भक्ति काव्य व भजन मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

वो तो भूता का से थानेदार बाला जी भजन इन हिंदी लिरिक्स

पढ़ें वो तो भूता का से थानेदार बाला जी भजन इन हिंदी लिरिक्स का शुद्ध पाठ, शब्दार्थ, विस्तृत हिंदी भावार्थ, पूजा विधि एवं आध्यात्मिक महत्व भक्तिलोक पर।

हनुमान जी के अनन्य भक्त और मेहंदीपुर बालाजी के उपासक इस भजन 'वो तो भूता का से थानेदार बाला जी' को अत्यंत श्रद्धा और विश्वास के साथ गाते हैं। यह भजन न केवल संकटमोचन हनुमान जी की शक्ति का गुणगान करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे बालाजी महाराज अपने भक्तों के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा, बाधाओं और दुखों का निवारण करते हैं। मेहंदीपुर बालाजी धाम की महिमा को समर्पित यह भजन भक्तों के मन में अटूट विश्वास जगाता है कि जहाँ बालाजी का नाम है, वहाँ किसी भी प्रकार का भय या कष्ट नहीं टिक सकता।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

वो तो भूता का से थानेदार बाला जी,
कष्ट मिटावे बाला, भूत भगावे,
राह भगता ने भव से निकाल बाला जी,
वो तो भूता का से थानेदार बाला जी॥

जाओ मेहंदीपुर जाओ, जाके अर्ज लगाओ,
ओपरी पराई थारी मिटावे बाला जी,
जो तो भगता ने करे मालामाल बाला जी,
वो तो भूता का से थानेदार बाला जी॥

बाँध के हाथ पैर, कूटे से भूता ने,
भागे ते न भूत, भगतो खाए बिना जूता ने,
बाला जी सरदार म्हारा, करे गा जुगाड़,
सारे भूता ने कैद में डाले बाला जी,
वो तो भूता का से थानेदार बाला जी॥

सारे भगता के बाबा, बेड़े पार लावे से,
दुःख हारे भगता ने, गले से लगावे से,
यु तो करते कमाल, बाबा राखा सबका ख्याल,
नैया भगता की पार लगावे बाला जी,
वो तो भूता का से थानेदार बाला जी॥

सतावे जो भूत तने, बाला जी जाइयो रे,
बाला जी के चरणों में, अर्जी लगाइयो रे,
इक बाला का सहारा, पार करदे बेडा थारा,
जाके सवा मणि भेट चड़ाए बाला जी,
वो तो भूता का से थानेदार बाला जी॥

चेहल दीवाने कभी, चक्र में पड़ीयो न,
साने और ढोंगियों में, विश्वाश करियो न,
म्हारा बाबा मत वाला, भगता का रखवाला,
सारे भूत से पानी भरावे बाला जी,
जो तो भगता ने करे माला माल बाला जी॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मुख्य भाव हनुमान जी के 'संकटमोचन' स्वरूप की स्तुति करना है। 'थानेदार' शब्द यहाँ एक रूपक (Metaphor) के रूप में प्रयोग किया गया है, जो यह दर्शाता है कि जिस प्रकार एक थानेदार अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखता है और अपराधियों को दंड देता है, उसी प्रकार बालाजी महाराज नकारात्मक शक्तियों (भूत-प्रेत, बाधाएं) को नियंत्रित करते हैं और अपने भक्तों की रक्षा करते हैं।

भजन में मेहंदीपुर बालाजी धाम की महिमा का वर्णन है, जहाँ भक्त अपनी अर्जी लेकर जाते हैं। यह भजन सिखाता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना और बालाजी के चरणों में समर्पण से बड़े से बड़ा कष्ट दूर हो जाता है। इसमें ढोंगियों से बचने और केवल बालाजी पर अटूट विश्वास रखने का संदेश भी निहित है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • संकटमोचन स्वरूप: यह भजन हनुमान जी के उस स्वरूप को दर्शाता है जो दुष्ट शक्तियों का विनाश करने वाले हैं।
  • मेहंदीपुर धाम की महिमा: राजस्थान स्थित मेहंदीपुर बालाजी के प्रति भक्तों की आस्था को यह भजन स्वर देता है।
  • विश्वास का प्रतीक: यह भजन नकारात्मक ऊर्जा से ग्रसित लोगों को सकारात्मकता और सुरक्षा का अनुभव कराता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को मंगलवार और शनिवार के दिन विशेष रूप से गाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। हनुमान जी की पूजा के समय, दीपक जलाकर और सिंदूर का तिलक लगाकर इस भजन का पाठ करना चाहिए। इसे आप श्री हनुमान चालीसा के पाठ के बाद भी गा सकते हैं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
थानेदार रक्षक/नियंत्रक नकारात्मक शक्तियों को नियंत्रित करने वाले
ओपरी पराई नकारात्मक ऊर्जा/तंत्र-मंत्र बाहरी बाधाएं
सवा मणि विशेष भोग बालाजी को अर्पित किया जाने वाला प्रसाद
अर्जी प्रार्थना बालाजी के समक्ष अपनी समस्या रखना

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम वो तो भूता का से थानेदार बाला जी
देवता श्री हनुमान (बालाजी)
मुख्य भाव भक्ति, सुरक्षा, विश्वास
उपयुक्त अवसर मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह भजन भगवान श्री हनुमान जी के 'बालाजी' स्वरूप को समर्पित है।

मेहंदीपुर बालाजी को नकारात्मक शक्तियों और ऊपरी बाधाओं से मुक्ति दिलाने वाला सिद्ध स्थान माना जाता है।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री पारंपरिक भक्ति गीतों और मेहंदीपुर बालाजी धाम की लोक मान्यताओं पर आधारित है।

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संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 10 Oct 2026

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