नमो नमो लिरिक्स हिंदी: केदारनाथ फिल्म का भक्तिमय संकीर्तन
भगवान शिव की महिमा का गुणगान करने वाला यह भजन 'नमो नमो' न केवल एक फिल्मी गीत है, बल्कि यह आधुनिक युग में भक्ति और समर्पण का एक अद्भुत संगम है।
सनातन धर्म में भगवान शिव को 'देवों के देव महादेव' कहा गया है। केदारनाथ फिल्म का यह भजन 'नमो नमो' भगवान शिव के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। अमित त्रिवेदी के संगीत और सुशांत सिंह राजपूत के भावपूर्ण अभिनय ने इस भजन को जन-जन के कंठ का हार बना दिया है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।
सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics
नमो नमो जी शंकरा, भोलेनाथ शंकरा
जय त्रिलोकनाथ शम्भू, हे शिवाय शंकरा
नमो नमो जी शंकरा, भोलेनाथ शंकरा
जय त्रिलोकनाथ शम्भू, हे शिवाय शंकरा
विष का प्याला नीलकंठ ने, पीया है जो विष का प्याला
कैलाशपति ने जो है, विष का प्याला पीया है
अमृत का दान दिया है, अमृत का दान दिया है
नमो नमो जी शंकरा, भोलेनाथ शंकरा...
शून्य से भी सुन्दर, सूक्ष्म से भी सूक्ष्मतर
तुम ही हो आदि, तुम ही हो अंत
तुम ही हो आदि, तुम ही हो अंत
नमो नमो जी शंकरा, भोलेनाथ शंकरा...
भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth
इस भजन का अर्थ अत्यंत गहरा है। 'नमो नमो' का अर्थ है बार-बार नमस्कार करना। भक्त यहाँ भगवान शिव को त्रिलोकनाथ (तीनों लोकों के स्वामी) कहकर संबोधित कर रहा है। 'विष का प्याला' समुद्र मंथन की उस घटना की ओर संकेत करता है जहाँ महादेव ने सृष्टि की रक्षा के लिए हलाहल विष को अपने कंठ में धारण किया था। यह भजन हमें सिखाता है कि ईश्वर ही आदि और अंत हैं, और वही हमारे जीवन के परम आधार हैं।
भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व
यह भजन भगवान शिव के 'नीलकंठ' स्वरूप की स्तुति करता है। इसकी विशेषता इसकी सरलता और लयबद्धता है, जो किसी भी सामान्य व्यक्ति को शिव भक्ति में लीन करने में सक्षम है। यह भजन विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन के सोमवार और केदारनाथ यात्रा के दौरान अत्यंत लोकप्रिय है।
भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि
इस भजन को आप अपनी दैनिक पूजा के समय, विशेषकर सोमवार के दिन या शिव मंदिर में बैठकर सुन सकते हैं। इसे गाते समय मन में शिव के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव रखें।
भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि
यह भजन फिल्म 'केदारनाथ' (2018) के लिए लिखा गया था। इसके गीतकार अमिताभ भट्टाचार्य हैं और संगीत अमित त्रिवेदी ने दिया है। यह भजन केदारनाथ धाम की महिमा और वहां के वातावरण को ध्यान में रखकर रचा गया है।
भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| नमो | नमस्कार |
| त्रिलोकनाथ | तीनों लोकों के स्वामी |
| नीलकंठ | जिनका कंठ नीला हो (शिव) |
| सूक्ष्मतर | अत्यंत छोटा |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
नमो नमो भजन के गायक कौन हैं?
इस भजन को अमित त्रिवेदी ने अपनी सुरीली आवाज में गाया है।
यह भजन किस देवता को समर्पित है?
यह भजन भगवान शिव (महादेव) को समर्पित है।
क्या इस भजन को घर पर गाया जा सकता है?
हाँ, इसे आप घर पर पूजा या ध्यान के समय श्रद्धापूर्वक गा सकते हैं।
केदारनाथ यात्रा के दौरान इस भजन का क्या महत्व है?
यह भजन केदारनाथ की महिमा को दर्शाता है, इसलिए तीर्थयात्रियों के बीच यह अत्यंत प्रिय है।
शिव भक्ति के लिए अन्य कौन से स्तोत्र पढ़ें?
आप शिव तांडव स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं जो अत्यंत प्रभावशाली है।
क्या यह भजन सावन के महीने में सुनना शुभ है?
जी हाँ, सावन का महीना शिव को समर्पित है और इस दौरान यह भजन सुनना बहुत फलदायी माना जाता है।
इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना ही इस भजन का मुख्य संदेश है।
क्या इस भजन के बोल कठिन हैं?
नहीं, इसके बोल बहुत ही सरल और हृदयस्पर्शी हैं, जिन्हें आसानी से याद किया जा सकता है।
संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।
स्रोत एवं संदर्भ
यह जानकारी फिल्म 'केदारनाथ' के आधिकारिक संगीत एल्बम और पौराणिक संदर्भों पर आधारित है।
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