Matarani Bhajan

साँसों का एक तारा बोले (Sansoon Ka ek Tara Bole) - Vipin Sachdeva Mata Rani Bhajan Amba Bhakti - Bhaktilok

87 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

"साँसों का एक तारा बोले" भजन माता रानी की भक्ति में डूबे भक्तों के लिए एक अत्यंत प्रिय और हृदयस्पर्शी रचना है। विपिन सचदेवा जी के सुरीले स्वर में गाया गया यह भजन न केवल कानों को प्रिय लगता है, बल्कि यह जीवात्मा के परमात्मा के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक भी है। सनातन धर्म में भजन-कीर्तन को कलयुग में ईश्वर प्राप्ति का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग माना गया है। यह भजन साधक को यह स्मरण कराता है कि हमारी प्रत्येक श्वास माँ भगवती के नाम के साथ जुड़ी होनी चाहिए। इस लेख में हम इस पावन भजन के भावार्थ, इसके आध्यात्मिक महत्व और माता रानी की भक्ति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

साँसों का एक तारा बोले, मैया तेरा नाम,
मैया तेरा नाम, ओ माँ तेरा नाम।
साँसों का एक तारा बोले, मैया तेरा नाम।।

जब से मैंने तुझको पुकारा, तूने ही संभाला है,
डूब रही थी मेरी नैया, तूने ही निकाला है।
मेरे जीवन की हर धड़कन में, बसता तेरा धाम,
साँसों का एक तारा बोले, मैया तेरा नाम।।

तेरी ममता की छाया में, सारा जग ये पलता है,
तेरे दर पे आने वाला, हर दुःख अपना भूलता है।
तेरी ज्योति से रोशन है, मेरा सुबह और शाम,
साँसों का एक तारा बोले, मैया तेरा नाम।।

भटक रहा था मैं दुनिया में, तूने राह दिखाई है,
मेरी सूनी सी झोली में, खुशियाँ तूने भर आई है।
चरणों में तेरे झुक के माँ, पा लूँ मैं विश्राम,
साँसों का एक तारा बोले, मैया तेरा नाम।।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा है। भक्त यहाँ अपनी प्रत्येक श्वास को एक 'तारा' (वाद्य यंत्र) की उपमा देता है, जो निरंतर माँ के नाम का संगीत उत्पन्न कर रहा है। भक्त स्वीकार करता है कि जब वह संसार के मोह-माया में भटक रहा था, तब माँ ने ही उसे सहारा दिया और उसकी जीवन-नैया को भवसागर से पार लगाया। भजन का मुख्य संदेश 'शरणागति' है—अर्थात अपने अस्तित्व को पूरी तरह माँ के चरणों में समर्पित कर देना। जब मनुष्य की हर धड़कन में माँ का नाम बस जाता है, तो उसे संसार के दुखों का भय नहीं रहता।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति भाव: यह भजन 'दास्य' और 'सख्य' भाव का मिश्रण है, जहाँ भक्त माँ को अपना रक्षक मानता है।
  • मानसिक शांति: इस भजन का निरंतर श्रवण करने से मन की चंचलता कम होती है और एकाग्रता बढ़ती है।
  • सांस्कृतिक महत्व: नवरात्रि और माता के जागरणों में यह भजन भक्तों को भावविभोर कर देता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में या संध्या समय माँ की आरती के पश्चात गाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे गाते समय मन में माँ दुर्गा के दिव्य स्वरूप का ध्यान करना चाहिए। यदि संभव हो, तो इसे दीपक जलाकर और धूप-दीप अर्पित करने के बाद गाना चाहिए, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ संदर्भ
तारा वाद्य यंत्र का तार श्वास की निरंतरता के लिए
नैया नाव जीवन रूपी संसार सागर
विश्राम शांति/आश्रय माँ के चरणों में मोक्ष

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम साँसों का एक तारा बोले
गायक विपिन सचदेवा
विषय माता रानी की भक्ति
भाषा हिंदी
भाव पूर्ण समर्पण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. यह भजन किस देवी को समर्पित है?
यह भजन माँ दुर्गा (माता रानी) को समर्पित है।

2. क्या इसे नवरात्रि में गाया जा सकता है?
हाँ, यह नवरात्रि के दौरान माता की पूजा और जागरण में गाने के लिए सबसे उपयुक्त भजनों में से एक है।

3. विपिन सचदेवा के अन्य प्रसिद्ध भजन कौन से हैं?
विपिन सचदेवा जी ने कई प्रसिद्ध माता के भजन और आरती गाई हैं जो भक्ति संगीत में बहुत लोकप्रिय हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री। यह लेख विभिन्न भक्ति ग्रंथों और पारंपरिक भजनों के संकलन पर आधारित है।

संबंधित भजन एवं लेख

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!