"बाला जी मेरा मतवाला" एक अत्यंत भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी भजन है, जो कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी (बाला जी) के प्रति भक्त के अनन्य प्रेम और पूर्ण समर्पण को व्यक्त करता है। सनातन धर्म की भक्ति परंपरा में 'मतवाला' शब्द का प्रयोग उस भक्त के लिए किया जाता है जो प्रभु के प्रेम में सुध-बुध खो चुका है और जिसे संसार की मोह-माया से अधिक अपने आराध्य की कृपा का अनुभव होता है। यह भजन न केवल एक संगीतमय प्रस्तुति है, बल्कि यह साधक के अंतर्मन को प्रभु के चरणों में लीन करने का एक सशक्त माध्यम है। सालासर और मेहंदीपुर बाला जी के भक्तों के बीच यह भजन विशेष रूप से लोकप्रिय है, जो संकटमोचन हनुमान जी की करुणा और उनकी लीलाओं का स्मरण कराता है।
सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics
(मुखड़ा)
बाला जी मेरा मतवाला, मेरा बाला जी मतवाला,
भक्तों का है रखवाला, मेरा बाला जी मतवाला।
सारे जग का है ये स्वामी, संकट हरने वाला,
बाला जी मेरा मतवाला, मेरा बाला जी मतवाला॥
(अंतरा 1)
राम काज में लीन सदा ये, प्रभु का परम पुजारी,
जिनके मन में बसते राघव, जिनकी महिमा न्यारी।
दुखियों के ये दुख हरते हैं, देते खुशियां माला,
बाला जी मेरा मतवाला, मेरा बाला जी मतवाला॥
(अंतरा 2)
अंजनी सुत बलवान बड़े हैं, शक्ति के ये सागर,
इनकी शरण में जो भी आता, हो जाता है उजागर।
भक्ति का ये दीप जलाते, मिटाते मन का ताला,
बाला जी मेरा मतवाला, मेरा बाला जी मतवाला॥
(अंतरा 3)
कलयुग में जो नाम जपेगा, उसका बेड़ा पार,
बाला जी की कृपा से होगा, जीवन का उद्धार।
भक्ति लोक में गूंज रही है, इनकी महिमा वाला,
बाला जी मेरा मतवाला, मेरा बाला जी मतवाला॥
भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth
इस भजन का भावार्थ यह है कि भक्त अपने आराध्य बाला जी को 'मतवाला' कहकर संबोधित कर रहा है। यहाँ 'मतवाला' का अर्थ मदमस्त या प्रेम में डूबा हुआ है। भक्त कहता है कि मेरे बाला जी प्रेम के सागर में इतने डूबे हुए हैं कि वे अपने भक्तों की पुकार सुनते ही दौड़े चले आते हैं। वे केवल शक्ति के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे भक्तों के रक्षक भी हैं। भजन की पंक्तियाँ स्पष्ट करती हैं कि जो व्यक्ति राम-भक्ति में लीन रहता है, उस पर हनुमान जी की कृपा स्वतः ही बरसती है। यह भजन हमें सिखाता है कि जीवन की कठिनाइयों में भी यदि हम प्रभु का नाम जपते रहें, तो बाला जी हमारे जीवन के अंधकार को मिटाकर प्रकाश भर देते हैं।
भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance
- भक्ति भाव: यह भजन 'दास्य भाव' और 'सख्य भाव' का सुंदर मिश्रण है।
- संकट मोचन: बाला जी को संकटों का नाश करने वाला माना गया है, जो इस भजन का मुख्य केंद्र है।
- मानसिक शांति: इस भजन का नियमित श्रवण मन को एकाग्र करने और नकारात्मक विचारों को दूर करने में सहायक है।
- सांस्कृतिक महत्व: यह भजन विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान मंदिरों में कीर्तन के दौरान गाया जाता है।
भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing
इस भजन को मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा के समय गाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे सुबह स्नान के पश्चात या संध्या काल में दीपक जलाकर गाना चाहिए। भजन गाते समय मन में प्रभु के प्रति पूर्ण विश्वास और श्रद्धा होनी चाहिए। आप इसे श्री हनुमान चालीसा के पाठ के उपरांत भी गा सकते हैं, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings
| शब्द | अर्थ | संदर्भ |
|---|---|---|
| मतवाला | प्रेम में मग्न | प्रभु की भक्ति में लीन |
| रखवाला | रक्षा करने वाला | भक्तों का रक्षक |
| अंजनी सुत | माता अंजनी के पुत्र | हनुमान जी का संबोधन |
| उद्धार | कल्याण/मोक्ष | संसार सागर से मुक्ति |
एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information
| भजन का नाम | बाला जी मेरा मतवाला |
|---|---|
| आराध्य देव | श्री हनुमान जी (बाला जी) |
| विषय | भक्ति एवं समर्पण |
| उपयुक्त अवसर | मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।
स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References
यह सामग्री पौराणिक ग्रंथों, हनुमान जी की स्तुति परंपराओं और लोक-भजन संग्रहों के आधार पर संकलित की गई है।
पाठकों के विचार (0)
भक्ति रस चर्चा में भाग लें