Parvati Stotram

Gauri Maa Ke Aankh Ke Taare | गौरी माँ के आँख के तारे | Ganpati Bhajan | Full Audio Song - BhaktiLok

109 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"गौरी माँ के आँख के तारे" अत्यंत ही पावन और हृदयस्पर्शी गणेश भजन है, जो भगवान गणेश के प्रति माता पार्वती के वात्सल्य और भक्त के समर्पण को एक साथ पिरोता है। सनातन धर्म में भगवान गणेश को 'विघ्नहर्ता' और 'प्रथम पूज्य' माना गया है। यह भजन न केवल गणेश जी की स्तुति है, बल्कि यह उस दिव्य संबंध को भी दर्शाता है जो एक भक्त और उसके आराध्य के बीच होता है। इस भजन का गायन विशेष रूप से गणेश चतुर्थी, बुधवार के व्रत, और किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसमें निहित भाव साधक को भक्ति के सागर में डुबो देता है और मन को एकाग्र करने में सहायक सिद्ध होता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

गौरी माँ के आँख के तारे, गणपति प्यारे-प्यारे,
सबके संकट हरने वाले, रिद्धि-सिद्धि के स्वामी प्यारे।
गौरी माँ के आँख के तारे, गणपति प्यारे-प्यारे॥

मस्तक पर सोहे तिलक सुहावन, मूषक वाहन मन को भावन,
मोदक भोग लगावे भक्त, जो भी ध्यावे पावे शक्ति।
गौरी माँ के आँख के तारे, गणपति प्यारे-प्यारे॥

प्रथम पूज्य तुम देव निराले, भक्तन के तुम कष्ट मिटाले,
संकट मोचन नाम तुम्हारा, जग में सबसे प्यारा सहारा।
गौरी माँ के आँख के तारे, गणपति प्यारे-प्यारे॥

विघ्न विनाशक तुम कहलाते, मंगल कार्य सफल कर जाते,
भक्ति भाव से जो गुण गावे, सुख-समृद्धि वो घर में पावे।
गौरी माँ के आँख के तारे, गणपति प्यारे-प्यारे॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा है। 'गौरी माँ के आँख के तारे' का अर्थ है कि भगवान गणेश माता पार्वती (गौरी) के लिए प्राणों से भी प्रिय हैं। जिस प्रकार एक माँ के लिए उसकी संतान उसकी आँखों का तारा होती है, उसी प्रकार गणेश जी समस्त भक्तों के लिए प्रकाश पुंज हैं। भजन में गणेश जी के स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा गया है कि वे रिद्धि और सिद्धि के स्वामी हैं। वे भक्तों के सभी संकटों को हरने वाले हैं। भजन का मुख्य संदेश यह है कि यदि हम सच्चे मन से गणेश जी का स्मरण करें, तो हमारे जीवन के सभी विघ्न स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि ईश्वर की शरण में जाने से ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • वात्सल्य भाव: यह भजन भगवान गणेश के प्रति माता पार्वती के वात्सल्य और भक्तों के प्रेम को प्रदर्शित करता है।
  • विघ्नहर्ता स्वरूप: गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा गया है, जो इस भजन के माध्यम से उनके संकट मोचन स्वरूप को स्थापित करता है।
  • मानसिक शांति: इस भजन का नियमित श्रवण मन की चंचलता को दूर कर एकाग्रता प्रदान करता है।
  • शुभता का प्रतीक: किसी भी नए कार्य की शुरुआत में इस भजन का गायन सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को आप प्रतिदिन सुबह की पूजा या संध्या आरती के समय गा सकते हैं। बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है, इसलिए बुधवार के दिन इस भजन का विशेष महत्व है। इसे गाते समय मन में पूर्ण श्रद्धा और गणेश जी के स्वरूप का ध्यान रखना चाहिए। यदि संभव हो, तो गणेश जी की प्रतिमा के समक्ष धूप-दीप जलाकर इसे गाएं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
आँख के तारे अत्यंत प्रिय माता पार्वती के लिए गणेश जी का प्रेम
विघ्नहर्ता बाधाओं को दूर करने वाला गणेश जी का मुख्य गुण
मूषक वाहन चूहे की सवारी करने वाले गणेश जी का वाहन
रिद्धि-सिद्धि सफलता और पूर्णता गणेश जी की पत्नियां/शक्तियां

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

गणेश जी की पूजा के लिए बुधवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है।

हाँ, भगवान गणेश प्रथम पूज्य हैं, इसलिए किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में इस भजन का गायन अत्यंत मंगलकारी होता है।

गणेश जी को मोदक और लड्डू अत्यंत प्रिय हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री भक्तिलोक के विद्वानों द्वारा संकलित की गई है। भजन के बोल और भावार्थ को पारंपरिक स्रोतों और पौराणिक संदर्भों के आधार पर तैयार किया गया है। यह लेख पाठकों की आध्यात्मिक जिज्ञासा को शांत करने और भक्ति मार्ग को सुगम बनाने के उद्देश्य से लिखा गया है। संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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