Parvati Stotram

अति सुन्दर प्रार्थना इतनी शक्ति हमें देना दाता भजन इन हिंदी लिरिक्स

86 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"इतनी शक्ति हमें देना दाता" एक अत्यंत प्रेरणादायक और भक्तिपूर्ण प्रार्थना है, जो न केवल ईश्वर के प्रति समर्पण का भाव जगाती है, बल्कि मनुष्य को नैतिक बल और आत्मिक शक्ति प्रदान करने का मार्ग भी दिखाती है। यह प्रार्थना हमें सिखाती है कि जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी हमें सत्य, धैर्य और परोपकार के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। इस भजन का मुख्य भाव 'विनय' और 'आत्म-सुधार' है, जहाँ भक्त अपने आराध्य से संसार की मोह-माया से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने की शक्ति मांगता है। यह प्रार्थना विशेष रूप से विद्यालयों, प्रार्थना सभाओं और सत्संगों में गाई जाती है, क्योंकि इसके शब्द हर आयु वर्ग के व्यक्ति के अंतर्मन को झंकृत करने की क्षमता रखते हैं।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमज़ोर हो ना।
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना।

इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमज़ोर हो ना।
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना।

दूर अज्ञान के हों अंधेरे, तू हमें ज्ञान की रोशनी दे।
हर बुराई से बचते रहें हम, जितनी भी दे, भली ज़िंदगी दे।
बैर हो ना किसी का किसी से, भावना मन में बदले की हो ना।
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना।

हम न सोचें हमें क्या मिला है, हम ये सोचें किया क्या है अर्पण।
फूल खुशियों के बाँटे सभी को, सबका जीवन ही बन जाए मधुबन।
अपनी करुणा को जब तू बहाए, कर दे पावन हर एक मन का कोना।
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना।

इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमज़ोर हो ना।
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस प्रार्थना का भावार्थ अत्यंत गहरा है। भक्त ईश्वर से प्रार्थना करता है कि हे प्रभु, मुझे इतनी मानसिक और आत्मिक शक्ति प्रदान करें कि मेरा आप पर बना हुआ विश्वास कभी डगमगाए नहीं। जीवन के उतार-चढ़ाव में मनुष्य अक्सर भटक जाता है, इसलिए वह ईश्वर से 'नेक रास्ते' (सत्य और धर्म के मार्ग) पर चलने की याचना करता है।

भजन की दूसरी पंक्ति में 'अज्ञान के अंधेरे' को मिटाने की बात कही गई है, जो विवेक और ज्ञान का प्रतीक है। भक्त कहता है कि जीवन में बुराइयों से दूर रहकर एक 'भली ज़िंदगी' जीना ही सबसे बड़ा वरदान है। 'बैर' और 'बदले की भावना' का त्याग करना ही सच्ची मानवता है। अंत में, यह भजन 'स्वार्थ' से ऊपर उठकर 'परोपकार' की भावना को प्रेरित करता है। हम क्या पा रहे हैं, इसके बजाय हम समाज और ईश्वर को क्या दे रहे हैं, यही जीवन का वास्तविक उद्देश्य है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • नैतिकता का पाठ: यह भजन बच्चों और युवाओं में नैतिक मूल्यों के विकास के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
  • आत्म-चिंतन: यह हमें अपने कर्मों का विश्लेषण करने और दूसरों के प्रति दया भाव रखने की प्रेरणा देता है।
  • सर्व-धर्म समभाव: इसमें किसी विशेष संप्रदाय की नहीं, बल्कि मानवता और ईश्वर के प्रति सार्वभौमिक प्रेम की बात की गई है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को प्रतिदिन प्रातःकाल की प्रार्थना (Morning Prayer) के समय गाना सबसे उत्तम माना जाता है। इसे आप अपने घर के पूजा स्थल पर, किसी भी धार्मिक आयोजन में या सामूहिक सत्संग में गा सकते हैं। इसे गाते समय मन में शांति और ईश्वर के प्रति पूर्ण शरणागति का भाव होना अनिवार्य है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ
दाता देने वाला (ईश्वर)
नेक सत्य, अच्छा, धर्मपूर्ण
अज्ञान अंधकार, अविद्या
अर्पण समर्पण, भेंट
मधुबन सुंदर बगीचा (प्रेम और शांति का प्रतीक)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इतनी शक्ति हमें देना दाता भजन के रचयिता कौन हैं?

यह भजन प्रसिद्ध फिल्म 'अंकुश' (1986) का है, जिसे अभिलाष जी ने लिखा था और संगीत कुलदीप सिंह ने दिया था।

क्या यह भजन किसी विशेष देवता के लिए है?

नहीं, यह एक सार्वभौमिक प्रार्थना है जो निराकार ईश्वर को समर्पित है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री। यह भजन भारतीय संस्कृति में प्रार्थनाओं का एक अभिन्न अंग बन चुका है। इसके भावों को समझने के लिए भक्ति मार्ग के महत्व और प्रार्थना के प्रभाव पर हमारे लेख पढ़ें।

स्रोत एवं संदर्भ

यह सामग्री पारंपरिक भक्ति साहित्य और जन-मानस में प्रचलित प्रार्थनाओं के संकलन पर आधारित है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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