Parvati Stotram

मुझको ये विश्वास है मैया I Mujhko Ye Vishwash Hai Maiya I SONU NIGAM I Hindi English Lyrics - BhaktiLok

75 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"मुझको ये विश्वास है मैया" एक अत्यंत भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी भजन है, जिसे सुप्रसिद्ध गायक सोनू निगम ने अपनी सुरीली आवाज में पिरोया है। यह भजन देवी माँ के प्रति अटूट आस्था, समर्पण और विश्वास का प्रतीक है। सनातन धर्म में माता की भक्ति को 'शक्ति उपासना' का आधार माना गया है। यह भजन उन भक्तों के लिए एक संबल है जो जीवन के कठिन समय में भी माँ की ममता और उनकी कृपा पर पूर्ण भरोसा रखते हैं। इस भजन का भाव केवल प्रार्थना नहीं, बल्कि एक जीवात्मा का अपनी आराध्या से संवाद है, जो यह स्वीकार करती है कि संसार की हर हलचल के पीछे माँ की ही इच्छा और सुरक्षा का हाथ है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

मुझको ये विश्वास है मैया,
तू ही मेरी आस है मैया।
तेरे दर पे जो भी आता है,
खाली हाथ न जाता है।

(अंतरा 1)
दुख के बादल छाए हैं,
हम घबराए हुए हैं।
तू ही राह दिखाती है,
तू ही ज्योति जलाती है।
तेरी ममता का ये वरदान है मैया,
मुझको ये विश्वास है मैया...

(अंतरा 2)
भटक रहे थे राहों में,
आ गए तेरी पनाहों में।
तूने हाथ जो थाम लिया,
जीवन को आराम दिया।
तू ही मेरी प्यास है मैया,
मुझको ये विश्वास है मैया...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मूल भाव 'शरणागति' है। भक्त कहता है कि हे माँ, मुझे पूर्ण विश्वास है कि तू ही मेरी एकमात्र आशा है। जब संसार के सारे रास्ते बंद हो जाते हैं, तब माँ का दरबार ही वह स्थान है जहाँ से कोई खाली हाथ नहीं लौटता। भजन के माध्यम से भक्त अपनी व्याकुलता को माँ के चरणों में समर्पित करता है। 'दुख के बादल' जीवन की समस्याओं के प्रतीक हैं, और माँ की 'ज्योति' उस ज्ञान और शक्ति का प्रतीक है जो अंधकार को मिटाती है। अंत में, भक्त यह स्वीकार करता है कि माँ की शरण में आने के बाद ही उसे जीवन में वास्तविक शांति और सुरक्षा का अनुभव हुआ है। यह भजन हर उस व्यक्ति के लिए है जो अपनी समस्याओं का समाधान दैवीय कृपा में ढूंढता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • अटूट विश्वास: यह भजन सिखाता है कि भक्ति में तर्क से अधिक विश्वास का महत्व है।
  • ममता का स्वरूप: देवी को केवल एक शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक ममतामयी माँ के रूप में देखा गया है।
  • मानसिक शांति: इस भजन का श्रवण करने से मन की चंचलता शांत होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • कलयुग में साधना: संकीर्तन कलयुग का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग है, जो इस भजन के माध्यम से सुलभ होता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को आप नवरात्रि के पावन दिनों में, मंगलवार या शुक्रवार को, अथवा अपनी दैनिक पूजा के समय गा सकते हैं। इसे गाते समय मन में माँ दुर्गा या अपनी कुलदेवी का ध्यान करना चाहिए। दीपक जलाकर और पुष्प अर्पित करके इसे गाने से भक्ति का भाव और अधिक गहरा हो जाता है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

यह भजन मुख्य रूप से आदि शक्ति माँ दुर्गा को समर्पित है। सनातन परंपरा में माँ दुर्गा को 'सर्वशक्तिमान' माना गया है। वे भक्तों के भय को हरने वाली और उन्हें अभय प्रदान करने वाली हैं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ
विश्वास अटूट भरोसा / आस्था
पनाह शरण / सुरक्षा
ममता माँ का प्रेम / वात्सल्य
ज्योति प्रकाश / ज्ञान का दीपक

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह भजन मुख्य रूप से माँ दुर्गा को समर्पित है, जो शक्ति और ममता की प्रतीक हैं।

हाँ, इसे घर पर पूजा या संध्या आरती के समय गाना अत्यंत शुभ और शांतिदायक है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री भक्ति लोक के विद्वानों द्वारा संकलित की गई है। भजन का भावार्थ और आध्यात्मिक व्याख्या सनातन धर्म की मान्यताओं पर आधारित है। यह "संपादकीय रूप से तैयार सामग्री" है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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