भक्ति काव्य व भजन मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

माता रानी के भजन (Maiya Sherowali)

पढ़ें माता रानी के भजन | आज के दिन जरूर सुनना ये भजन | Mata Rani Bhajan | Maiya Sherowali Bhajan - Bhaktilok का शुद्ध पाठ, शब्दार्थ, विस्तृत हिंदी भावार्थ, प

माता रानी के भजन न केवल संगीत की मधुर लहरियाँ हैं, बल्कि ये साक्षात शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का एक सरल और प्रभावी माध्यम हैं। भारतीय भक्ति परंपरा में 'माता रानी' का स्मरण करना आत्मिक शांति, मानसिक बल और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने का अचूक उपाय माना गया है। जब भक्त श्रद्धापूर्वक मैया शेरावाली के भजनों का गायन या श्रवण करते हैं, तो उनके हृदय में भक्ति का एक ऐसा संचार होता है जो उन्हें सांसारिक दुखों से ऊपर उठाकर दिव्य चेतना से जोड़ देता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रों, मंगलवार, शुक्रवार और किसी भी शुभ अवसर पर भक्तों को माँ की ममता और शक्ति का अनुभव कराने के लिए अत्यंत प्रभावशाली है। इस लेख में हम माता रानी के भजनों के आध्यात्मिक महत्व, उनके भावार्थ और भक्ति मार्ग में उनकी भूमिका पर विस्तृत चर्चा करेंगे।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

मुखड़ा:

ओ मैया शेरावाली, जोतां वाली, लाटां वाली,
तेरी महिमा गाऊं मैं, ओ मैया शेरावाली।
तू ही दुर्गा, तू ही काली, तू ही है जगदम्बे,
भक्तों की तू बिगड़ी बनाती, ओ मैया शेरावाली।

अंतरा 1:

पर्वत ऊपर तेरा डेरा, सिंह सवारी तेरी,
भक्तों के तू कष्ट मिटाती, माँ ममता की लहरी।
जो भी तेरे द्वार पे आता, खाली न कोई जाता,
भर देती है झोली सबकी, ओ मैया शेरावाली।

अंतरा 2:

लाल चुनरिया, सोहे मुखड़ा, माथे तिलक विराजे,
तेरे नाम की गूँज से मैया, सारा जग ये साजे।
दुष्टों का तू संहार करती, भक्तों का उद्धार करती,
तू ही है पालनहारी, ओ मैया शेरावाली।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ माँ दुर्गा के प्रति पूर्ण समर्पण है। 'शेरावाली' का अर्थ है शेर की सवारी करने वाली, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है। भक्त यहाँ माँ को 'जोतां वाली' (ज्योति स्वरूप) कहकर पुकारता है, जिसका अर्थ है कि माँ अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाती हैं। भजन की पंक्तियाँ यह स्पष्ट करती हैं कि माँ दुर्गा ही काली (संहार करने वाली) और जगदम्बे (संसार की जननी) हैं। यह भजन भक्त को यह विश्वास दिलाता है कि माँ सदैव अपने भक्तों की बिगड़ी बनाने के लिए तत्पर रहती हैं। 'पर्वत ऊपर तेरा डेरा' का भाव है कि माँ का स्थान ऊँचा है, जहाँ पहुँचने के लिए भक्त को अपने अहंकार को त्यागकर श्रद्धा के शिखर पर चढ़ना पड़ता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

यह भजन माँ दुर्गा के 'शक्ति' स्वरूप को समर्पित है। इसकी मुख्य विशेषता इसकी सरलता और लयबद्धता है, जो किसी भी सामान्य भक्त को ध्यान की अवस्था में ले जाने में सक्षम है। इसका महत्व नवरात्रों के दौरान विशेष रूप से बढ़ जाता है, जब भक्त नौ दिनों तक माँ की आराधना करते हैं। यह भजन न केवल मन को शांति प्रदान करता है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर कर सकारात्मकता का संचार भी करता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

माता रानी के भजनों को ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 4 से 6 बजे) या संध्या काल में सुनना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे आप अपनी दैनिक पूजा, नवरात्रों के अनुष्ठान, या किसी भी सत्संग के दौरान गा सकते हैं। गायन करते समय मन में माँ की छवि का ध्यान करना चाहिए और पूर्ण समर्पण के साथ शब्दों का उच्चारण करना चाहिए।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

इस भजन से हमें यह सीख मिलती है कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएं, यदि माँ पर अटूट विश्वास हो, तो सब कुछ संभव है। यह भजन हमें 'सहनशीलता', 'धैर्य' और 'निस्वार्थ सेवा' का मार्ग दिखाता है। जिस प्रकार माँ दुष्टों का संहार कर भक्तों की रक्षा करती हैं, उसी प्रकार हमें भी अपने भीतर के विकारों (क्रोध, लोभ, मोह) का नाश कर धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
शेरावाली शेर की सवारी करने वाली माँ दुर्गा का शक्ति स्वरूप
जोतां वाली ज्योति (प्रकाश) धारण करने वाली ज्ञान और चेतना की प्रतीक
जगदम्बे संसार की माता सृष्टि की जननी
संहार विनाश करना बुराई और दुष्टता का अंत

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम ओ मैया शेरावाली
आराध्य देव माँ दुर्गा (माता रानी)
मुख्य भाव समर्पण एवं भक्ति
उपयुक्त अवसर नवरात्र, मंगलवार, शुक्रवार

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  • प्रश्न: माता रानी के भजन सुनने से क्या लाभ होता है?
    उत्तर: भजन सुनने से मन को शांति मिलती है, नकारात्मक विचार दूर होते हैं और माँ की कृपा प्राप्त होती है।
  • प्रश्न: क्या घर पर माता रानी का भजन गाना शुभ है?
    उत्तर: जी हाँ, घर पर भजन गाना अत्यंत शुभ है, इससे घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बनता है।
  • प्रश्न: नवरात्रों में कौन से भजन सुनने चाहिए?
    उत्तर: नवरात्रों में माँ दुर्गा के स्तुति, चालीसा और शेरावाली माँ के भजन सुनना विशेष फलदायी होता है।
  • प्रश्न: क्या भजन के लिए किसी विशेष वाद्य यंत्र की आवश्यकता है?
    उत्तर: नहीं, भक्ति के लिए केवल शुद्ध हृदय और श्रद्धा की आवश्यकता है।
  • प्रश्न: माता रानी की पूजा में किन बातों का ध्यान रखें?
    उत्तर: पूजा में स्वच्छता, पवित्रता और पूर्ण श्रद्धा का ध्यान रखना अनिवार्य है।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री पौराणिक ग्रंथों, दुर्गा सप्तशती के भावों और पारंपरिक भक्ति साहित्य के आधार पर तैयार की गई है।

संबंधित भजन एवं लेख

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!