Matarani Bhajan

बड़ी प्यारी माँ तेरी चुनरिया (Badi Pyari Maa Teri Chunariya) - Matarani Latest Bhajan - Bhaktilok

86 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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बड़ी प्यारी माँ तेरी चुनरिया (Badi Pyari Maa Teri Chunariya) - Matarani Latest Bhajan - Bhaktilok

अपडेटेड: सितंबर 2022 / २०२६ गायक: प्रवीण शर्मा (Praveen Sharma) श्रेणी: माता के भजन (Matarani Bhajan)

सनातन संस्कृति में आदिशक्ति माँ दुर्गा की उपासना का अनंत महत्व है। जगत जननी जगदम्बा की आराधना के लिए संकीर्तन, स्तोत्र पाठ और माता के भजन सबसे सरल और प्रभावी माध्यम माने गए हैं। आधुनिक भक्ति संगीत की श्रृंखला में प्रस्तुत अत्यंत लोकप्रिय भजन "बड़ी प्यारी माँ तेरी चुनरिया (Badi Pyari Maa Teri Chunariya)" माँ भगवती के प्रति अनन्य प्रेम, श्रद्धा और पूर्ण शरणागति का एक अद्भुत जीवंत प्रतीक है। प्रसिद्ध गायक प्रवीण शर्मा की मधुर वाणी में तथा 'युकी' (Yuki) लेबल के अंतर्गत जारी यह भजन माता के दरबार में हाजिरी लगाने वाले प्रत्येक भक्त के हृदय को झकझोर देता है। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में हम इस पावन भजन के सम्पूर्ण लिरिक्स, शब्दार्थ, भावार्थ, गायन विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व का गहन अध्ययन करेंगे, जिससे साधक माँ शेरावाली की भक्ति में सराबोर हो सकें।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

// मखड़ा (Refrain) //

बड़ी प्यारी माँ तेरी चुनरिया,
लाल-लाल गोटे वाली सोहनी चुनरिया।
ओ मैया जी मेरे भाग जागे,
जब से मैंने दर्शन पाए माँ तेरी चुनरिया के...
बड़ी प्यारी माँ तेरी चुनरिया...

// अंतरा १ (Stanza 1) //

अंबे भवानी तूने रूप ये बनाया है,
संसार सारा तेरी महिमा को गाया है।
चरणों में तेरे आके झुकता जहाँ सारा,
तूने ही तो डूबता ये बेड़ा है तारा।
रंग रूप तेरा माँ निराला लागे,
भक्तों के मन को ये भावे चुनरिया...
बड़ी प्यारी माँ तेरी चुनरिया...

// अंतरा २ (Stanza 2) //

शेरों पे सवारी तू करके है आती,
झोली खाली सब की तू झटपट भर जाती।
सुख और दुःख में जो तेरा नाम ध्याता है,
संकट से मैया वो पार हो जाता है।
भक्तों की भीड़ में पुकारूं तुझको ऐसे,
जैसे कोई बच्चा अपनी मैया को बुलाए जैसे...
बड़ी प्यारी माँ तेरी चुनरिया...

// समापन (Ending Refrain) //

ओ मैया जी मेरे भाग जागे,
जब से मैंने दर्शन पाए माँ तेरी चुनरिया के।
जय माता दी! जय माँ शेरावाली!

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है। जब भक्त गाता है कि "बड़ी प्यारी माँ तेरी चुनरिया", तो उसका तात्पर्य केवल भौतिक चुनरी से नहीं होता, बल्कि उस दिव्य आवरण से है जो माँ की ममता का प्रतीक है।

मखड़ा का भाव: भक्त अपनी आराध्य माँ से कहता है कि हे मैया! आपकी यह लाल गोटे वाली चुनरिया अत्यंत मनमोहक और अलौकिक है। जब से मुझे आपके दर्शन प्राप्त हुए हैं और इस पावन चुनरी की छांव मिली है, ऐसा प्रतीत होता है कि मेरे सोए हुए भाग्य जाग गए हैं। यह मनुष्य जन्म की सार्थकता का प्रतीक है।

अंतर 1 का भाव: भक्त माँ के विराट स्वरूप का बखान करते हुए कहता है कि हे अंबे भवानी! आपने ही इस ब्रह्मांड की रचना की है और संपूर्ण संसार आपकी महिमा का गान कर रहा है। आपके चरणों में तीनों लोकों के देवी-देवता और ऋषि-मुनि नतमस्तक होते हैं। आपने ही अनेकों अनाथियों और भक्तों के डूबते हुए जीवन रूपी बेड़े को पार लगाया है। आपकी चुनरी का यह लाल रंग त्याग, ऊर्जा और प्रेम का प्रतीक है।

अंतर 2 का भाव: सिंह पर सवार होकर माँ अपने भक्तों के संकटों का निवारण करने त्वरित गति से आती हैं। जो भी मनुष्य सुख या दुःख की हर परिस्थिति में माता का स्मरण करता है, माँ उसकी सूनी झोली को खुशियों से भर देती हैं। यहाँ भक्त और भगवान का संबंध एक माँ और उसके अबोध शिशु जैसा दिखाया गया है, जहाँ बच्चा पूरी तरह अपनी माता पर निर्भर रहता है।

