदर समन्वय: पंजाबी लोक संगीत की मिठास और उच्च कोटि के देवी भक्ति भाव का यह अनूठा संगम है।
  • मानक घराने की गायकी: बलबीर मानक की शक्तिशाली और स्पष्ट आवाज उच्चारण की शुद्धता के साथ माँ के दरबार का सजीव चित्र प्रस्तुत करती है।
  • मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा: इस भजन को सुनने से मन के भय, चिंता और नकारात्मक विचार समाप्त होते हैं तथा आंतरिक बल की प्राप्ति होती है।
  • जागरण एवं चौकी की शान: उत्तर भारत के देवी जागरणों और नवरात्रों के उत्सव में इस भजन के बिना अनुष्ठान अधूरा माना जाता है।

यदि आप अन्य प्रसिद्ध स्तुतियों का भी पाठ करना चाहते हैं, तो हमारा लेख श्री दुर्गा चालीसा पाठ एवं अर्थ अवश्य पढ़ें।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

माता रानी के भजनों का गायन किसी भी पवित्र समय किया जा सकता है, परंतु कुछ विशेष अवसरों पर इनका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है:

उत्तम समय

ब्रह्म मुहूर्त (प्रातःकाल 4 से 6 बजे) या संध्या बेला में गोधूलि वेला के समय। नवरात्रों के नौ दिनों में इसका निरंतर श्रवण विशेष फलदायी है।

पूजन विधि

माता की मूर्ति या तस्वीर के समक्ष घी का दीपक जलाकर, लाल पुष्प अर्पित कर तथा धूप प्रज्वलित करके पूर्ण तन्मयता के साथ इस भजन का गान या श्रवण करें।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / पद सरल अर्थ आध्यात्मिक संदर्भ
झंडेवाली सरकार लाल ध्वजा धारण करने वाली सर्वोच्च सत्ता माता दुर्गा का वह रूप जिसकी छत्रछाया में संपूर्ण ब्रह्मांड सुरक्षित है।
बलिहारी जावां न्यौछावर होना, समर्पण करना भक्त का अपने अहंकार को त्यागकर ईश्वर के चरणों में पूर्ण समर्पण।
दुष्ट संहारिणी अधर्म और बुराइयों का नाश करने वाली आदिशक्ति का वह रौद्र रूप जो नकारात्मक ऊर्जा और शत्रुओं का शमन करता है।
आदि भवानी सृष्टि की आदि शक्ति वह ऊर्जा जिससे संपूर्ण ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई है।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम मेरी झंडेवाली सरकार (Meri Jhandewali Sarkar)
गायक / रचनाकार बलबीर मानक (Balbir Manak)
संगीतकार मिस्टर बॉब (Mr. Bob)
संगीत लेबल टी-सीरीज़ (T-Series)
भाषा पंजाबी / हिंदी मिश्रित (लोक शैली)
भक्ति भाव समर्पण, विनय, उल्लास और माता के प्रति अगाध प्रेम
मुख्य अवसर नवरात्र, माता की चौकी, जागरण, मंगलवार और शुक्रवार पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस प्रसिद्ध पंजाबी देवी भजन के गायक और गीतकार प्रख्यात लोक कलाकार बलबीर मानक (Balbir Manak) हैं। इसका संगीत मिस्टर बॉब द्वारा तैयार किया गया है और इसे टी-सीरीज़ लेबल के तहत रिलीज़ किया गया है।

सनातन परंपरा में आदिशक्ति माता दुर्गा या वैष्णो देवी को 'झंडेवाली सरकार' के रूप में संबोधित किया जाता है, क्योंकि उनके दरबार और मंदिरों में लाल रंग की पवित्र ध्वजा (झंडा) फहराई जाती है जो उनकी विजय और संप्रभुता का प्रतीक है।

यह भजन चैत्र और शारदीय नवरात्र, माता की चौकी, जागरण, कन्या पूजन तथा मंगलवार या शुक्रवार के विशेष देवी पूजन के अवसरों पर सुनने के लिए अत्यंत शुभ और ऊर्जावान माना जाता है।

इस भजन का मुख्य संदेश माता रानी के प्रति अनन्य भक्ति, अहंकार का त्याग और यह अटूट विश्वास है कि शरण में आने वाले प्रत्येक भक्त के कष्टों का निवारण जगत जननी अवश्य करती हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री भक्तिलok के उच्च संपादकीय मानकों के तहत सनातन लोक परंपरा, संगीत इतिहास और भक्ति साहित्य के गहन अध्ययन के आधार पर तैयार की गई है। हमारा उद्देश्य पाठकों तक प्रामाणिक, सुंदर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध सामग्री पहुँचाना है।

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संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 14 Oct 2026

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