Sai Baba बुधवार विशेष (भगवान श्री गणेश व बुध देव)

लगी मन में लगन (Lagi Mann Mein Lagan Lyrics in Hindi) - Sai Baba Usha MangeshKar

साई बाबा के प्रसिद्ध भजन 'लगी मन में लगन' के बोल हिंदी में पढ़ें। उषा मंगेशकर द्वारा गाये इस भक्तिमय भजन का आनंद लें और साई भक्ति में लीन हो जाएं।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

लगी मन में लगन साई पावन की
Lagi Mann Mein Lagan Sai Paavan Ki
लगी मन में लगन साई पावन की
Lagi Mann Mein Lagan Sai Paavan Ki
पावन की गुणगावन की
Paavan Ki Gungavan Ki
पावन की गुणगावन की
Paavan Ki Gungavan Ki
लगी मन में लगन साई पावन की
Lagi Mann Mein Lagan Sai Paavan Ki
भावत नाही बिन कछु तेरे
Bhaavat Naahi Bin Kachu Tere
भावत नाही बिन कछु तेरे
Bhaavat Naahi Bin Kachu Tere
भावत नाही बिन कछु तेरे
Bhaavat Naahi Bin Kachu Tere
भावत नाही बिन कछु तेरे
Bhaavat Naahi Bin Kachu Tere
राह तकु मैं तेरे आवन की
Raah Taku Main Tere Aavan Ki
राह तकु मैं तेरे आवन की
Raah Taku Main Tere Aavan Ki
लगी मन में लगन साई पावन की
Lagi Mann Mein Lagan Sai Paavan Ki
लगी मन में लगन साई पावन की
Lagi Mann Mein Lagan Sai Paavan Ki
सुन साई बाबा मन यही चाहे
Sun Sai Baba Mann Yahi Chahe
सुन साई बाबा मन यही चाहे
Sun Sai Baba Mann Yahi Chahe
सुन साई बाबा मन यही चाहे
Sun Sai Baba Mann Yahi Chahe
सुन साई बाबा मन यही चाहे
Sun Sai Baba Mann Yahi Chahe
धूल बनू मैं तेरे आँगन की
Dhool Banu Main Tere Aangan Ki
धूल बनू मैं तेरे आँगन की
Dhool Banu Main Tere Aangan Ki
लगी मन में लगन साई पावन की
Lagi Mann Mein Lagan Sai Paavan Ki
लगी मन में लगन साई पावन की
Lagi Mann Mein Lagan Sai Paavan Ki
लगी मन में लगन साई पावन की
जाऊ कहाँ मैं तज दर तेरो
Jau Kahan Main Taj Dar Tero
जाऊ कहाँ मैं तज दर तेरो
Jau Kahan Main Taj Dar Tero
जाऊ कहाँ मैं तज दर तेरो
Jau Kahan Main Taj Dar Tero
जाऊ कहाँ मैं तज दर तेरो
Jau Kahan Main Taj Dar Tero
मर्ज़ी नहीं तेहजावन की
Marzi Nahi Tehjaavan Ki
मर्ज़ी नहीं तेहजावन की
Marzi Nahi Tehjaavan Ki
लगी मन में लगन साई पावन की
Lagi Mann Mein Lagan Sai Paavan Ki
लगी मन में लगन साई पावन की
Lagi Mann Mein Lagan Sai Paavan Ki
जीवन है साई तेरे भरोसे
Jeevan Hai Sai Tere Bharose
जीवन है साई तेरे भरोसे
Jeevan Hai Sai Tere Bharose
जीवन है साई तेरे भरोसे
तेरे भरोसे तेरे भरोसे
Tere Bharose Tere Bharose
तेरे भरोसे तेरे भरोसे
Tere Bharose Tere Bharose
आस है केवल तेरे दर्शन की
Aas Hai Keval Tere Darshan Ki
आस है केवल तेरे दर्शन की
Aas Hai Keval Tere Darshan Ki
लगी मन में लगन साई पावन की
Lagi Mann Mein Lagan Sai Paavan Ki
लगी मन में लगन साई पावन की
Lagi Mann Mein Lagan Sai Paavan Ki


संतों और ऋषियों के आध्यात्मिक इतिहास की गहरी समझ के लिए संत एवं ऋषि ज्ञानकोश अवश्य पढ़ें।

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

शिरडी के साईं बाबा को समर्पित यह भजन "लगी मन में लगन (Lagi Mann Mein Lagan Lyrics in Hindi) - Sai Baba Usha MangeshKar - Bhaktilok" सबका मालिक एक होने के सिद्धांत को प्रतिपादित करता है। साईं बाबा का जीवन काल सादगी, प्रेम, सहिष्णुता और मानवता का संदेश देता है। इस भजन की सरल पंक्तियां भक्त को सीधे बाबा के दिव्य आशीर्वाद और करुणा से जोड़ती हैं।

भजन का मुख्य भाव श्रद्धा और सबूरी (धैर्य) का है। साईं बाबा अपने भक्तों को वचन देते हैं कि जो भी उनके द्वार पर आएगा, वह कभी खाली हाथ नहीं जाएगा। बाबा की उदी (भस्म) और उनके वचनों का स्मरण ही इस भजन का सार है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

साईं बाबा के भजनों के संकीर्तन से भक्तों के मन में धर्म-जाति के भेद से ऊपर उठकर प्राणी मात्र के प्रति प्रेम की भावना जागृत होती है। बाबा की पूजा में सादगी और शुद्ध अंतःकरण का विशेष महत्त्व है।

संतों और ऋषियों के आध्यात्मिक इतिहास की गहरी समझ के लिए संत एवं ऋषि ज्ञानकोश अवश्य पढ़ें। साईं बाबा के भजन से पारिवारिक शांति प्राप्त होती है, मन के द्वेष और कलह दूर होते हैं और साधक में संतोष तथा धैर्य का विकास होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

साईं बाबा की आराधना के लिए गुरुवार का दिन विशेष रूप से फलदायी है। साईं बाबा की मूर्ति या चित्र के सम्मुख दीप जलाकर, उदी का तिलक लगाएं और श्रद्धापूर्वक भजन गाएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

शिरडी साईं बाबा की उपासना के दो मुख्य स्तंभ क्या हैं?

बाबा ने अपने भक्तों को 'श्रद्धा' (विश्वास) और 'सबूरी' (धैर्य) को जीवन का मूल आधार बनाने की शिक्षा दी थी।

साईं भजनों के संकीर्तन के लिए कौन सा दिन उत्तम है?

गुरुवार (गुरु दिवस) का दिन साईं बाबा के पूजन, व्रत और भजन संकीर्तन के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।

साईं बाबा की 'उदी' का क्या महत्त्व है?

उदी बाबा की धूनी की पवित्र भस्म है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि उदी धारण करने से शारीरिक बीमारियां और मानसिक कष्ट दूर होते हैं।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 12 Oct 2026

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