प्रस्तावना एवं परिचय
मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन
शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा शुभ मुहूर्त">दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।
सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची भजन इन हिंदी लिरिक्ससर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची ,
कंठी झलके माल मुकताफळांची ,
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ,
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति ,
जय देव जय देव ,
एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि लिरिक्स ( Ekdantay Vakrtunday Gouritanyay Lyrics in Hindi ) - भक्ति लोक
गणेश मंत्र :ॐ गन गणपतए नमो नमः श्री सिद्धि विनायक नमो नमः लिरिक्स ( Om Ganpataye Namo Namh Lyrics in Hindi )
घर में पधारो गजानन जी - भजन (Ghar Me Padharo Gajanan Ji Lyrics in Hindi
रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा ,
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा ,
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा ,
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया ,
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ,
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति ,
जय देव जय देव ,
लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना ,
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना ,
दास रामाचा वाट पाहे सदना ,
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना ,
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति ,
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति ,
जय देव जय देव ,
शेंदुर लाल चढायो अच्छा गजमुख को ,
दोन्दिल लाल बिराजे सूत गौरिहर को ,
हाथ लिए गुड लड्डू साई सुरवर को ,
महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पद को ,
जय जय जय जय जय ,
जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता ,
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता ,
जय देव जय देव ,
अष्ट सिधि दासी संकट को बैरी ,
विघन विनाशन मंगल मूरत अधिकारी ,
कोटि सूरज प्रकाश ऐसे छबी तेरी ,
गंडस्थल मद्मस्तक झूल शशि बहरी ,
जय जय जय जय जय ,
जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता ,
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता ,
जय देव जय देव ,
भावभगत से कोई शरणागत आवे ,
संतति संपत्ति सबही भरपूर पावे ,
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे ,
गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे ,
जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता ,
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता ,
जय देव जय देव ,
Credits:
Music: Amol Dangi
Mix & Master: Amol Dangi
Cinematography & Edit: Sourav Roy
Asst. Camera: Amitabha Naskar
Production: Jackson Records
Art & Graphics: HueNi Studio
Promo & Digital Marketing: Incfrog
Special thanks to:
Shri Sidhivinayak Devasthaanam, Kolkata.
ganesh mantraएकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि लिरिक्स ( Ekdantay Vakrtunday Gouritanyay Lyrics in Hindi ) - भक्ति लोक
गणेश मंत्र :ॐ गन गणपतए नमो नमः श्री सिद्धि विनायक नमो नमः लिरिक्स ( Om Ganpataye Namo Namh Lyrics in Hindi )
गणेश मंत्र ॐ गन गणपतए नमो नमः श्री सिद्धि विनायक नमो नमः लिरिक्स ( Ganesh Mantra Om Ganpataye Namo Namh Lyrics in Hindi ) - भक्ति लोक
मन्त्र और उनके लाभ ( Mantra Aur Unake Labh )
स्त्रोत और मंत्र जाप के लाभ ( Strot Aur Mantra Jaap Ke Labh )
स्त्रोत और मंत्र में क्या अंतर होता है ( Strot aur Mantra Me Kya Antar Hota Hai ) ?
साझा करें:
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन " सुख करता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची भजन इन हिंदी लिरिक्स" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।
भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।
�� अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।
भजनों को गाने की सही विधि क्या है?भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।
क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।
पाठकों के विचार (0)
भक्ति रस चर्चा में भाग लें