अन्य लोकप्रिय स्तोत्र और पाठ

माता की आराधना को पूर्णता प्रदान करने के लिए भक्त अक्सर विभिन्न स्तोत्रों का पाठ करते हैं। आप भी माँ की कृपा प्राप्ति के लिए पार्वती स्तोत्र और ॐ जय जगदीश हरे आरती का नियमित पाठ कर सकते हैं, जो भक्ति मार्ग को और अधिक प्रशस्त करते हैं।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

आदिशक्ति स्वरूप

यह भजन दुर्गा सप्तशती और देवी पुराण में वर्णित माँ के उस रूप का स्मरण कराता है जो अपने भक्तों के लिए अत्यंत वात्सल्यमयी और दुष्टों के लिए संहारक हैं।

शरणागति भाव

भजन में पूर्ण समर्पण (शरणागति) का भाव झलकता है। भक्त मानता है कि संसार में मैया के चरणों के सिवा कोई अन्य शरणस्थली नहीं है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

भक्ति गीतों और भजनों का प्रभाव उनके गायन के समय और आंतरिक भाव पर निर्भर करता है। इस भजन को निम्नलिखित अवसरों और विधि के अनुसार गाया जा सकता है:

  • प्रातःकाल एवं संध्याकालीन वंदना: घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करने के पश्चात माता की आरती के समय इस भजन को गुनगुनाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • नवरात्रि उत्सव: शारदीय और चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में जब माँ के विभिन्न स्वरूपों (जैसे शैल पुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा आदि) की पूजा होती है, तब यह भजन विशेष रूप से गाया जाता है।
  • माता का जागरण एवं चौकी: माता के जागरण, सत्संग या विशेष अनुष्ठान के दौरान सामूहिक संकीर्तन में इस भजन को गाने से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
  • व्रत और अनुष्ठान: मंगलवार या शुक्रवार के दिन माता संतोषी या माता दुर्गा के व्रत के दौरान इस भजन का पाठ मानसिक शांति प्रदान करता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / पदावली सरल हिंदी अर्थ आध्यात्मिक संदर्भ
चुनरिया माता का ओढ़ने वाला वस्त्र (चुनरी) माँ की कृपा, ममता और सुरक्षा का दिव्य आंचल।
गोटे वाली किनारे पर सुनहरे/चमकीले फीते से सजी दिव्य श्रृंगार और माँ के स्वरूप का अलौकिक सौंदर्य।
बेड़ा पार करना मुश्किलों से बाहर निकालना संसार रूपी भवसागर से जीव की मुक्ति।
शरणागति पूरी तरह समर्पित हो जाना अहंकार का त्याग कर माँ के चरणों में स्थान पाना।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम बड़ी प्यारी माँ तेरी चुनरिया (Badi Pyari Maa Teri Chunariya)
गायक (Singer) प्रवीण शर्मा (Praveen Sharma)
एल्बम मैया जी मेरे भाग जागे (Maiya Ji Mere Bhaag Jage)
संगीत लेबल युकी (Yuki)
श्रेणी हिंदी devotional (माता के भजन / Latest Bhakti Song)
मुख्य भाव प्रेम, वात्सल्य, शरणागति और दिव्यता
उपयुक्त अवसर नवरात्रि, माता की चौकी, जागरण, दैनिक पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस प्रसिद्ध भजन के गायक प्रवीण शर्मा (Praveen Sharma) हैं, जिन्होंने इसे अपनी अत्यंत मधुर और भावपूर्ण आवाज में गाया है।

यह भजन 'मैया जी मेरे भाग जागे' (Maiya Ji Mere Bhaag Jage) नामक लोकप्रिय भक्ति एल्बम का हिस्सा है।

सनातन धर्म में माता को समर्पित चुनरी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि उनकी ममता, करुणा, ऊर्जा और भक्तों की रक्षा करने वाले दिव्य आंचल का प्रतीक है।

इस भजन को प्रमुख भक्ति संगीत लेबल 'युकी' (Yuki) द्वारा रिलीज किया गया है।

इस भजन को नवरात्रि के दिनों में, माता के जागरण में, मंगलवार या शुक्रवार की पूजा के समय तथा प्रतिदिन प्रातःकालीन ध्यान के दौरान सुनना अत्यंत आनंददायक होता है।

हाँ, इसे किसी भी समय घर पर या मंदिर में पूरी श्रद्धा और भाव के साथ गाया या सुना जा सकता है। इससे मन को आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह पृष्ठ "संपादकीय रूप से तैयार सामग्री" नीति के अंतर्गत प्रमाणित किया गया है। इसका उद्देश्य सनातन प्रेमियों और माता के भक्तों को प्रामाणिक भजन लिरिक्स, अर्थ और आध्यात्मिक पृष्ठभूमि प्रदान करना है। सभी तथ्य पारंपरिक स्रोतों और उपलब्ध एलबम विवरण पर आधारित हैं।


स्रोत एवं संदर्भ

  • सनातन देवी उपासना एवं संकीर्तन परंपरा
  • युकी (Yuki) ऑफिशियल म्यूजिक रिलीज़ आर्काइव
  • भक्तलोक devotional archives & research data

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यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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